पति ने डॉक्टर पर लगाया लापरवाही का आरोप

Updated at : 08 Aug 2017 3:47 AM (IST)
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पति ने डॉक्टर पर लगाया लापरवाही का आरोप

अनदेखी. सदर अस्पताल में प्रसूता की प्रसव के दौरान मौत सदर अस्पताल में प्रसूता की मौत हो गयी. परिजनों ने चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाया है. वहीं डॉक्टर ने आरोप को बेबुनियाद बताया है. साहिबगंज : बोरियो प्रखंड के अप्रौल गांव निवासी रोजगार सेविका सुनीता मुर्मू की प्रसव के दौरान रविवार की रात्रि मौत […]

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अनदेखी. सदर अस्पताल में प्रसूता की प्रसव के दौरान मौत

सदर अस्पताल में प्रसूता की मौत हो गयी. परिजनों ने चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाया है. वहीं डॉक्टर ने आरोप को बेबुनियाद बताया है.
साहिबगंज : बोरियो प्रखंड के अप्रौल गांव निवासी रोजगार सेविका सुनीता मुर्मू की प्रसव के दौरान रविवार की रात्रि मौत हो गयी. वहीं सुनीता के पति देवगुरू हेंब्रम ने डॉक्टर पर ही लापरवाही का आरोप लगाया है. जानकारी के अनुसार बोरियो प्रखंड के बोरियो संथाली में पदस्थापित रोजगार सेविका सुनीता मुर्मू रविवार को प्रसव पीड़ा होने पर साहिबगंज स्थित सदर अस्पताल लाया गया था. जिसकी जांच के बाद रात्रि करीब आठ बजे महिला को ऑपरेशन कर प्रसव कराया गया. बताया जाता है कि ऑपरेशन थियेटर में ले जाते समय महिला को 105 डिग्री बुखार था, फिर भी डॉक्टर ने ऑपरेशन कर दिया गया. ऑपरेशन के समय ही महिला की हालत गड़बड़ थी.
मौके पर मौजूद डॉक्टर ने हाट बीट की जांच की तो कुछ क्षणों के लिए डॉक्टर के होश उड़ गये, मरीज का हार्ट बीट उस 30 चल रहा था. महिला के ऑपरेशन के बाद सभी डॉक्टर अपने-अपने घर चले गये. लेकिन महिला की आधे घंटे बाद स्थिति गड़बड़ा गयी. इस पर अस्पताल में तैनात कर्मियों ने फोन कर डॉक्टरों को बुलाया. मौके पर दोनों डॉक्टर पहुंचे महिला को देख दोनों के पसीने छूटने लगे. आनन-फानन में बेहोशी वाले डॉक्टर ने उसे फटाफट दो इंजेक्शन लगा दिया और कुछ ही क्षणों में सुनीता की मौत हो गयी.
सुनीता को नहीं मिला था मातृत्व अवकाश
बोरियो संथाली में पदस्थापित महिला रोजगार सेवक सुनीता मुर्मू गर्भवती थी. उसका आखिरी माह चल रहा था लेकिन उसे मातृत्व अवकाश विभाग द्वारा नहीं दिया गया. आखिर में सुनीता ने जबरन अपने पति के हाथ सात दिन की ड्यूटी नहीं आने का आवेदन बोरियो बीडीओ को भेज दी.
आर्थिक समस्या से जूझ रही थी सुनीता
सुनीता मुर्मू पिछले छह माह से आर्थिक तंगी से जूझ रही थी. इसी क्रम में वह गर्भवती भी हो गयी. जिसमें खासकर पैसे की ज्यादा जरूरत पड़ता है परंतु उसे चार माह से वेतन नहीं दिया गया था. इस कारण व अपना समुचित इलाज नहीं करा सकी.
पहले से ही उसकी हालात सही नहीं थी. रेफर की बात कहने पर आर्थिक तंगी की बात बतायी गयी थी.
डॉ पुष्पम भारती, चिकित्सक, सदर अस्पताल, साहिबगंज
क्या कहते हैं बीडीओ
सुनीता यदि कुछ बताती तो उसे हर संभव मदद किया जाता. तकनीकी कारणों से चार माह से उसे वेतन नहीं दिया गया. मातृत्व अवकाश के संबंध में भी रोजगार सेविका का मातृत्व अवकाश का गाइड लाइन प्राप्त नहीं है.
आशीष मंडल, बीडीओ, बोरियो
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