डोभा निर्माण में साहिबगंज जिला पिछड़ा

Updated at : 23 Jul 2017 4:56 AM (IST)
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डोभा निर्माण में साहिबगंज जिला पिछड़ा

उदासीनता . लक्ष्य 5101, लेकिन अब तक महज 2500 डोभा का ही हुआ निर्माण डोभा निर्माण में साहिबगंज जिला पिछड़ता जा रहा है. इसके कारण जिले में धीमी गति डोभा निर्माण और इस ओर किसानों की रुचि नहीं लिया जाना भी है. पहले से मनरेगा में चल रही कमीशनखोरी भी संभवत: डोभा के निर्माण पर […]

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उदासीनता . लक्ष्य 5101, लेकिन अब तक महज 2500 डोभा का ही हुआ निर्माण

डोभा निर्माण में साहिबगंज जिला पिछड़ता जा रहा है. इसके कारण जिले में धीमी गति डोभा निर्माण और इस ओर किसानों की रुचि नहीं लिया जाना भी है. पहले से मनरेगा में चल रही कमीशनखोरी भी संभवत: डोभा के निर्माण पर असर डाल रहा है.
साहिबगंज : साहिबगंज जिले में डोभा निर्माण का कार्य धीमी गति से चल रहा है. दूसरे फेज में छह हजार डोभा निर्माण का लक्ष्य राज्य सरकार से हासिल होने के बाद जिले को 5101 डोभा निर्माण की स्वीकृति मिली है. इसमें से अब तक महज 2500 डोभा का ही निर्माण हो सका है. झारखंड के अन्य जिलों की तुलना में साहिबगंज जिला डोभा निर्माण में पिछड़ता जा रहा है. हालांकि जिला प्रशासन की ओर से मशीन से काम न कराने की सख्ती एवं कम मजदूरी मिलने के कारण यह स्थिति उत्पन्न होने का कारण बताया जा रहा है.
क्यों नहीं बन पा रहा डोभा : खेतों में डोभा निर्माण कराने में किसान रुचि नहीं दिखा रहे. इसके अलावा प्रशासनिक इच्छाशक्ति की कमी एवं अपेक्षित जागरूकता कार्यक्रम नहीं होना भी बताया जा रहा है. अमूमन जिले के सभी प्रखंडों के किसान पहले बने डोभा की बात बता कर कहते है कि इसके लिये जमीन देकर बरबाद नहीं करना है. वे लोग वर्षा जल से ही अपनी खेती करके खुश हैं. डोभा निर्माण जिस प्रक्रिया के तहत किया जाता है या जितनी खुदाई या घेराबंदी का काम करना है वैसा काम शायद ही कहीं हो पाता है. पहले से मनरेगा में चल रही कमीशनखोरी का असर अब भी देखने को मिल रहा है. हालांकि प्रशासन कार्रवाई भी कर रहा है. पिछले दिनों हुई दिशा की बैठक में भी जन प्रतिनिधियों ने डोभा के बदले शेड एवं चबूतरा के निर्माण पर जोर दिया है.
जिले में सरकार से 5101 डोभा है स्वीकृत
डोभा खुदाई में किसान नहीं दिखा रहे दिलचस्पी
जिले में डोभा का निर्माण चल रहा है. हालांकि कई कारणों से गति धीमी है. अन्य जिलों की तुलना में जिला पीछे है. परंतु इस बात पर सख्ती बरती जा रही है कि कहीं भी जेसीबी का प्रयोग डोभा निर्माण में न हो. अगर कहीं से ऐसी शिकायत आती है तो कड़ी कार्रवाई की जायेगी. डोभा निर्माण की स्वीकृति के अनुसार पूरा कराने का प्रयास जिला प्रशासन कर रहा है.
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