Ranchi News : महिलाएं इतिहास के निर्माण में अहम भूमिका निभायें : राज्यपाल

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Ranchi News : महिलाएं केवल इतिहास का हिस्सा नहीं बनें, बल्कि इतिहास के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभायें. भारत के इतिहास में महिलाओं का योगदान प्रेरणादायक रहा है.

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रांची. महिलाएं केवल इतिहास का हिस्सा नहीं बनें, बल्कि इतिहास के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभायें. भारत के इतिहास में महिलाओं का योगदान प्रेरणादायक रहा है. महिलाओं ने हमेशा समाज को दिशा देने में अहम भूमिका निभायी है. उक्त बातें राज्यपाल सह कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार ने कहीं. राज्यपाल शनिवार को अखिल भारतीय महिला इतिहासकारों के दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का उदघाटन कर रहे थे. इसका विषय भारतीय इतिहास लेखन में महिला विमर्श है.

महिलाओं के योगदान को इतिहास में उचित स्थान दिलायें

इसका आयोजन अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना, कला-संस्कृति, पुरातत्व, पर्यटन, खेलकूद और युवा कार्य मंत्रालय, झारखंड सरकार, भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद, नयी दिल्ली तथा रांची विवि पीजी इतिहास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया गया है. मौके पर राज्यपाल ने आगे कहा कि भारत सहित झारखंड की महान महिलाओं के योगदान को इतिहास में उचित स्थान दिलाना हमारी जिम्मेदारी है. आधुनिक महिला इतिहासकार महिलाओं की भूमिका को नये दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत करने का कार्य कर रही हैं.

किसी भी विषय में शोध होना आवश्यक

रांची विवि के कुलपति डॉ अजीत कुमार सिन्हा ने कहा कि किसी भी विषय को गहराई से जानने के लिए उस पर शोध होना जरूरी है. इस सेमिनार की प्रोसिडिंग का संकलन कर इसे किताब का रूप दिया जायेगा, ताकि शोधार्थी को मदद मिल सके. महिला इतिहास परिषद की अध्यक्ष डॉ सुष्मिता पांडेय ने कहा कि इस सेमिनार का खास मकसद महिलाओं में छुपी प्रतिभा को बाहर लाना है. 80 के दशक में महिला इतिहास लेखन में विकृति आयी है और अब स्थिति बदल रही है. इतिहास में बिना शोध के हम किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकते हैं.

झारखंड में दस्तावेजीकरण

जरूरी

इससे पूर्व रांची विवि की इतिहास विभागाध्यक्ष डॉ सुजाता सिंह ने कहा कि झारखंड में दस्तावेजीकरण जरूरी है. झारखंड अभिलेखाकार की स्थापना सहित झारखंड विधानसभा लाइब्रेरी को और सुदृढ़ करने की आवश्यकता है. संचालन ममता और मनीषा ने संयुक्त रूप से किया. इस अवसर पर राष्ट्रीय संगठन सचिव डॉ बालमुकुंद पांडेय, विनोद नारायण, डॉ स्मृति सिंह, डॉ प्रकाश कुमार झा, हेमंत सिंह मजूमदार, डॉ गोपाल सहित देश के विभिन्न राज्यों से आये इतिहासकार, रांची विवि के सेवानिवृत्त व कार्यरत इतिहास शिक्षक, शोधाथी व विद्यार्थी उपस्थित थे. इस अवसर पर चार पुस्तकों और विभाग में आयोजित विभिन्न संगोष्ठी की प्रोसिडिंग का विमोचन किया गया. उदघाटन के बाद तकनीकी सत्र का भी आयोजन किया गया.

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