Uttarakhand Disaster Latest Update : 2013 में उत्तराखंड त्रासदी में गायब हुए गुमला के 17 लोग अबतक नहीं मिले, थक हार कर परिजनों ने गायब हुए लोगों को मान लिया मृत

Updated at : 10 Feb 2021 2:12 PM (IST)
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Uttarakhand Disaster Latest Update : 2013 में उत्तराखंड त्रासदी में गायब हुए गुमला के 17 लोग अबतक नहीं मिले, थक हार कर परिजनों ने गायब हुए लोगों को मान लिया मृत

Chamoli: Rescue operations underway after a glacier broke off in Joshimath causing a massive flood in the Dhauli Ganga river, in Chamoli district of Uttarakhand, Sunday, Feb. 7, 2021. (PTI Photo)(PTI02_07_2021_000220B)

अभी तक इन 17 लोगों का कोई सुराग नहीं है. परिवार के लोगों ने अब इन सभी 17 लोगों को मृत मान लिया है. इसी घटना में गुमला शहर के व्यवसायी दिलीप मंत्री व उनकी पत्नी भी गायब हो गये थे, जिनका अब तक कोई सुराग नहीं है. स्व दिलीप मंत्री के पुत्र विवेक मंत्री उत्तराखंड की घटना को याद कर भावुक हो जाते हैं.

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uttarakhand disaster news update, impact of uttarakhand floods 2013 गुमला : उत्तराखंड के चमोली जिले में ग्लेशियर टूटने से त्रासदी हुई है. इस घटना ने 2013 की घटना को पुन: याद कर दिया. इसी साल उत्तराखंड में भीषण त्रासदी हुई थी. उस समय गुमला जिले के दिलीप कुमार मंत्री के परिवार के 17 लोग त्रासदी के शिकार हुए थे. सभी लोग तेज बहाव में बह गये थे.

अभी तक इन 17 लोगों का कोई सुराग नहीं है. परिवार के लोगों ने अब इन सभी 17 लोगों को मृत मान लिया है. इसी घटना में गुमला शहर के व्यवसायी दिलीप मंत्री व उनकी पत्नी भी गायब हो गये थे, जिनका अब तक कोई सुराग नहीं है. स्व दिलीप मंत्री के पुत्र विवेक मंत्री उत्तराखंड की घटना को याद कर भावुक हो जाते हैं.

विवेक ने प्रभात खबर के साथ अपनी बात साझा की. उन्होंने बताया कि उनके पिता दिलीप कुमार मंत्री व मां बेला देवी उत्तराखंड के केदारनाथ जून 2013 में गये थे. मेरे अन्य 17 रिश्तेदार भी गये हुए थे. त्रासदी में उनके माता-पिता समेत 17 लोगों का आज तक कुछ भी पता नहीं चल पाया. जबकि इस त्रासदी में संबलपुर निवासी उसके मामा सूरज रतन राठी व मौसा कोलकाता निवासी विनोद मंत्री ने किसी प्रकार अपनी जान बचायी थी.

इस घटना के वक्त सूरज रतन व विनोद मंत्री ने अपने परिजनों को बताया था कि मात्र दो मिनट में सभी अपने हमारे आंखों के सामने बह गये थे. विवेक ने बताया कि इस घटना ने उसे झकझोर के रख दिया था. अपने माता-पिता समेत परिजनों को खोजने के लिए काफी प्रयास किया, परंतु कुछ पता नहीं चल पाया. सात फरवरी 2021 को हुई घटना को लेकर विवेक ने पूर्व की त्रासदी को याद कर कहा कि इस प्रकार की घटना से दिल दहल जाता है.

Posted By : Sameer Oraon

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