Ranchi News : महिला पादरियों के 25 वर्षीय जुबली समारोह का उदघाटन

जीइएल चर्च के महिला पादरियों का 25 वर्षीय जुबली समारोह बुधवार से शुरू हुआ. समारोह की शुरुआत गोस्सनर कंपाउंड में चर्च ऑफिस के पास स्मरण पत्थर के अनावरण से हुई.
रांची. जीइएल चर्च के महिला पादरियों का 25 वर्षीय जुबली समारोह बुधवार से शुरू हुआ. समारोह की शुरुआत गोस्सनर कंपाउंड में चर्च ऑफिस के पास स्मरण पत्थर के अनावरण से हुई. इस स्मरण पत्थर में जीइएल चर्च के सभी डायसिसों की महिला पादरियों के नाम अंकित किये गये हैं. अनावरण मॉडरेटर बिशप मार्शल केरकेट्टा, जर्मनी से आयी महिला पादरी रेव्ह उर्सुला हेकर, डिप्टी मॉडरेटर बिशप मुरेल बिलुंग, बिशप सीमांत तिर्की, बिशप एमएस मंजर, बिशप लोलस मिंज, बिशप दीपक केरकेट्टा, बिशप जोनस लकड़ा सहित अन्य उपस्थित थे. इस दौरान प्रार्थना के समय मॉडरेटर बिशप मार्शल केरकेट्टा ने कहा कि यह आपकी सफलता की 25वीं वर्षगांठ हैं. इन वर्षों में की चुनौतियों को पार करते हुए महिला पादरियों ने सफलता प्राप्त की है. आज इस अवसर पर स्मरण पत्थर का भी अनावरण हुआ है. यह परमेश्वर के आशीष की वजह से है. इस संक्षिप्त आराधना के बाद महिला पादरियों ने स्मरण पत्थर से लेकर क्राइस्ट चर्च तक शोभायात्रा निकाली. चर्च में मॉडरेटर व बिशप द्वारा धन्यवाद की आराधना संपन्न की गयी. आराधना के बाद गोस्सनर मीडिल स्कूल परिसर स्थित कार्यक्रम स्थल में कार्यक्रम शुरू हुआ. अतिथियों के स्वागत और परिचय के बाद जुबली स्मारिका का विमोचन किया गया. 23 अक्तूबर को भी कार्यक्रम होंगे.
महिला पादरियों ने कहा :
यह प्रेरणादायक यात्रा है
आज जीइएल चर्च में सभी स्थानों में महिला पादरी कार्यरत है. पुरुष प्रधान समाज में महिला पादरियों ने संघर्ष किया. यह 25 वर्षीय जुबली समारोह उसी संघर्ष को दर्शाता है. यह एक प्रेरणादायक यात्रा की तरह है हमें उम्मीद है कि आनेवाले वर्षों में हम महिला बिशप को भी देखेंगे.रेव्ह पुष्पा टूटी.
मील का पत्थर
यह जुबली समारोह एक मील का पत्थर है. आज की उपलब्धि में हम अपनी घटी- बढ़ी को आंक सकते है. महिला पादरियों के लिए अब तक का समय काफी चुनौतियां भरा रहा है. पर हम अब भविष्य की ओर देख सकते हैं और सफलता की तरफ बढ़ सकते हैं.
रेव्ह आशीषन
कंडुलना.
लोगों ने दिया है सम्मान
मैं इसी साल मार्च में पादरी बनी हूं और मेरा सौभाग्य है कि मुझे पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग स्थित तराई पेरिश में सेवकाई करने का मौका मिला है. वह चाय बागान का क्षेत्र है. मुझे काफी अच्छा लगा कि वहां के लोगों ने मुझे एक पादरी के रूप में स्वीकार किया और सम्मान दिया.रेव्ह रेचल सुलोचना तिर्की.
चुनौतियों को स्वीकार किया
एक महिला पादरी के रूप में मेरा अनुभव भी काफी अच्छा रहा है. शुरू में थोड़ी परेशानी हुई थी एक छोटे शहर से बड़े शहर में आने जाने में परेशानी महसूस की. पर इस चुनौती को स्वीकार किया. अभी मैं हुलहुंडू में हूं और वहां अपनी सेवा दे रही हूं.रेव्ह अनीता हेंब्रोमB
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