नियोजन नीति बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंची राज्य सरकार
Author : Prabhat Khabar News Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 22 Nov 2020 3:47 AM
राज्य की नियोजन नीति और 13 अनुसूचित जिलों के हाइस्कूलों के नवनियुक्त शिक्षकों की नियुक्तियों को रद्द करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट पहुंची झारखंड सरकार
रांची : राज्य की नियोजन नीति और 13 अनुसूचित जिलों के हाइस्कूलों के नवनियुक्त शिक्षकों की नियुक्तियों को रद्द करने के मामले में झारखंड सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगायी है. सरकार की अोर से स्पेशल लीव पिटीशन (एसएलपी) दायर कर झारखंड हाइकोर्ट की लॉर्जर बेंच के 21 सितंबर 2020 के फैसले को चुनौती दी गयी है. महाधिवक्ता राजीव रंजन ने बताया कि सरकार की ओर से एसएलपी दायर हो गयी है.
दिसंबर में सुनवाई की संभावना है. सरकार ने कहा है कि नियोजन नीति व शिक्षकों की नियुक्ति संवैधानिक और सही है. शिक्षक हाइस्कूलों में काम कर रहे हैं. उन्हें बनाये रखने का आग्रह किया गया है. उल्लेखनीय है कि लॉर्जर बेंच ने सोनी कुमारी व अन्य बनाम राज्य मामले में 21 सितंबर को फैसला सुनाते हुए वर्ष 2016 में राज्य सरकार की अोर से लागू नियोजन नीति को असंवैधानिक बताते हुए निरस्त कर दिया था.
13 अनुसूचित जिलों के हाइस्कूलों में नियुक्त किये गये शिक्षकों की नियुक्ति को भी रद्द कर दिया गया था. अनुसूचित जिलों के 8423 शिक्षक पदों पर नये सिरे से बहाली की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया. वहीं, 11 गैर अनुसूचित जिलों में की गयी शिक्षकों की नियुक्तियों को बरकरार रखा.
गैर अनुसूचित जिलों में शेष विषयों में शिक्षकों की नियुक्ति में आगे बढ़ने का राज्य सरकार को आदेश दिया था. राज्य सरकार एवं अन्य ने दायर की है एसएलपी : राज्य सरकार के अलावा स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग के प्रधान सचिव तथा माध्यमिक शिक्षा निदेशक की अोर से भी एसएलपी दायर की गयी है. उन्होंने पलामू के लेसलीगंज थाना के चाैखरा निवासी सोनी कुमारी, झारखंड कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष, सचिव व परीक्षा नियंत्रक को प्रतिवादी बनाया है.
सरकार की नियोजन नीति के तहत राज्य के 13 अनुसूचित जिलों के सभी तृतीय व चतुर्थवर्गीय पदों को उसी जिले के स्थानीय निवासियों के लिए आरक्षित किया गया था. वहीं, 11 गैर अनुसूचित जिले में बाहरी अभ्यर्थियों को भी आवेदन करने की छूट दी गयी थी. इस नीति के आलोक में झारखंड कर्मचारी चयन आयोग ने वर्ष 2016 में अनुसूचित जिलों में 8,423 और गैर अनुसूचित जिलों में 9149 पदों पर (कुल 17572 शिक्षक) हाइस्कूल शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की थी.
रांची. अनुसूचित जिलों के हाइस्कूल शिक्षकों की अोर से दायर स्पेशल लीव पिटीशन (एसएलपी) पर सुप्रीम कोर्ट में 23 नवंबर को सुनवाई होगी. मामले में राज्य सरकार की अोर से शपथ पत्र दायर किया गया है. पिछली सुनवाई के दाैरान जवाब दायर करने के लिए राज्य सरकार ने समय लिया था.
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 14 अक्तूबर को सुनवाई करते हुए अंतरिम आदेश देते हुए शिक्षकों को काम करते रहने को कहा था. महाधिवक्ता राजीव रंजन ने बताया कि सरकार की तरफ से शपथ पत्र दायर कर दिया गया है. शिक्षकों की नियुक्ति को सही बताते हुए सरकार ने उसे बनाये रखने का आग्रह किया है.
उल्लेखनीय है कि प्रार्थी सत्यजीत कुमार व अन्य की अोर से सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की गयी है. उन्होंने झारखंड हाइकोर्ट की लॉर्जर बेंच के 21 सितंबर 2020 के फैसले को चुनाैती दी है. लॉर्जर बेंच ने राज्य सरकार की नियोजन नीति को असंवैधानिक बताते हुए निरस्त कर दिया था. राज्य के 13 अनुसूचित जिला के हाइस्कूलों में नवनियुक्त शिक्षकों की नियुक्ति को रद्द कर दिया था.
posted by : sameer oraon
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










