Special Lok Adalat: रांची में ऐसे सुलझा 28 साल पुराना केस, सुप्रीम कोर्ट में था पेंडिंग
Published by : Guru Swarup Mishra Updated At : 26 Jun 2024 4:43 PM
मध्यस्थता केंद्र में न्यायाधीशों के समक्ष दोनों पक्ष
Special Lok Adalat: 1996 में सड़क हादसे में एक महिला के पति की मौत हो गयी थी. निचली अदालत ने पीड़िता को मुआवजा देने का आदेश दिया था. आरोपी ने मुआवजा देने की जगह निचली अदालत के आदेश को हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. मध्यस्थता के जरिए केस का निबटारा हो गया.
Special Lok Adalat: रांची: मध्यस्थता के जरिए मुआवजे से जुड़ा 28 साल पुराना मामला आखिरकार सुलझ गया. रांची सिविल कोर्ट के डीएलएसए (जिला विधिक सेवा प्राधिकार) ऑफिस स्थित मध्यस्थता केंद्र में दोनों पक्षों ने आपसी सहमति जतायी. पीड़ित पक्ष को मुआवजा (1 लाख रुपए) देने के साथ ही सुप्रीम कोर्ट में लंबित केस का निबटारा हो गया. 1996 में ट्रक और कार की टक्कर में पीड़िता प्रमिला देवी के पति का निधन हो गया था. इस मामले में आरोपी ने निचली अदालत के आदेश को हाईकोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी.
सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामले में हुआ समझौता
झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश सह झालसा के कार्यपालक अध्यक्ष सुजीत नारायण प्रसाद के दिशा-निर्देश एवं रांची के न्यायायुक्त सह डालसा के अध्यक्ष मार्गदर्शन में 26 जून को सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामले में सुलह हुआ. उच्चतम न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) में लंबित वाद संख्या SLP(Crl) 26658/2019 में प्रथम पक्ष कन्हाई साहू एवं द्वितीय पक्ष प्रमिला देवी, शिशुपाल शर्मा एवं दुर्गा कुमारी के बीच अधिवक्ता सह मध्यस्थ मनीषा रानी एवं रामनारायण साहू के जरिए समझौता हुआ. सुप्रीम कोर्ट में 29 जुलाई से 3 अगस्त तक विशेष लोक अदालत लगायी जाएगी.
1996 में सड़क हादसे में हो गयी थी मौत
वर्ष 1996 में ट्रक और कार की टक्कर में प्रमिला देवी के पति का निधन हो गया था. उस समय उनके बच्चे काफी छोटे थे. प्रमिला देवी द्वारा एमएसीटी लोहरदगा में मुआवजा (कंपनसेशन) वाद संख्या 180/1996 दाखिल की गयी थी. इस मामले में वर्ष 2005 में आदेश आया. इसमें वाहन मालिक कन्हाई साहू द्वारा प्रमिला देवी एवं उनके बच्चों को कंपनसेशन देने का आदेश हुआ. इसके विरोध में कन्हाई साहू ने उच्च न्यायालय में मिसलेनियस अपील संख्या 161/2005 दाखिल की. सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने निचली अदालत के आदेश को बरकरार रखा. इसके विरोध में कन्हाई साहू ने उच्चतम न्यायालय में वाद प्रस्तुत किया.
कई बैठकों के बाद सुलझा 28 साल पुराना मामला
रांची सिविल कोर्ट के जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) के मध्यस्थता केंद्र में दोनों पक्षों के बीच कई बैठकें हुईं. मध्यस्थों के सहयोग से दोनों पक्षों के बीच सुलह हुआ. कन्हाई साहू द्वारा प्रमिला देवी एवं उनके बच्चों को मुआवजा की राशि दी गयी. दोनों पक्षों ने सहमति जतायी कि वे भविष्य में किसी भी वाद को लेकर लड़ना नहीं चाहते हैं. इस प्रकार 28 वर्ष पुराना वाद सुलझ गया. सुलह होने पर पीओ एमएसीटी मनीष, कुटुम्ब न्यायालय-2 के अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश राजेश कुमार सिंह एवं डालसा के प्रभारी सचिव राकेश रंजन ने दोनों पक्षों को बधाई दी.
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लेखक के बारे में
By Guru Swarup Mishra
मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.
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