Ranchi news : रिम्स : गंभीर मरीजों के लिए कॉटेज में 14 और पेइंग वार्ड में 16 बेड की व्यवस्था

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रिम्स प्रबंधन ने फिलहाल के लिए कॉटेज और पेइंग बिल्डिंग के 30 बेड को इमरजेंसी के रूप में किया तब्दील. कॉटेज और पेइंग वार्ड में भर्ती मरीजों की व्यवस्था होगी पूरी तरह नि:शुल्क.

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रांची. सेंट्रल इमरजेंसी के मरीजों काे राहत दिलाने के लिए रिम्स प्रबंधन ने नया रास्ता निकाला है. उनके लिए करीब 30 बेड की जगह बनायी गयी है, जिसे सेंट्रल इमरजेंसी के अतिरिक्त विंग का नाम दिया गया है. इसके लिए कॉटेज में 14 बेड और पेइंग वार्ड में 16 बेड की व्यवस्था की गयी है. यहां मरीजों को कोई शुल्क नहीं देना होगा. यह जानकारी गुरुवार को निदेशक डाॅ राजकुमार ने पत्रकारों को दी. उन्होंने बताया कि यह निर्णय स्टेट कमेटी की बैठक में लिया गया है, जिसे शीघ्र लागू कर दिया जायेगा. कहा कि इमरजेंसी में मरीजों को बेड नहीं मिलने सहित कई शिकायतें आती है. कॉटेज में सात ऑक्सीजन बेड और सात सामान्य बेड होगा. सात बेड में सामान्य मरीज रहेंगे.

सेंट्रल लैब फरवरी के अंत या मार्च के पहले सप्ताह में शुरू होगा

वहीं, सेंट्रल लैब को फरवरी के अंत तक या मार्च के पहले सप्ताह में शुरू किया जायेगा. यहीं पर सैंपल लिया जायेगा और रिपोर्ट भी यहां पर मिलेगी. बाद में व्हाट्सऐप पर रिपोर्ट देने की व्यवस्था की जायेगी. एक्सरे और सीआर्म मशीन की खरीद प्रक्रिया चल रही है. अल्ट्रासाउंड मशीन और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जायेगी. 80 फीसदी दवाएं मरीजों को मिल रही है. दवाइयां खरीदनी पड़े, तो इसके लिए प्रावधान किया जायेगा. निदेशक ने कहा कि डेढ़ करोड़ रुपये खर्च करने का अधिकार उनके पास है, जिसका उपयोग ओपीडी और वार्ड को दुरुस्त करने में किया जायेगा. फैकल्टी के पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी हो गयी है. जीबी के अध्यक्ष की अनुमति मिलते ही इसे जारी कर दिया जायेगा. वहीं, नये डॉक्टरों की नियुक्ति के लिए 350 आवेदन आये हैं, जिसके लिए विकास आयुक्त से समय मांगा गया है. वस्तुनिष्ठ स्तर पर साक्षात्कार लेने का प्रयास किया जायेगा.

औचक निरीक्षण के लिए बनाया गया रात्रि दस्ता

रिम्स में सेवाओं और बेड की उपलब्धता के लिए पैसा लेने की शिकायत की पड़ताल करने के लिए रात्रि दल (स्क्वायड टीम) बनाया गया है. इसमें डिप्टी मेडिकल सुपरिटेंडेंट, क्लीनिक विशेषज्ञ और पांच जवान होंगे. जवान सादे वर्दी में तैनात रहेंगे. रात्रि दल वार्ड ब्वाॅय या अन्य कर्मियों के पैसे लेने की शिकायत मिलने पर उन्हें पकड़ेगा.

अब 98 बेड का होगा सेंट्रल इमरजेंसी का अतिरिक्त विंग

सेंट्रल इमरजेंसी के स्थायी अतिरिक्त विंग (कैंसर बिल्डिंग) में अब 70 की जगह 98 बेड लगाये जायेंगे. इससे काफी हद तक राहत मिलेगी. पहले वहां लाइब्रेरी थी. हालांकि फिलहाल इमरजेंसी में 130 बेड का संचालन किया जा रहा है. पहले बेड की संख्या 40 थी. रांची में 150 से ज्यादा निजी अस्पताल और क्लिनिक हैं, जहां रात में अचानक गंभीर मरीजों को भेज दिया जाता है. रिम्स में भी बेड की अपनी क्षमता है, इसको हर वक्त नहीं बढ़ाया जाता है. इस पर रोक लगाने से रिम्स को सहूलियत होगी.

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