रांची. झारखंड हाइकोर्ट के जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने परिवहन विभाग के लिपिकों को प्रोन्नति नहीं देने के मामले में दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई की. इस दाैरान अदालत ने पक्ष सुना. इसके बाद राज्य सरकार को आदेश के अनुपालन से संबंधित अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया. साथ ही मामले की अगली सुनवाई के लिए चार सप्ताह के बाद की तिथि निर्धारित करने को कहा. इससे पूर्व प्रार्थियों की ओर से अदालत को बताया गया कि पूर्व में एकल पीठ ने विभाग को छह माह में प्रोन्नति पर निर्णय लेने का आदेश दिया था, लेकिन अब तक प्रतिवादी द्वारा उक्त आदेश का अनुपालन नहीं किया गया है. यह भी बताया कि उनकी नियुक्ति वर्ष 2002 में परिवहन विभाग में लिपिक पद पर हुई थी, लेकिन लगभग 23 साल बाद भी उन्हें एक भी प्रोन्नति नहीं दी गयी है. उल्लेखनीय है कि प्रार्थी लिपिक त्रिलोकी प्रसाद मिश्रा व अन्य की ओर से अवमानना याचिका दायर की गयी है. प्रार्थियों ने एकल पीठ के आदेश का अनुपालन कराने की मांग की है.
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