रांची की ट्रैफिक पुलिस कर रही है जांच के नाम पर अवैध वसूली, ऐसे तय होता है रेट

रांची में जांच के नाम पर दो सौ से एक हजार रुपये के बीच सौदा तय होता है. जब सौदा तय नहीं होता है, तो दी गयी पॉस मशीन से फोटो खींच कर फाइन काट दिया जाता है
राजधानी रांची में हेलमेट और लाइसेंस के नाम पर ट्रैफिक पुलिस चौक-चौराहे पर अवैध वसूली में लगी हुई है. हर चौक पर तैनात ट्रैफिक पुलिस यातायात संभालने से अधिक बिना हेलमेट और बिना सीट बेल्ट वालों से अवैध वसूली करने में लगी हुई. अधिकतर चौक पर पुलिस पोस्ट बना हुआ है. अवैध वसूली करने के लिए भुक्तभोगी को ट्रैफिक पुलिस कर्मी पोस्ट के अंदर ले जाते हैं और वहां शुरू होता है मोल भाव.
दो सौ से एक हजार रुपये के बीच सौदा तय होता है. जब सौदा तय नहीं होता है, तो दी गयी पॉस मशीन से फोटो खींच कर फाइन काट दिया जाता है़ अवैध वसूली मुख्य रूप से पिलियन राइडर (बाइक चालक के साथ ही पीछे बैठनेवाले) के हेलमेट नहीं पहननेवालों से की जाती है.
राजधानी में लगभग हर चौक पर ऑटो के कारण जाम लगता है. कांटाटोली चौक इसका सबसे बड़ा उदाहरण है. कांटाटोली फ्लाइओवर बनने के कारण कांटाटोली चौक पर हमेशा जाम की स्थिति रहती है. उस जाम को देखते हुए प्रभारी ट्रैफिक एसपी नौशाद आलम ने मंगल टावर के पास ऑटो लगा कर नंबरिंग सिस्टम शुरू किया था. लेकिन चौक पर तैनात ट्रैफिक पुलिस उनसे वसूली करते रहते हैं. जिस कारण ऑटो चालक अब कांटाटोली चौक के पास ही ऑटो लगाने लगे हैं
ओवर ब्रिज के नीचे स्टेशन रोड में हनुमान मंदिर के पास ट्रैफिक पुलिस की तैनाती रहती है, लेकिन ट्रैफिक पुलिस यातायात संभालने से अधिक वसूली में लगी रहती है़ सिरमटोली से मेकॉन चौक तक इस रोड का वन वे समाप्त कर दिया गया है, फिर भी ट्रैफिक पुलिस वहां बिना हेलमेट वालों को रोक कर उनसे वसूली में लगी रहती है
जब से खादगढ़ा बस स्टैंड से बस को नामकुम, टाटीसिलवे , खेल गांव होते हुए बूटी मोड़ जाने का रूट तय हुआ है. उस समय से बूटी मोड़ बस स्टैंड में तब्दील हो गया है. वहां सुबह से शाम तक बस लगी रहती है. बस वाले दबी जुबान से बताते हैं कि हर माह ट्रैफिक पुलिस को हर बसवाले चढ़ावा देते हैं, जिसके कारण ट्रैफिक पुलिस बस को आराम से रोड पर लगने देती है़ इस कारण नेशनल हाइवे होने के बाद भी यहां हर समय जाम लगा रहता है.
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By Prabhat Khabar News Desk
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