रांची : चार लाख की फिरौती के लिए हुआ था राजू साव अगवा

पुलिस ने गिरफ्तार पांच आरोपियों को भेजा जेल
रांची में पैसों के विवाद के चलते एक व्यक्ति का 4 लाख की फिरौती के लिए अपहरण कर लिया गया. पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए अपहृत को सकुशल बरामद कर लिया और पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. जानें कैसे हुआ पूरा खुलासा.
Ranchi Kidnapping Case : रांची : अरगोड़ा के दीनदयाल चौक निवासी और लीज पर वाहन चलवाने वाले अपहृत राजू साव (34) की 25 जुलाई को रामगढ़ के कुजू से सकुशल बरामदगी के बाद पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. गिरफ्तार आरोपियों में गिरिडीह के राजधनवार थाना क्षेत्र के इटासानी निवासी केदार राम (32), जमुआ थाना क्षेत्र के तारा निवासी बजरंगी कुमार राम (26), रामगढ़ के मांडू थाना क्षेत्र के सारूबेड़ा निवासी अजीत सिंह (35), गिरिडीह के जमुआ थाना क्षेत्र के लेंगूरा निवासी राहुल कुमार (25) और मांडू के सारूबेड़ा निवासी जगन्नाथ करमाली (40) शामिल हैं. पुलिस ने आरोपियों के पास से एक बोलेरो, एक बाइक, चार मोबाइल फोन और 26 हजार नकद बरामद किये हैं. पुलिस टीम में अरगोड़ा थाना प्रभारी सतीश कुमार गोराई, एसआइ शुभम कुमार सिंह, आनंद कुमार साह, पिंटू कुमार, विकास सिंह तथा सशस्त्र बल के जवान शामिल थे.
पैसों के विवाद में अपहरण, पत्नी की शिकायत पर केस दर्ज
पुलिस के अनुसार, राजू साव का अपहरण पैसों के विवाद को लेकर किया गया था. इससे पहले भी उनका अपहरण हो चुका था और फिरौती की रकम लेने के बाद उन्हें छोड़ा गया था. इस मामले में राजू साव की पत्नी सुषमा देवी की शिकायत पर अरगोड़ा थाना में प्राथमिकी दर्ज की गयी है. प्राथमिकी के अनुसार 24 जुलाई की दोपहर करीब 12 बजे राजू साव के मोबाइल पर किसी का फोन आया. कॉल करनेवाले ने उन्हें वाहन के कागजात जात लेकर जुमार पुल के पास बुलाया. शाम करीब चार बजे वह घर से निकले, लेकिन वापस नहीं लौटे. रात करीब आठ बजे पत्नी ने फोन किया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुआ. कुछ देर बाद जब फोन उठा, तो दूसरी ओर से तीन-चार लोगों के गाली-गलौज करने और राजू साव के साथ मारपीट की आवाज सुनाई दी. राजू साव मदद के लिए चिल्ला रहे थे. इसके बाद मोबाइल बंद हो गया.
अपराधियों ने भेजा था मोबाइल का लोकेशन
प्राथमिकी के अनुसार रात करीब 12 बजे राजू साव के मोबाइल से दोबारा फोन आया. इस बार किसी अन्य व्यक्ति ने चार लाख रुपये की फिरौती मांगी और धमकी दी कि पैसा नहीं देने पर राजू साव की हत्या कर दी जायेगी. आरोपियों ने रुपये पहुंचाने के लिए मोबाइल पर लोकेशन भी भेजा. अगले दिन 25 जुलाई को फिर फोन कर जल्द पैसे लेकर आने और पुलिस को सूचना नहीं देने की धमकी दी गयी. पत्नी के अनुसार चार महीने पहले भी अज्ञात लोगों ने राजू साव का अपहरण किया था. उन्हें दो दिनों तक बंधक बनाकर रखा था. बाद में नामकुम के सदाबहार चौक के पास दो लाख लेने के दौरान मौका पाकर वह अपहरणकर्ताओं के चंगुल से भाग निकले थे.
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लेखक के बारे में
By प्रिया गुप्ता
प्रिया गुप्ता पिछले एक साल से प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. फिलहाल वह झारखंड से जुड़ी खबरों पर काम करती हैं, जिनमें सरकारी योजनाएं, प्रमुख घटनाएं, सामाजिक मुद्दे और अन्य महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं. इससे पहले वह लाइफस्टाइल डेस्क पर फैशन, हेल्थ, रिलेशनशिप, पैरेंटिंग और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर लेख लिख चुकी हैं. प्रिया ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय से स्नातक और अमिटी यूनिवर्सिटी से मास्टर डिग्री हासिल की है.
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