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Ranchi News: 4 साल से महिला की बच्चेदानी में थी इतनी हड्डियां, ऐसे मिली मुक्ति

Updated at : 31 Jan 2025 4:24 PM (IST)
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Ranchi News Bone in Uterus

महिला की बच्चेदानी से निकाली गई हड्डियां (बायें) और (दायें) कम्प्यूटर स्क्रीन पर ऑपरेशन के लिए बच्चेदानी में किया गया छिद्र.

Ranchi News: झालदा की एक महिला 4 साल से अधिक समय से गर्भाशय में कई हड्डियां लेकर घूम रही थी. उसे कई तरह की परेशानी हो गई थी. मां नहीं बन पा रही थी. आखिरकार रांची की डॉक्टर अपेक्षा साहू ने उसे समस्या से निजात दिलाई.

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Ranchi News: झारखंड और पश्चिम बंगाल की सीमा पर झालदा के पास के एक गांव की महिला की बच्चेदानी में 4 साल से कई हड्डियां पड़ीं थीं. इसकी वजह से उसका मासिक धर्म गड़बड़ा गया था. बहुत ज्यादा सफेद स्राव हो रहा था. दोबारा मां नहीं बन पा रही थी. कई डॉक्टरों को दिखाया. इलाज करवाया, लेकिन समस्या का निदान नहीं हुआ. न तो मासिक धर्म का चक्र ही ठीक हो पाया, न सफेद स्राव (White Discharge) होना बंद हुआ. महिला इलाज कराने के लिए रांची आई. रांची में डॉ अपेक्षा साहू ने उनकी जांच की और अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी.

महिला की बच्चेदानी से इस तरह निकाला गया हड्डियों को.

गर्भ में बच्चे की मौत के बाद से बच्चेदानी में पड़ी थी हड्डियां

महिला की अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट में पता चला कि उसके गर्भाशय में कई हड्डियां हैं. महिला ने डॉक्टर को बताया कि कोरोना संक्रमण के दौरान वह आखिरी बार गर्भवती हुई थी. 5 महीने बाद उसका गर्भपात हो गया. गर्भ में ही बच्चे की मौत हो गयी. महिला ने वहीं के किसी डॉक्टर को दिखाया और उसने गर्भाशय की सफाई कर दी. इसके बाद से उसका मासिक धर्म ठीक से नहीं हो रहा था. साथ ही काफी ज्यादा सफेद स्राव होने लगा था.

डॉ अपेक्षा साहू (सबसे दायें). साथ में हैं दो नर्सें ज्योति और रीना.

दूरबीन पद्धति से डॉ अपेक्षा ने निकाली बच्चेदानी में फंसी हड्डियां

डॉ अपेक्षा साहू ने जरूरी जांच करने के बाद महिला की बच्चेदानी में फंसी सारी हड्डियों को निकाल दिया. बिना पेट में कोई चीरा लगाये दूरबीन पद्धति से महिला का उपचार किया गया. दो नर्सों की मदद से डॉ अपेक्षा साहू ने महिला की बच्चेदानी से सारी हड्डियां निकालीं. हड्डियां निकाले जाने के बाद महिला पूरी तरह से स्वस्थ है. सुबह में उसका उपचार करने के बाद शाम में अस्पताल से छुट्टी भी दे दी गई.

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फिर मां बन सकेगी महिला

डॉ अपेक्षा ने कहा है कि महिला पूरी तरह से स्वस्थ है. उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है. कुछ ही दिनों बाद वह फिर से मां बन सकेगी. बच्चेदानी में हड्डियों की वजह से वह इतने दिनों से मां नहीं बन पा रही थी. उन्होंने कहा कि दूरबीन पद्धति से महिला की बच्चेदानी से कई सारी हड्डियां निकाली गईं हैं.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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