4 माह बाद रांची नगर निगम की बैठक, लेकिन मेयर आशा लकड़ा नदारद, 2 साल से लटक रहीं योजनाएं पारित

Updated:
विज्ञापन

रांची नगर निगम में दो वर्षों तक महाभारत होता रहा. तत्कालीन नगर आयुक्त मुकेश कुमार के कार्यकाल में इन योजनाओं पर काम हुआ था. वह बोर्ड की हर बैठक में प्रस्ताव लाते और मेयर उसे खारिज कर देती थीं.

विज्ञापन

रांची, उत्तम महतो: चार माह बाद रांची नगर निगम बोर्ड की बैठक आठ फरवरी को हुई. इसमें मेयर आशा लकड़ा नहीं थीं. उनकी अनुपस्थिति में डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय ने बैठक की अध्यक्षता की. इस बैठक की खास बात यह रही कि पिछले दो वर्षों से लटक रहे 577 करोड़ की 298 योजनाएं पारित हो गयीं. यह वही योजनाएं थी, जो मेयर के विरोध के कारण बोर्ड में पास नहीं हो रही थी.

आपके शहर में

विज्ञापन

इन योजनाओं को लेकर नगर आयुक्त रहे मुकेश कुमार से उनकी कभी नहीं बनी. नगर निगम में दो वर्षों तक महाभारत होता रहा. तत्कालीन नगर आयुक्त मुकेश कुमार के कार्यकाल में इन योजनाओं पर काम हुआ था. वह बोर्ड की हर बैठक में प्रस्ताव लाते और मेयर उसे खारिज कर देती थीं. इस बार बोर्ड की बैठक में दृश्य बदला हुआ था. 577 करोड़ की योजनाएं फटाफट पास हो गयी.

काम कर चुके ठेकेदारों ने राहत की सांस ली. उक्त ठेकेदार पिछले दो वर्षों से मेयर व निगम का दरवाजा खटखटा रहे थे. आठ फरवरी को उनकी मुराद पूरी हुई. पहले बोर्ड की बैठक में शामिल नहीं होने पर मेयर तिथि बढ़ा देती थीं, इस बार उन्होंने अपनी अनुपस्थिति में डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय को अध्यक्षता करने का आदेश दिया.

दिल्ली तक मामले को लेकर गयी थीं मेयर :

तत्कालीन नगर आयुक्त मुकेश कुमार की शिकायत मेयर आशा लकड़ा ने केंद्रीय मंत्रियों तक से कर दी थी़ं उन्होंने नगर आयुक्त की शिकायत राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग से भी की थी.

अपनी शिकायत में मेयर ने कहा था कि आदिवासी महिला होने के कारण नगर आयुक्त हम पर उन योजनाओं को स्वीकृति देने का दबाव बना रहे हैं. इसे उन्होंने मनमाने तरीके से धरातल पर उतार दिया है. इन योजनाओं की स्वीकृति न तो निगम बोर्ड से ली गयी है, न ही इसकी चर्चा कभी की गयी है. इसके बाद भी अनावश्यक रूप से इन योजनाओं को स्वीकृति देने का दबाव बनाया जा रहा है. मेयर की इस शिकायत पर आयोग द्वारा राज्य के मुख्य सचिव व नगर विकास सचिव को इस मामले की जांच का आदेश दिया गया था. जिसकी जांच अब तक चल रही है.

15वें वित्त आयोग की राशि से हुआ है शहर में सारा काम

राजधानी के निगम क्षेत्र में 15वें वित्त आयोग की राशि से काम हुआ है़ इसमें शहर के प्रमुख सड़कों में पेवर-ब्लॉक बिछाने के अलावा, गली-मुहल्ले में विकास के कार्य हुए हैं. निगम क्षेत्र के सभी वार्ड में इस राशि से काम हुआ है. इसके अलावा शहर के सौंदर्यीकरण में पैसा लगाया गया है.

नगर निगम बोर्ड की बैठक बुधवार को हुई है. इसकी जानकारी है. बैठक में क्या हुआ है, इसकी जानकारी नहीं है. अभी मैं रांची से बाहर हूं. जब रांची वापस आऊंगी, तभी इस पर कुछ कह सकूंगी.

आशा लकड़ा, मेयर नगर निगम

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola