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आइसीएमआर की अनुमति के बिना जांच कर रहे निजी अस्पताल, वसूल रहे तीन गुना पैसा

Updated at : 29 Aug 2020 3:12 AM (IST)
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आइसीएमआर की अनुमति के बिना जांच कर रहे निजी अस्पताल, वसूल रहे तीन गुना पैसा

कोरोना महामारी के दौर में भी निजी अस्पतालों की मनमानी जारी है. मरीजों से सिर्फ इलाज के नाम पर ही मनमाना पैसे नहीं वसूल रहे, बल्कि रैपिड एंटीजन टेस्ट के नाम पर भी तीन गुना तक ज्यादा पैसे लिये जा रहे हैं.

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राजीव पांडेय, रांची : कोरोना महामारी के दौर में भी निजी अस्पतालों की मनमानी जारी है. मरीजों से सिर्फ इलाज के नाम पर ही मनमाना पैसे नहीं वसूल रहे, बल्कि रैपिड एंटीजन टेस्ट के नाम पर भी तीन गुना तक ज्यादा पैसे लिये जा रहे हैं. हैरानी इस बात की है कि इस जांच के लिए इन अस्पतालों ने आइसीएमआर की अनुमति भी नहीं ली है. जबकि, वर्तमान में सरकारी अस्पतालों, एनएबीएच अस्पताल या एनएबीएच लैब ही रैपिड एंटीजन टेस्ट कर सकते हैं.

जानकारी के अनुसार, रैपिड एंटीजन टेस्ट की कीमत 450 रुपये व 12 प्रतिशत जीएसटी है. यानी एक टेस्ट का कुल खर्च 504 रुपये है. जबकि निजी अस्पताल रैपिड एंटीजन टेस्ट के नाम पर 700 से 1500 रुपये वसूल रहे हैं. रैपिड एंटीजन टेस्ट की रिपोर्ट सिर्फ आधे घंटे में आ जाती है, इसलिए कोरोना संदिग्ध आसानी से अधिक पैसा देकर भी जांच करा लेते हैं, लेकिन यह पूरी तरह गलत है.

आसानी से किट हासिल कर ले रहे निजी अस्पताल

राजधानी के एक माइक्रोबायोलॉजिस्ट ने बताया कि वर्तमान में कोरोना टेस्ट के लिए रैपिड एंटीजन किट सरकारी अस्पताल और एनएबीएच या एनएबीएल लैब को ही उपलब्ध होना है. जांच की पूरी जानकारी आइसीएमआर को देनी है. ऐसे में निजी अस्पताल जानकारी भी छुपा रहे हैं. एक पैथोलॉजिस्ट ने भी बताया कि यह किट अधिकांश निजी अस्पतालों को मिल जा रहा है. वह आसानी से जांच कर रहे हैं. निजी अस्पतालों द्वारा रैपिड एंटीजन टेस्ट को रोकना प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है.

  • 504 रुपये तय है एक रैपिड एंटीजन टेस्ट की दर, पर 700 से 1500 रुपये ले रहे निजी अस्पताल

  • डीसी ने बनायी तीन सदस्यीय टीम, निजी अस्पताल, नर्सिंग होम व पैथोलॉजी की करेगी जांच

जांच लैब ऐसे कर रहे खेल

रैपिड एंटीजन टेस्ट में भी आरटीपीसीआर की तरह नाक या मुंह से स्वाब लिया जाता है. ऐसे में आरटीपीसीआर जांच कराने के लिए सैंपल देनेवाले लोग यह पकड़ ही नहीं सकते हैं कि उनकी जांच रैपिड एंटीजन किट से की गयी है. इसी का फायदा निजी जांच लैब उठा रहे हैं.

सरकारी अस्पताल, एनएबीएच अस्पताल या एनएबीएच लैब ही कर सकते हैं रैपिड एंटीजन टेस्ट

ले रहे आरटीपीसीआर के पैसे कर रहे रैपिड टेस्ट : मुनाफे के इस खेल में कोरोना संदिग्धों की सेहत से खिलवाड़ हो रहा है. आरटीपीसीआर टेस्ट करनेवाले लैब भी रैपिड एंटीजन टेस्ट से जांच कर मरीजों से करीब पांच गुना पैसे वसूल ले रहे हैं. आरटीपीसीआर जांच करनेवाले लैब के पास रैपिड एंटीजन जांच करने की अनुमति भी है, इसलिए उनके पास यह किट उपलब्ध रहता है. जांच करानेवाले लोगों से आरटीपीसीआर जांच के लिए 2,400 रुपये लिये जाते हैं, लेकिन 504 रुपये वाले किट से जांच कर दी जाती है.

राजधानी में निजी अस्पतालों द्वारा रैपिड एंटीजन टेस्ट करने की लगातार शिकायत मिलने के बाद रांची के उपायुक्त ने जांच टीम गठित करने का आदेश दिया है. उपायुक्त के आदेश पर सिविल सर्जन डॉ वीबी प्रसाद ने शुक्रवार को तीन सदस्यीय टीम गठित की है.

टीम में डॉ विमलेश कुमार, डॉ रंजू सिन्हा व डॉ उषा सिंह शामिल हैं. यह टीम निजी अस्पताल, नर्सिंग होम, पैथोलॉजी लैब में रैपिड एंटीजन टेस्ट की जांच करेगी. निजी जांच लैब में भी जांच की जायेगी कि वह आरटीपीसीआर की जगह रैपिड एंटीजन टेस्ट कर मरीज को भ्रमित ताे नहीं कर रहे हैं. टीम को शीघ्र निरीक्षण कर प्रतिवेदन सौंपने को कहा गया है.

Post by : Pritish Sahay

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