अमन तिवारी, रांची. झारखंड सहित चार राज्यों में भाकपा माओवादी नक्सली संगठन को पुनर्जीवित करने की योजना तैयार की गयी है. यह योजना नक्सली संगठन के शीर्ष नेताओं की सेंट्रल कमेटी और सेंट्रल मिलिट्री कमीशन ने तैयार की है. इस बात का खुलासा पुलिस मुख्यालय स्पेशल ब्रांच के अधीन कार्यरत एसआइबी के एसपी ने अपनी रिपोर्ट में किया है. रिपोर्ट के आधार पर रांची, धनबाद, जमशेदपुर एसएसपी के अलावा सभी जिलों के एसपी को विशेष रूप से अलर्ट किया गया है. इसके अलावा आइजी और डीआइजी को आवश्यक कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया है. स्पेशल ब्रांच ने नक्सलियों की इस योजना की जानकारी नक्सलियों के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान से जुड़े पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों को भी दी है. स्पेशल ब्रांच ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि भाकपा माओवादियों के नक्सलियों ने झारखंड के अलावा तीन अन्य राज्य छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में अपना जनाधार खोया है. जिस कारण सेंट्रल कमेटी और सेंट्रल मिलिट्री कमीशन ने इन राज्यों में शेष बचे अपने कैडर संगठन को पुनर्जीवित करने के लिए लोकल कैडर को मजबूत करने के लिए कहा है. स्पेशल ब्रांच की रिपोर्ट के अनुसार, नक्सलियों की योजना यह भी है कि वे अपनी उपस्थिति दिखाने और लोकल कैडर को मजबूत करने के लिए सुरक्षा बलों पर आइइडी विस्फोट कर या एंबुश कर हमला भी कर सकते हैं. स्पेशल ब्रांच की ओर से मामले में सीआरपीएफ और झारखंड जगुआर को यह भी निर्देश दिया गया है कि आपस में समन्वय स्थापित कर सुरक्षा के दृष्टिकोण से आवश्यक कार्रवाई करें. पोलित ब्यूरो और सेंट्रल कमेटी के कौन नक्सली हैं झारखंड में सक्रिय पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार झारखंड में पोलित ब्यूरो और सेंट्रल कमेटी के चार नक्सली हैं. इसमें झारखंड में सबसे शीर्ष पद पर पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा है. उस पर एक करोड़ का इनाम है. तीन अन्य सेंट्रल कमेटी के नक्सलियों में प्रयोग मांझी उर्फ विवेक, असीम मंडल और अनल का नाम शामिल हैं. इसमें असीम मंडल सिर्फ पश्चिमी मिदनापुर जिला का रहने वाला है, जबकि शेष दो झारखंड के ही रहने वाले हैं. इसकी भी गिरफ्तारी या सरेंडर करने पर एक-एक करोड़ रुपये के इनाम की घोषणा राज्य सरकार की ओर से पहले ही की गयी है.
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