Jharkhand: माइनिंग लीज मामले में CM हेमंत सोरेन ने दिया चुनाव आयोग के नोटिस का जवाब, 31 मई को होगी सुनवाई
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 21 May 2022 6:36 AM
झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने निर्वाचन आयोग को अपनी जवाब दिया है. आयोग ने 31 मई की तिथि निर्धारित की है. उन्होंने वही जवाब दिया है जो उन्होंने हाईकोर्ट में दिया है
रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 9(ए) मामले में भारत निर्वाचन आयोग की नोटिस का जवाब शुक्रवार को भेज दिया. विशेष दूत के माध्यम से जवाब सीलबंद लिफाफे में निर्वाचन आयोग कार्यालय में जमा कराया गया. वहीं इ-मेल के माध्यम से भी जवाब भेजा गया है. इसी के साथ ही निर्वाचन आयोग ने हेमंत सोरेन के मामले की सुनवाई के लिए 31 मई की तिथि निर्धारित कर दी है.
उस दिन हेमंत के साथ-साथ शिकायतकर्ता का भी पक्ष आयोग सुनेगा. इससे एक दिन पहले 30 मई को बसंत सोरेन का पक्ष आयोग सुनेगा. गौरतलब है कि 14 फरवरी 2022 को भाजपा ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंप कर आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री ने पद का दुरुपयोग करते हुए पत्थर खदान की लीज हासिल की है.
ऑफिस ऑफ प्रोफिट के तहत उनकी सदस्यता रद्द करने की मांग भाजपा ने की थी. फिर राज्यपाल द्वारा अनगड़ा खदान मामले में निर्वाचन आयोग से मंतव्य मांगा गया है. इस आलोक में दो मई 2022 को निर्वाचन आयोग ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को नोटिस कर जवाब मांगा था. पूर्व में जवाब 10 मई तक दाखिल करना था. लेकिन मुख्यमंत्री द्वारा अपनी माता के इलाज में व्यस्त रहने की बात कह कर चार सप्ताह का समय मांगा गया था. तब निर्वाचन आयोग की ओर से 20 मई तक जवाब देने का समय दिया गया. ठीक 20 मई को ही हेमंत सोरेन को जवाब भेजा गया है.
सूत्रों ने बताया कि अनगड़ा में 88 डिसमिल जमीन पर स्टोन माइनिंग लीज मामले में मुख्यमंत्री ने अपना वही जवाब दिया है, जो पिछले दिनों उन्होंने हाइकोर्ट में दाखिल किया था. उन्होंने लिखा है कि वह चार फरवरी 2022 को माइनिंग लीज सरेंडर कर चुके हैं. माइनिंग लीज से उन्होंने एक रुपया का भी प्रोफिट नहीं लिया है.
यह खदान उनके पास वर्ष 2008 से ही है. उन्होंने लिखा है कि इस मामले में उनके ऊपर 9(ए) का मामला नहीं बनता है. उनकी विधायकी जाने का भी मामला नहीं बनता है. उन्होंने हरियाणा व गोवा के केस का उदाहरण भी दिया है. जवाब में लिखा गया है कि विधायक के रूप में माइनिंग लीज प्राप्त करने की गतिविधि किसी भी कानून के तहत उन्हें अयोग्य ठहराने के लिए पर्याप्त नहीं है.
लिखा गया है कि अनगड़ा मौजा स्थित 88 डिसमिल माइनिंग लीज की जमीन, जिसका खाता नंबर 26, प्लॉट नंबर 482, को 10 साल के लिए 17 मई 2008 को स्वीकृत किया गया था. फिर साल 2018 में लीज के नवीकरण के लिए आवेदन दिया था, पर यह आवेदन लैप्स कर गया था. डीसी ने वर्ष 2021 में उक्त खदान के लिए नये सिरे से आवेदन आमंत्रित किया.
तब हेमंत ने भी आवेदन दिया. इसमें सारी प्रक्रियाओं का पालन किया गया और फिर माइनिंग लीज उन्हें मिली. लेकिन माइनिंग लीज पर खनन करने की अनुमति नहीं मिली और चार फरवरी 2022 को उन्होंने माइनिंग लीज को सरेंडर करने का आवेदन दिया, जिसे स्वीकार कर लिया गया. अत: उनके खिलाफ कोई मामला नहीं बनता है और आयोग से सारे उदाहरण पर गौर करते हुए ही मंतव्य देने का आग्रह किया गया है.
शुक्रवार को सीएम हेमंत सोरेन की दिनचर्या सामान्य रही. उन्होंने झारखंड मंत्रालय परिसर में पहुंची महिला की समस्या सुनी और उसका समाधान करने का निर्देश अधिकारियों को दिया. विधायक डॉ इरफान अंसारी के पुत्र कृष अंसारी के जन्मदिवस पर उनके सेक्टर-2, धुर्वा स्थित आवास गये और शुभकामनाएं दी.
Posted By: Sameer Oraon
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










