रांची में मवेशियों में लम्पी वायरस जैसे लक्षण, नमूना एकत्र करने के लिए गांवों में जायेगी टीम

मवेशियों का सैंपल लेने के लिए अगले महीने गांवों में जायेगी टीम.
Lumpy Virus Symptoms in Cattle: रांची जिले में मवेशियों में लम्पी वायरस के लक्षण देखे गये हैं. नमूना एकत्र करने के लिए अगले सप्ताह एक टीम गांवों का दौरा करेगी. जिला पशुपालन अधिकारी कवींद्र नाथ सिंह ने कहा कि जिले के विभिन्न इलाकों से लम्पी वायरस जैसे लक्षण सामने आ रहे हैं.
Lumpy Virus in Cattles: झारखंड की राजधानी रांची जिले के कुछ हिस्सों में मवेशियों में लम्पी वायरस जैसे लक्षण पाये गये हैं. एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी. हालांकि, जिले में किसी भी पशु की मौत की सूचना नहीं है. अधिकारी ने बताया कि पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान (आईएएचपी) की एक टीम नमूने एकत्र करने के लिए प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेगी.
पशुपालन अधिकारी ने की लम्पी वायरस जैसे लक्षण की पुष्टि
जिला पशुपालन अधिकारी कवींद्र नाथ सिंह ने कहा कि जिले के विभिन्न इलाकों से लम्पी वायरस जैसे लक्षण सामने आ रहे हैं, लेकिन स्थिति गंभीर नहीं है, क्योंकि लक्षणों का इलाज सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि यह रोग मवेशियों में मच्छरों, मक्खियों, जूं और ततैयों के काटने के साथ-साथ दूषित भोजन और पानी के माध्यम से फैलता है. इस रोग से मवेशियों को बुखार आने के साथ त्वचा पर गांठें पड़ जाती हैं, और यह घातक हो सकता है.
चान्हो और अनगड़ा में सामने आये हैं इस बीमारी के लक्षण
सिंह ने बताया कि सबसे पहले चान्हो और अनगड़ा इलाकों में इस बीमारी के लक्षण सामने आये थे, जहां अब हालात नियंत्रण में हैं. उन्होंने कहा, ‘रांची शहर के मोरहाबादी और बरियातू जैसे इलाकों से भी इस बीमारी की सूचना मिली है. मेडिकल टीम इन इलाकों का दौरा कर चुकी हैं और इलाज शुरू कर दिया गया है.’
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लम्पी वायरस की वजह से मवेशियों की त्वचार पर बनती हैं गांठें
इस संबंध में एक पशुचिकित्सक ने बताया कि इसके लक्षणों में मवेशियों की त्वचा पर 2 से 5 सेमी की गांठें, तेज बुखार, दूध उत्पादन में कमी, भूख न लगना और आंखों से पानी आना शामिल हैं.
आईएएचपी के निदेशक बोले- बीमारी फैलने की आधिकारिक सूचना नहीं
आईएएचपी के निदेशक सनत कुमार पंडित ने कहा कि उन्हें अभी तक किसी भी जिले से इस बीमारी के फैलने की आधिकारिक सूचना नहीं मिली है. उन्होंने कहा, ‘रांची से मिली सूचनाओं का संज्ञान लेते हुए, हमने नमूने एकत्र करने के वास्ते अगले सप्ताह अपनी टीम भेजने का फैसला किया है. इन्हें पुष्टि के लिए भोपाल स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान (एनआईएचएसएडी) भेजा जायेगा.’
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By Mithilesh Jha
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