रांची, हजारीबाग, गिरिडीह, साहिबगंज और पाकुड़ में वज्रपात से 8 लोगों की मौत, 6 घायल

झारखंड में वज्रपात से लगातार हो रही मौतें.
Lightning Strike News: झारखंड में मानसून कहर बरपा रहा है. वज्रपात से हो रही मौत थमने का नाम नहीं ले रही. बुधवार देर शाम से गुरुवार तक 8 लोगों की वज्रपात से मौत हो गयी. ये मौतें रांची, हजारीबाग, गिरिडीह, साहिबगंज और पाकुड़ जिले में हुईं हैं. मृतकों में ज्यादातर किसान हैं, जो खेत में काम करते समय वज्रपात की चपेट में आये या काम करके घर लौटते समय. रिपोर्ट विस्तार से पढ़ें.
Lightning Strike News: झारखंड में बारिश और वज्रपात का दौर जारी है. बुधवार शाम से अब तक राजधानी रांची, हजारीबाग, गिरिडीह, साहिबगंज और पाकुड़ जिले में वज्रपात से 8 लोगों की मौत हो चुकी है. 6 लोग घायल हुए हैं. 17 मवेशियों की भी मौत हुई है. हजारीबाग और रांची जिले में 2-2 लोगों की मौत हुई है, जबकि संताल परगना के 2 जिलों में 3 और गिरिडीह जिले में 1 व्यक्ति की ठनका गिरने से मौत हुई है.
रांची के तमाड़ और सिल्ली में 2 लोगों की मौत, 2 घायल
रांची के तमाड़ और सिल्ली प्रखंड में वज्रपात से 2 लोगों की मौत हो गयी और 2 लोग घायल हो गये. तमाड़ के जानुमपीड़ी निवासी सुनीता देवी (35) की मौके पर ही मौत हो गयी. उसके साथ खेत में धनरोपनी कर रही किरण देवी (30) घायल हो गयी. वहीं, सिल्ली के बुढ़ागुजु गांव में बुधवार को बिमल उरांव (40) की खेत में काम करने के बाद घर लौटते समय वज्रपात से मौत हो गयी. घाघरा गांव में रामप्रसाद महतो की पुत्री संध्या कुमारी (15) शाम 6 बजे घर पर खाना बना रही थी. इसी दौरान वज्रपात की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गयी.
हजारीबाग के विष्णुगढ़ और इचाक में वज्रपात से 2 मरे
हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ और इचाक प्रखंड में वज्रपात से 2 लोगों की मौत हो गयी और 4 अन्य घायल हो गये. मृतकों में कौसर अंसारी (18) पिता सुलेमान अंसारी निवासी विष्णुगढ़ और इत्तेफाक अशरफ (20) पिता मनोवर हुसैन निवासी इचाक शामिल हैं. घायलों में शकीला खातून, शहीदुन खातून, रुबिया खातून और चपरख गांव की एक महिला शामिल है.
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संताल परगना में वज्रपात से 3 की मौत
संताल परगना में वज्रपात से 3 लोगों की मौत हो गयी. साहिबगंज जिले के कोटालपोखर थाना क्षेत्र के मयूरकोला बधईटांड़ गांव निवासी बीशु घोष की पत्नी मानती देवी (55) एवं फूलचुआं गांव के गोला घोष की पत्नी उर्मिला देवी (35) की पोखर में स्नान करने के दौरान वज्रपात से मौत हो गयी. पाकुड़ जिले के हिरणपुर थाना क्षेत्र के कदमटोला निवासी अनिल भंडारी (60) अपने घर के सामने मैदान से बैल की बंधी रस्सी लाने गये थे. तभी वे वज्रपात की चपेट में आ गये और उनकी मौत हो गयी.
गिरिडीह में वज्रपात से महिला की मौत
गिरिडीह जिले में डुमरी के निमियाघाट थाना क्षेत्र की बलथरिया पंचायत के बाराडीह गांव में वज्रपात से कैलाश महतो की पत्नी चिंता देवी (65) की मौत हो गयी. वह खेत में धनरोपनी कर रही थी. इसी दौरान तेज बारिश के साथ वज्रपात हुआ और चिंता देवी की मौत हो गयी.
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सिमडेगा, गढ़वा और रांची में वज्रपात से 17 मवेशियों की मौत
सिमडेगा, गढ़वा और रांची जिले में वज्रपात से 17 मवेशियों की मौत हो गयी. सिमडेगा के ठेठईटांगर के घोड़ीटोली बांध डीपा में 6 बैल और 8 बकरियों की मौत हो गयी. चरवाहा बाल-बाल बच गया. गढ़वा के धुरकी में वज्रपात से हजरत अंसारी के 2 बैल की मौत हो गयी. वहीं, राजधानी रांची के तमाड़ के बुरुडीह गांव में अर्जुन सिंह मुंडा के मवेशी की मौत हो गयी.
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By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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