Land Mutation Jharkhand : झारखंड में म्यूटेशन का ऑनलाइन आवेदन अपलोड होना बंद, क्या है वजह

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 11 Dec 2025 7:52 AM

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ऑनलाइन म्यूटेशन आवेदन (Photo: AI)

Land Mutation Jharkhand : रैयत ऑनलाइन म्यूटेशन आवेदन नहीं भर पा रहे. प्रज्ञा केंद्रों से लौटना पड़ रहा है. तीसरे स्टेप पर डीड नंबर डालते ही सॉफ्टवेयर एरर दिखा रहा है. अंचल कर्मियों के अनुसार झारनेट और एनआइसी की समस्या आ रही है.

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Land Mutation Jharkhand : झारखंड भर के रैयत अपनी जमीन के म्यूटेशन के लिए ऑनलाइन आवेदन नहीं भर पा रहे हैं. प्रज्ञा केंद्रों में जाकर उन्हें लौटना पड़ रहा है. ऐसे में 15 दिन से अंचल कार्यालयों में म्यूटेशन के आवेदन ही नहीं पहुंच रहे हैं. इससे रैयतों के साथ ही अंचल कार्यालय और प्रज्ञा केंद्रों के संचालक भी परेशान हैं. रैयत बार-बार कभी अंचल कार्यालय तो कभी प्रज्ञा केंद्र दौड़ रहे हैं. प्रज्ञा केंद्र के संचालकों का कहना है कि सॉफ्टवेयर की खराबी के कारण ऐसा हो रहा है. ऑनलाइन आवेदन भरते समय दो स्टेप तक सॉफ्टवेयर ठीक काम करता है, तीसरे स्टेप में डीड नंबर आदि की मांग की जाती है, यह भरते ही डज नोट मैच लिखते हुए एरर शो करने लगता है.

इधर, अंचल कार्यालय के कर्मियों का कहना है कि झारनेट और एनआइसी के कारण यह स्थिति हो रही है. संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया गया है. केवल एनजीडीआरएस के माध्यम से संपत्ति रजिस्ट्री के बाद दस्तावेज म्यूटेशन के लिए अंचल कार्यालयों के पास पहुंच रहा है. यानी सुओ मोटो म्यूटेशन सिस्टम के तहत जो दस्तावेज भेजने हैं, केवल वही जा रहा है. बाकी म्यूटेशन के लिए कोई भी व्यक्ति प्रज्ञा केंद्रों या कहीं से भी आवेदन फाइल नहीं कर पा रहे हैं.

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कनेक्टिविटी में सुधार नहीं

लंबे समय से म्यूटेशन का कार्य प्रभावित है. अंचल कार्यालयों में जो नेट की कनेक्टिविटी उपलब्ध करायी गयी है, वह काफी धीमी है. इस कारण कम ही म्यूटेशन कार्यों का निबटारा हो रहा है. बड़ी संख्या में मामले लटकते जा रहे हैं.

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By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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