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संविधान संशोधन पर मुहर आज, 38 साल बाद बदलेगा झामुमो अध्यक्ष, शिबू सोरेन की जगह लेंगे हेमंत

Updated at : 15 Apr 2025 8:44 AM (IST)
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JMM Mahadhiveshan Ranchi Hemant Soren Shibu Soren

झामुमो के केंद्रीय महाधिवेशन में शिबू सोरेन के साथ गहन मंत्रणा करते हेमंत सोरेन.

JMM Mahadhiveshan Ranchi: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) का 13वां महाधिवेशन ऐतिहासिक होने जा रहा है. लगातार दूसरी बार सत्ता में आने के बाद पार्टी के महाधिवेशन में संविधान संशोधन पर आज मुहर लगेगी. 38 साल बाद शिबू सोरेन झामुमो अध्यक्ष का पद छोड़ेंगे और उनकी जगह झारखंड के मुख्यमंत्री और उनके पुत्र हेमंत सोरेन पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालेंगे. शिबू सोरेन अब नयी भूमिका में होंगे.

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JMM Mahadhiveshan Ranchi| रांची में आयोजित 13वें महाधिवेशन में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) बड़ा फैसला लेने जा रहा है. संगठन में परिवर्तन के साथ ही झामुमो अपने संविधान में बड़ा बदलाव करने जा रहा है. संविधान संशोधन कर पार्टी में कार्यकारी अध्यक्ष का पद समाप्त कर दिया गया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन कार्यकारी अध्यक्ष का पद संभाल रहे थे. पार्टी ने संविधान संशोधन कर संस्थापक संरक्षक का नया पद बनाया है. पार्टी के अध्यक्ष शिबू सोरेन अब संस्थापक संरक्षक होंगे. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष होंगे. अब पार्टी की कमान पूरी तरह सीएम हेमंत सोरेन के हाथ में होगी. महाधिवेशन के दूसरे दिन 15 अप्रैल को इस संशोधन पर मुहर लग जायेगी.

विनोद पांडेय ने पेश किया संविधान संशोधन का प्रस्ताव

पार्टी के महासचिव विनोद पांडेय ने महाधिवेशन के पहले दिन संविधान संशोधन का प्रस्ताव पेश किया. झामुमो के अध्यक्ष रहे निर्मल महतो की हत्या के बाद पार्टी के संस्थापक शिबू सोरेन ने 1987 में पार्टी की कमान संभाली थी. इससे पहले शिबू सोरेन ने यह जिम्मेवारी शहीद निर्मल महतो को दी थी और खुद महासचिव का पद संभाल रहे थे.

1972 में विनोद बिहारी महतो बने थे पार्टी के पहले अध्यक्ष

वर्ष 1972 में झामुमो के गठन के बाद विनोद बिहारी महतो पार्टी के पहले अध्यक्ष बने थे. वर्ष 1973 से 1984 तक विनोद बिहारी महतो ही अध्यक्ष रहे थे. बाद में 1984 में राजनीतिक परिस्थितियां बदलीं, तो शिबू सोरेन ने निर्मल महतो को अध्यक्ष बनाया. शिबू सोरेन लगभग 38 वर्षों तक पार्टी के अध्यक्ष रहे. पार्टी के संविधान संशोधन के बाद लंबे अंतराल के बाद संगठन में बड़ा बदलाव होगा. 4 दशक बाद शिबू सोरेन की भूमिका बदलने जा रही है.

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वर्ष 2015 में कार्यकारी अध्यक्ष बने थे हेमंत सोरेन

वर्ष 2015 के जमशेदपुर महाधिवेशन में हेमंत सोरेन को कार्यकारी अध्यक्ष की जवाबदेही मिली थी. इनके नेतृत्व में पार्टी ने 2-2 विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की. हेमंत सोरेन ने लगभग 10 वर्षों तक कार्यकारी अध्यक्ष की जवाबदेही निभायी.

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ह्वील चेयर पर शिबू-रूपी को लेकर मंच पर पहुंचे हेमंत

झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन और उनकी पत्नी रूपी सोरेन ह्वील चेयर पर झामुमो के महाधिवेशन में पहुंचे. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने पिता का ह्वील चेयर स्वयं धकेलकर मुख्य मंच पर ले गये. उनकी माता के ह्वील चेयर के साथ मुख्यमंत्री की पत्नी विधायक कल्पना सोरेन चल रहीं थीं. कार्यकर्ताओं ने खड़े हो तालियां बजाकर सभी का स्वागत किया. सोरेन परिवार ने हाथ हिलाकर सभी का अभिवादन स्वीकार किया.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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