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Jharkhand Weather: झारखंड में भारी बारिश के बाद कम हुआ साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर

Updated at : 05 Aug 2024 10:21 AM (IST)
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Jharkhand Weather: झारखंड में भारी बारिश के बाद कम हुआ साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर

Jharkhand Weather: झारखंड में मूसलाधार बारिश के बाद साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर कम हो गया है. मौसम विभाग ने कहा है कि 6-7 अगस्त को संताल परगना में वर्षा होगी.

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Jharkhand Weather: झारखंड में मूसलाधार बारिश के बाद साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर कम हो गया है. 3 दिन तक साइक्लोन की वजह से झारखंड के अधिकतर जिलों में भारी से अत्यंत भारी वर्षा हुई. इसके बाद मानसून सीजन में बारिश की कमी का अंतर 50 फीसदी से घटकर 17 फीसदी रह गई.

संताल परगना समेत अन्य जिलों में 6-7 अगस्त को बारिश के आसार

मौसम विभाग ने 6 और 7 अगस्त को संताल परगना समेत कई अन्य जिलों में हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश का अनुमान जताया है. प्रभात खबर (prabhatkhabar.com) से बातचीत में भारत मौसम विज्ञान विभाग के रांची स्थित मौसम केंद्र के प्रमुख अभिषेक आनंद ने बताया कि झारखंड में साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर कम हो गया है. इसकी वजह से रविवार को राज्य में कुछ जगहों पर छिटपुट बारिश हुई.

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झारखंड में मूसलाधार बारिश में बह गए कई पुल-पुलिया

उन्होंने बताया कि मौसम केंद्र का पूर्वानुमान है कि 6-7 अगस्त को संताल परगना के जिलों में तेज बारिश हो सकती है. अन्य जिलों में हल्की बारिश का अनुमान है. झारखंड में 3 दिनों तक साइक्लोनिक सर्कुलेशन के असर से मूसलधार बारिश ने जनजीवन ठप कर दिया था. कई जगहों पर पुल-पुलिया बह गये. कई लोगों की मौत हो गयी. अब

मसानजोर में हुई सबसे अधिक बारिश

झारखंड में पिछले 24 घंटे में सबसे अधिक बारिश मसानजोर में हुई. यहां 87 मिलीमीटर बारिश हुई. डालटेनगंज में 67 मिलीमीटर, भवनाथपुर में 49 मिलीमीटर तथा राजमहल में 48 मिलीमीटर के आसपास बारिश हुई. राज्य में अब सामान्य से मात्र 17 फीसदी ही बारिश की कमी रह गयी है.

झारखंड में 453 मिलीमीटर बरसा मानसून

झारखंड में अब तक मानसून के सीजन में 453 मिलीमीटर बारिश हुई है. इस दौरान करीब 549 मिमी बारिश होनी चाहिए थी. राज्य के कई जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हो गयी है. राजधानी रांची में भी एक जून से अब तक करीब 720 मिमी बारिश हो गयी है. चतरा, देवघर, पूर्वी सिंहभूम, देवघर, पाकुड़ और पश्चिमी सिंहभूम में अभी भी बारिश की कमी है. यहां सामान्य से 30 से लेकर 50 फीसदी तक कम बारिश कम हुई है.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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