झारखंड में एक दिन की बारिश ने जलाशयों पर बढ़ाया दबाव, इन 3 डैम के फाटक खोले गए, देखें VIDEO

तेनुघाट डैम के 10 में से 8 फाटक खोले गए. फोटो : प्रभात खबर
Jharkhand News: झारखंड में हुई भारी बारिश से अधिकतर जलाशय लबालब हो गए हैं. रांची के गोंदा, गेतलसूद और बोकारो के तेनुघाट डैम के फाटक खोल दिए गए हैं.
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Jharkhand News: झारखंड में एक दिन की भारी बारिश ने जलाशयों पर दबाव बढ़ा दिया है. राज्य के डैम का जलस्तर बढ़ने की वजह से कम से कम 3 डैम के फाटक खोल दिए गए हैं. जिन जलाशयों का जलस्तर खतरनाक स्तर की ओर बढ़ रहा है या उसके करीब पहुंच गया है, उन डैमों के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है.

सुबह खोले गये गोंदा और तेनुघाट डैम के फाटक
शनिवार को सुबह रांची स्थित गोंदा डैम के फाटक खोले गए. बोकारो जिला में स्थित तेनुघाट डैम के भी फाटक को भी खोल दिया गया. तेनुघाट के 10 में से 8 गेट को 4-4 मीटर पर खोला गया. तेनुघाट का जलस्तर 861.50 फीट हो गया था. बांध पर पड़ने वाले दबाव को देखते हुए डैम के फाटक को खोला गया.
रांची के गेतलसूद डैम के स्लुइस गेट को खोला गया
रांची के एक और डैम का जलस्तर तेजी से बढ़ने की वजह से उसके स्लुइस गेट को खोल दिया गया. अनगड़ा प्रखंड में स्थित गेतलसूद डैम में पानी का लेवल 1933 आरएल फीट के पार हो गया था. इसकी सूचना मिलते ही सिंचाई विभाग के अधिकारी गेतलसूद डैम पहुंचे. विभाग के पदाधिकारियों और इंजीनियरों ने स्थिति का आकलन किया और उसके बाद रेडियल गेट की जगह स्लुइस गेट को खोलने का फैसला किया. कहा गया कि स्लुइस गेट खोले जाने से डैम में जमा गाद बाहर निकल जाएगा.
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स्लुइस गेट खोलकर बहाया जा रहा अतिरिक्त पानी
इसके पहले अधिकारियों ने कहा था कि पानी की आवक इसी तरह बनी रही, तो गेतलसूद डैम के रेडियल गेट खोले जा सकते हैं. अधिकारियों ने कहा कि डैम का गेट खोलकर अतिरिक्त पानी को बहाया जाएगा, ताकि बांध को किसी तरह का खतरा न हो. लेकिन, बाद में स्लुइस गेट खोलने का फैसला किया. दरअसल, सिकिदिरी हाइडल में मेंटेनेस कार्य की वजह से वहां पानी नहीं भेजा जा रहा है. इसलिए डैम में पानी का लेवल बढ़ गया है.

गेतलसूद डैम का खतरे का लेवल है 1936 आरएल फीट
गेतलसूद डैम में खतरे का स्तर 1936 आरएल फीट है. पानी के इस स्तर तक पहुंचने से पहले ही रेडियल गेट को खोलकर पानी को स्वर्णरेखा नदी में छोड़ा जाएगा. यह पानी हुंडरू फॉल के रास्ते मूरी और फिर चांडिल डैम में चला जाएगा. स्वर्णरेखा नदी के तटवर्ती और निचले इलाके में रहने वाले लोगों को अलर्ट कर दिया गया है.
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By Mithilesh Jha
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