बारिश में भूलकर भी गंदी न छोड़ें घर की ये 6 जगहें, वरना परिवार पर मंडरा सकता है बीमारियों का खतरा

Edited by Saurabh Poddar
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बारिश के दिनों में घर की किन जगहों को हमेशा साफ रखना चाहिए? Ai image

Monsoon Cleaning Tips: बारिश का मौसम राहत के साथ-साथ सीलन, बदबू और बैक्टीरिया जैसी कई परेशानियां भी लेकर आता है. ऐसे में अगर आप चाहते हैं कि आपका घर साफ-सुथरा रहे और परिवार इन दिक्कतों से बचा रहे, तो मानसून में घर की इन 6 जगहों की सफाई करना बिल्कुल भी न भूलें.

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Monsoon Cleaning Tips: बारिश का खूबसूरत मौसम अपने साथ गर्मियों से राहत तो लेकर आता ही है, लेकिन अपने साथ ढेर सारा मॉइस्चर, सीलन और बैक्टीरिया को भी लेकर आता है. बारिश के मौसम में हमारे घर से अजीब सी बदबू आने लगती है और साथ ही घर की दीवारों पर फंगस के बढ़ने का खतरा भी रहता है. अगर आप इस मानसून खुद को और अपने परिवार को बीमारियों से बचाकर रखना चाहते हैं, तो आज की यह आर्टिकल आपके लिए काफी कमा की हो सकती है. आज इस आर्टिकल में हम आपको घर की 6 ऐसी जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनकी सफाई आपको इस मानसून सीजन बिना भूले जरूर करनी चाहिए. जब आप इन चीजों को साफ रखना शुरू करते हैं तो आप और आपका परिवार सिर्फ बीमारियों से नहीं, बल्कि और भी कई तरह की प्रॉब्लम्स से सुरक्षित रहता है. तो चलिए इनके बारे में जानते हैं विस्तार से.

घर की खिड़कियां और दरवाजे

बारिश के मौसम में सबसे पहले आपको अपने घर की खिड़कियों और दरवाजों पर ध्यान देना शुरू कर देना चाहिए. लकड़ी के दरवाजे अक्सर मॉइस्चर के कारण फूल जाते हैं और ठीक से बंद नहीं हो पाते हैं. इसके अलावा कई बार खिड़कियों के कोनों में बारिश का पानी जमा होने से वहां गंदगी और फंगस जमने का भी खतरा बढ़ जाता है. इसलिए हफ्ते में कम से कम एक बार सूखे और साफ कपड़े से खिड़की-दरवाजों को पोंछें. वहीं, लोहे की ग्रिल पर जंग न लगे इसके लिए आप एंटी-रस्ट स्प्रे का भी इस्तेमाल कर सकते हैं.

किचन और सिंक की सफाई भी जरूरी

किचन हमारे घर का सबसे जरूरी हिस्सा है और यही पर मानसून में यहां सबसे जल्दी बैक्टीरिया भी पनपते हैं. इस मौसम में मॉइस्चर की वजह से मसालों और अनाज में कीड़े लगने का डर रहता है. ऐसा न हो इसके लिए किचन के सिंक को हर रात सोने से पहले गर्म पानी और बेकिंग सोडा डालकर सफाई करें. जब आप ऐसा करते हैं तो नालियों से कीड़े और बदबू नहीं आते हैं. इसके अलावा खाने-पीने की चीजों को हमेशा एयरटाइट डिब्बों में ही पैक करके रखें.

बाथरूम के कोने और टाइल्स

बाथरूम में हमेशा पानी का काम होता है, जिस वजह से मानसून के दिनों में यहां सीलन और फिसलन सबसे ज्यादा होती है. इसके अलावा टाइल्स के बीच में काली फंगस जमने लगती है जो आपकी सेहत के लिए बिलकुल भी अच्छी नहीं है. मानसून के दौरान जितना हो सके बाथरूम को सूखा हुआ रखने की कोशिश करें. इसके लिए हफ्ते में कम से कम दो बार किसी अच्छे क्लीनर या विनेगर से बाथरूम की टाइल्स और कोनों को रगड़कर साफ करें. इससे जर्म्स भी मरेंगे और बदबू भी दूर होगी.

भारी और मोटे पर्दे और कालीन

बारिश के दिनों में हवा में मॉइस्चर बहुत ही ज्यादा बढ़ जाती है, जिसे कालीन और हैवी पर्दे जल्दी एब्जॉर्ब कर लेते हैं. इससे उनमें से सीलन भरी बदबू आने लगती है. अगर आपके लिए पॉसिबल हो, तो मानसून की शुरुआत में ही हैवी कालीनों को साफ करके रोल करके रख दें. इसके अलावा खिड़कियों पर हमेशा हल्के और आसानी से सूखने वाले कॉटन के पर्दे लगाएं. अगर कानों में मॉइस्चर लग रही है, तो उन पर थोड़ा सा वैक्यूम क्लीनर चलाएं और धूप निकलने पर उन्हें बाहर जरूर सुखाएं.

वार्डरोब और अलमारी के अंदर

बारिश के दिनों में कपड़ों को सीलन और फंगस से बचाना भी अपने आप एक काफी बड़ा टास्क बन जाता है. ऐसा इसलिए क्योंकि, अलमारी को बंद रखने से उसके अंदर रखी साड़ियों, कोट और अन्य कपड़ों में सफेद फंगस लग जाती है. अगर आप इस प्रॉब्लम से बचना चाहते हैं तो इसके लिए सबसे पहले अलमारी के कोनों में नैफ्थलीन की गोलियां या सूखी नीम की पत्तियां रखना शुरू कर दें. यह मॉइस्चर को एब्जॉर्ब करती हैं और कीड़ों को दूर रखती हैं. इसके अलावा कभी-कभार अलमारी के दरवाजे खोलकर पंखा चला दें ताकि फ्रेश हवा अंदर जा सके.

बालकनी और छत की सफाई भी है जरूरी

यह बात तो आप जानते ही हैं कि मानसून के दिनों में बालकनी और छत पर सबसे ज्यादा पानी गिरता है. अगर आपकी बालकनी में पेड़-पौधे हैं, तो गमलों के नीचे रखी प्लेटों को रेगुलर सफाई करें. आपको ऐसा इसलिए करना चाहिए क्योंकि रुका हुआ पानी मच्छरों का घर बन जाता है, जिससे डेंगू और मलेरिया का खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाता है. इसके अलावा छत के ड्रेनेज पाइप को भी साफ रखें ताकि बारिश का पानी छत पर जमा न हो.

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Saurabh Poddar

लेखक के बारे में

By Saurabh Poddar

सौरभ पोद्दार एक लाइफस्टाइल जर्नलिस्ट हैं और पिछले 4 सालों से डिजिटल मीडिया में एक्टिव हैं. उन्होंने रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है. फिलहाल, सौरभ 'प्रभात खबर' के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बतौर कंटेंट राइटर काम कर रहे हैं. सौरभ को उन विषयों पर लिखना सबसे ज्यादा पसंद है, जो हमारी रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े हैं. उनके आर्टिकल्स में आपको हेल्थ, फिटनेस, स्किन-हेयर केयर, पेरेंटिंग, हेल्दी रेसिपीज, घरेलू नुस्खे, रिलेशनशिप और वास्तु शास्त्र जैसी उपयोगी जानकारियां मिलेंगी. फिटनेस और अच्छी सेहत सौरभ की निजी जिंदगी का भी अहम हिस्सा हैं. वे जिन विषयों पर लिखते हैं, उन्हें अपनी रूटीन में फॉलो भी करते हैं. उनका मानना है कि जब आप किसी चीज को खुद एक्सपीरियंस करते हैं, तभी दूसरों तक सही और प्रैक्टिकल जानकारी पहुंचा सकते हैं. उनकी हमेशा यही कोशिश रहती है कि वे ट्रेंडिंग टॉपिक्स पर बिल्कुल आसान और आम बोलचाल की भाषा में लिखें, ताकि हर पाठक उसे आसानी से समझ सके. यही वजह है कि उनके लिखे आर्टिकल्स काफी एंगेजिंग और एसईओ फ्रेंडली होते हैं.

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