ePaper

झारखंड के निजी स्कूलों की मान्यता के लिए तय जमीन की शर्त में हो सकता है बदलाव, रामदास सोरेन ने दिया निर्देश

Updated at : 29 Mar 2025 9:30 AM (IST)
विज्ञापन
निजी स्कूलों को मान्यता देने के लिए जमीन की शर्तों में हो सकता है बदलाव, सांकेतिक तस्वीर

निजी स्कूलों को मान्यता देने के लिए जमीन की शर्तों में हो सकता है बदलाव, सांकेतिक तस्वीर

Jharkhand School News: झारखंड के निजी स्कूलों को मान्यता देने के लिए तय जमीन की शर्तों में बदलाव हो सकता है. मंत्री रामदास सोरेन ने इसे लेकर निर्देश दे दिया है.

विज्ञापन

रांची, सुनील कुमार झा: झारखंड में शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीइ) की नियमावली में संशोधन किया जायेगा. इसके तहत निजी स्कूलों को मान्यता लेने के लिए नियमावली में तय भूमि की शर्त में बदलाव हो सकता है. इसे लेकर स्कूली शिक्षा और साक्षरता मंत्री रामदास सोरेन ने विभाग के अधिकारियों को प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया है. विभागीय मंत्री के निर्देश के अनुरूप शिक्षा विभाग ने इस संबंध में आवश्यक प्रक्रिया शुरू की है.

जमीन की कमी से स्कूलों को नहीं मिल रही मान्यता

झारखंड में वर्तमान में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत स्कूलों की मान्यता के लिए शहरी क्षेत्र में 75 डिसमिल और ग्रामीण क्षेत्र में एक एकड़ जमीन की आवश्यकता होती है. विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान शिक्षा मंत्री के समक्ष राज्य में बिना मान्यता के चल रहे स्कूलों का मामला रखा गया. शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन को स्कूलों की मान्यता को लेकर आवश्यक शर्त की जानकारी दी गयी.

Also Read: राजीव गांधी की हत्या के तर्ज पर PM मोदी पर भी हमले की थी योजना, नक्सली प्रशांत बोस ने किया खुलासा

75 डिसमिल जमीन की रखी गयी थी शर्त

बैठक में कहा गया कि निजी विद्यालयों को मान्यता देने के लिए शहरी क्षेत्र में 75 डिसमिल जमीन की शर्त रखी गयी है, जिसकी पूर्ति शहरी क्षेत्रों में संभव नहीं हो पा रही है. ग्रामीण क्षेत्र में भी जमीन को लेकर परेशानी हो रही है. ऐसे में शिक्षा मंत्री ने स्कूलों की मान्यता को लेकर आवश्यक जमीन की अहर्ता कम करने को लेकर कैबिनेट के समक्ष प्रस्ताव रखने का निर्देश दिया. राज्य में वर्ष 2011 में शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू हुआ था. फिर वर्ष 2019 में नियमावली में पहला संशोधन हुआ और अब दूसरा संशोधन हो सकता है.

झारखंड में बिना मान्यता के पांच हजार सेअधिक स्कूल

झारखंड में बिना मान्यता के सबसे अधिक 5879 विद्यालय संचालित हैं. इन स्कूलों में 837879 बच्चे नामांकित हैं, जबकि 46421 शिक्षक कार्यरत हैं. देश में बिना मान्यता के सबसे अधिक निजी स्कूल झारखंड में संचालित किये जा रहे हैं. ज्ञात हो कि केंद्र सरकार ने पिछले वर्ष देश भर में बिना मान्यता के चल रहे स्कूलों की संख्या जारी की थी. जिसके बाद झारखंड में स्कूलों की मान्यता को लेकर पत्र जारी किया गया था.

स्कूल संचालक कर रहे शर्त में बदलाव की मांग

झारखंड के निजी स्कूल संचालक काफी दिनों से जमीन की शर्त में बदलाव की मांग कर रहे हैं. इस संबंध में स्कूल संचालकों का कहना था कि इस शहरी क्षेत्र में 75 डिसमिल जमीन मिलना काफी मुश्किल है. स्कूलों का कहना है कि जमीन नहीं होने के कारण ही मान्यता नहीं मिल पाती है.

झारखंड की ताजा खबरें यहां पढ़ें

विज्ञापन
Sameer Oraon

लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola