Jharkhand: जिन लोगों की जमीन पर बना कांके डैम, वही लोग तरस रहे हैं पानी को

चिराग तले अंधेरा वाली कहावत वार्ड नंबर-एक और चटकपुर पंचायत के पतरा गोंदा मोहल्ले के 500 परिवारों पर बिल्कुल सटीक बैठती है. मोहल्ले की जमीन पर ही कांके डैम बना है. फिर भी यहां के लोगों को इस डैम का पानी नसीब नहीं हो रहा है. दलदली जमीन होने के कारण पतरा गोंदा में बोरिंग नहीं हो सकती है.
राज वर्मा
Jharkhand News : चिराग तले अंधेरा वाली कहावत वार्ड नंबर-एक और चटकपुर पंचायत के पतरा गोंदा मोहल्ले के 500 परिवारों पर बिल्कुल सटीक बैठती है. मोहल्ले की जमीन पर ही कांके डैम बना है. फिर भी यहां के लोगों को इस डैम का पानी नसीब नहीं हो रहा है. मोहल्ले के लोग आज भी चुआं का पानी पीने को मजबूर हैं. हालांकि, कुछ घरों में कुआं है. ज्ञात हो कि दलदली जमीन होने के कारण पतरा गोंदा में बोरिंग नहीं हो सकती है.
यह मोहल्ला शहर के वीवीआइपी एरिया कांके रोड के बगल में है. लेकिन, यहां के लोग आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं. कांके डैम वर्ष 1954 में बनकर तैयार हुआ था. डैम बनने के बाद मोहल्ले के लोगों को लगा था कि अब उन्हें पेयजल के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा. लेकिन, ऐसा नहीं हुआ. यहां के लोगों का कहना है कि हमारी ही जमीन पर डैम होने के बाद भी हम चुआं का पानी पीने को मजबूर हैं. जबकि इसी डैम से शहर के लगभग दो लाख लोगों को पानी की आपूर्ति की जाती है.
लोगों की समस्या यहीं पर समाप्त नहीं होती है. मोहल्ले तक आने के लिए सड़क तक नहीं है. लोगों का कहना है कि अगर कांके रोड से इस मोहल्ले को जोड़ दिया जाये, तो सिर्फ डेढ़ किलोमीटर की दूरी तय कर मुख्य सड़क पर आ सकते हैं. लेकिन, सड़क नहीं होने कारण यहां के लोगों को रातू रोड होते हुए घूम कर कांके रोड आना पड़ता है. किसी के बीमार पड़ने पर एंबुलेंस पहुंचने में भी काफी समय लगता है.
मोहल्ले के लोगों की मानें, तो चुनाव के समय यहां वोट मांगने के लिए नगर निगम व पंचायत दोनों के प्रतिनिधि आते हैं. गांव के लोग दोनों ही चुनाव में वोट भी देते हैं. लेकिन, जाति, आवासीय, आय प्रमाण पत्र, वंशावली आदि बनाने के लिए जब यहां के लोग नगर निगम या पार्षद के पास जाते हैं, तो वहां से कहा जाता है कि आप नगर निगम क्षेत्र में नहीं हैं. पंचायत में जाकर अपनी समस्या रखिए. वहीं, जब पंचायत में मुखिया के पास जाते हैं, तो वहां कहा जाता है कि आप लोग नगर निगम में आते हैं. इसलिए नगर निगम में जाकर अपनी समस्या रखें. ऐसे में यहां के लोगों को समझ में नहीं आता है कि वे अपनी समस्या किसके पास रखें. इसी कारण अब तक मोहल्ले के 30 से अधिक लोगों का प्रधानमंत्री आवास नहीं बना है. जबकि इनकी सूची काफी पहले तैयार कर ली गयी है.
मोहल्ले के लोगों की समस्या से अवगत हूं. अभी तुरंत पंचायत चुनाव जीत कर मुखिया बना हूं. बहुत जल्द ही मोहल्ले में बैठक कर लोगों की समस्या दूर करने का प्रयास करेंगे.
विक्की लोहरा, मुखिया, चटकपुर पंचायत
हमारी लंबे समय से मांग है कि इस मोहल्ले को नगर निगम में पूरी तरह से शामिल कर लिया जाये. लेकिन, अधिकारी इसको लेकर गंभीर नहीं हैं. इस संबंध में कई बार मेयर व डीसी को पत्र लिखा है.
नकुल तिर्की, पार्षद, वार्ड नंबर एक
पतरा गोंदा क्षेत्र को डीसी की ओर से चटकपुर पंचायत में शामिल किया जा रहा है. हमारा कहना है कि यह क्षेत्र नगर निगम में आता है. इसे पूरी तरह नगर निगम क्षेत्र में शामिल किया जाये, ताकि यहां के लोगों को इसका लाभ मिल सके. हम पतरा गोंदा के लोगों की ओर से इस संबंध में डीसी को ज्ञापन सौंपेंगे़
आशा लकड़ा, मेयर
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




