झारखंड के पड़ोसी राज्यों में पहुंचा ओमिक्रोन, लेकिन राज्य में जांच की गति धीमी, जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट

Updated at : 29 Dec 2021 8:38 AM (IST)
विज्ञापन
झारखंड के पड़ोसी राज्यों में पहुंचा ओमिक्रोन, लेकिन राज्य में जांच की गति धीमी, जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट

झारखंड के पड़ोसी राज्यों में ओमिक्रोन दस्तक दे चुका है, लेकिन राज्य में जांच की गति धीमी है, वहीं नये वैरिएंट की पहचान के लिए जीनोम सिक्वेंसिंग मशीन भी नहीं है. हालांकि राज्य में स्वास्थ्य विभाग ने कुछ दिशा निर्देश जारी किया है.

विज्ञापन

रांची : पड़ोसी राज्यों में ओमिक्रोन की दस्तक के साथ ही झारखंड पर भी इसका खतरा मंडराने लगा है. पश्चिम बंगाल, ओड़िशा, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश में ओमिक्रोन के संक्रमितों का अस्पतालों में इलाज चल रहा है. ताजा आंकड़े के अनुसार, देश में अब तक ओमिक्रोन से 653 संक्रमित मिल चुके हैं. इसमें ओड़िशा में आठ, पश्चिम बंगाल में छह, छत्तीसगढ़ में तीन और उत्तर प्रदेश में दो संक्रमित मिले हैं, वहीं कई की रिपोर्ट आनी है. ऐसे में इंट्री प्वाइंट पर सख्ती बरतनी होगी.

राज्य में जीनोम सिक्वेंसिंग मशीन नहीं :

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि राज्य में नये वैरिएंट की पहचान के लिए जीनोम सिक्वेंसिंग मशीन भी नहीं है. ऐसे में ओमिक्रोन को लेकर सतर्कता और भी आवश्यक हो गया है. कोरोना की जांच करानी होगी. बचाव के लिए मास्क लगाने, सामाजिक दूरी का पालन करने और हाथों की सफाई का पालन करने की जरूरत है. हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने सभी उपायुक्तों और सिविल सर्जन को इंट्री प्वाइंट और रेलवे स्टेशन के साथ एयरपोर्ट पर बढ़ाने का निर्देश दिया है.

रोज 30 हजार से कम हो रही जांच :

राज्य में एक्टिव केस की बढ़ती संख्या के बीच जांच की गति तेज नहीं हुई है. राज्य में प्रतिदिन 30 हजार से कम लोगों की जांच हो रही है. 27 दिसंबर को राज्य में 29,795 लोगों की जांच की गयी. वहीं राज्य में 16,421 सैंपल लंबित है, जिसकी जांच करनी है.

क्या कहते हैं विशेषज्ञ
ओमिक्रोन से घबरायें नहीं, क्योंकि इलाज का प्रोटोकॉल वही : डॉ प्रदीप

रिम्स के क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ डॉ प्रदीप भट्टाचार्या ने कहा कि ओमिक्रोन को लेकर सतर्कता जरूरी है, क्योंकि पड़ोसी राज्यों में नये वैरिएंट ने दस्तक दे दी है. लेकिन इलाज का प्रोटोकॉल वही है, इसलिए घबरायें नहीं. सिम्टोमैटिक दवाएं चलती हैं और सरकार भी तैयार है. विश्व में नये वैरिएंट को लेकर जीवन संकट की बात नहीं आयी है.

Posted By : Sameer Oraon

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola