झारखंड के बयान-बहादुर: भाजपा, कांग्रेस और झामुमो के इन नेताओं के विवादित बयानों ने बटोरी सुर्खियां

Year Ender 2022 Jharkhand: झारखंड में इस साल यानी वर्ष 2022 में कई नेता अपने बयानों की वजह से सुर्खियों में रहे. ऐसे नेताओं में भाजपा के सत्येंद्र तिवारी, कांग्रेस के नेता बंधु तिर्की, जलेश्वर महतो, इरफान अंसारी और झारखंड मुक्ति मोर्चा के हाफिज-उल-हसन और बसंत सोरेन शामिल हैं.
Jharkhand Ke Bayan-Bahadur: झारखंड में इस साल यानी वर्ष 2022 (Year Ender 2022) में कई नेता अपने बयानों की वजह से सुर्खियों में रहे. ऐसे नेताओं में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सत्येंद्र तिवारी, कांग्रेस के नेता बंधु तिर्की, जलेश्वर महतो, इरफान अंसारी और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के हाफिज-उल-हसन और बसंत सोरेन शामिल हैं. इनमें से किसी ने अजीब-ओ-गरीब बयान दिया, तो किसी ने अपने विरोधी को परोक्ष रूप से धमकी दी.
हेमंत सोरेन सरकार के मंत्री हाफिज-उल-हसन ने गढ़वा में विवादित बयान दिया. गढ़वा में हिंदू मुस्लिम समन्वय समिति गढ़वा के बैनर तले इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया था. झारखंड सरकार के कल्याण मंत्री हाफिज-उल-हसन भी इसमें शरीक हुए थे. यहीं उन्होंने विवादित बयान दे दिया. कहा कि हमारा 20 फीसदी, तो आपका भी 80 फीसदी घर बंद होगा. पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री मिथिलेश ठाकुर के साथ वह इस कार्यक्रम में शामिल हुए थे. हाफिज-उल हसन का वीडियो वायरल हुआ, तो भाजपा ने मंत्री और हेमंत सोरेन सरकार को आड़े हाथ लिया. मुख्य विपक्षी पार्टी ने मंत्री के कहा कि मंत्री का बयान हिंदू-मुस्लिम सौहार्द बिगाड़ने और कट्टरता को बढ़ावा देने वाला है.
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झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के छोटे भाई बसंत सोरेन ने एक विवादित बयान दे दिया, जिस पर घमासान मच गया. हेमंत सोरेन की सदस्यता संबंधी चुनाव आयोग का पत्र राजभवन पहुंचा था. उस पत्र की वजह से झारखंड की राजनीति में उथल-पुथल मचा हुआ था. इसी बीच, दिशोम गुरु शिबू सोरेन के छोटे पुत्र बसंत सोरेन दिल्ली गये. पत्रकारों ने उनसे पूछा कि दिल्ली जाने की कोई विशेष वजह तो नहीं, इस पर बसंत सोरेन ने कहा, ‘मेरे अंडरगारमेंट्स (अंत:वस्त्र) खथ्म हो गये थे. अंडरगारमेंट्स खरीदने के लिए मैं दिल्ली गया था.’ सोशल मीडिया पर बसंत का यह बयान खूब वायरल हुआ.
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लाउंडरिंग मामले में इसी साल पूछताछ की. कांग्रेस विधायकों के आवास पर इनकम टैक्स की रेड पड़ी. केंद्रीय एजेंसी की कार्रवाई के खिलाफ राजधानी रांची में राजभवन के सामने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) का धरना चल रहा था. केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई से नाराज झारखंड सरकार में शामिल कांग्रेस पार्टी ने कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की ने विवादित बयान दिया. बंधु तिर्की ने कहा कि जरूरत पड़े, तो भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कार्यकर्ताओं को पीटो. विधायकों ने आरोप लगाया था कि भाजपा के दबाव में केंद्रीय एजेंसियों ने उनके खिलाफ कार्रवाई की है.
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झारखंड प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष जलेश्वर महतो ने भी एक विवादित दिया. उनका बयान ब्राह्मणों को लेकर था. धनबाद जिला के बाघमारा ब्लॉक स्थित माटीगढ़ा ग्वाला धौड़ा में दो दिवसीय गोवर्धन पूजा का आयोजन किया जा रहा था. इसी दौरान जलेश्वर महतो ने विवादित बयान दिया. कहा कि दुनिया का सबसे बड़ा गौ वंश का तस्कर हिंदुस्तान है. वह यहीं नहीं रुके. कहा कि जितनी भी बड़े-बड़े ऑटोमेटिक कसाई खाने हैं, सभी ब्राह्मणों के हैं. हालांकि, उन्होंने मंच पर बैठे ब्राह्मण जाति के समर्थक से मुखातिब होते हुए कहा कि बाबा क्षमा करेंगे. आप उसमें नहीं है. लेकिन, बहुत उच्च कोटि के लोग इसमें शामिल हैं. जलेश्वर महतो के इस बयान पर ब्राह्मण समाज ने तीखी प्रतिक्रिया दी. बता दें कि इससे पहले जलेश्वर महतो ने भुइयां बेलदार समाज की महिलाओं पर भी गलत टिप्पणी की थी, जिसकी वजह से उनकी खूब आलोचना हुई.
जामताड़ा के कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी अपने बयानों के लिए चर्चा में रहते हैं. इस बार उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को कॉपी करते हुए एक बयान दिया, जिसके लिए उन्हें खूब आलोचना झेलनी पड़ी. सोशल मीडिया में उन्हें ट्रोल किया गया. दरअसल, इरफान अंसारी ने कहा था कि झारखंड में ‘कंगना रनौत (Bollywood actress Kangana Ranaut) के गालों से भी ज्यादा चिकनी सड़कें बनायेंगे. इन चिकनी सड़कों का इस्तेमाल आदिवासी समुदाय के बच्चे और प्रदेश के युवा करेंगे.’ डॉ इरफान ने कहा था कि जल्द ही राज्य में 14 वर्ल्ड क्लास सड़कों का निर्माण शुरू होने वाला है.
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हेमंत सोरेन के खतियानी जोहार यात्रा की शुरुआत से ठीक पहले गढ़वा के पूर्व विधायक और भाजपा नेता सत्येंद्र तिवारी ने विवादित बयान दे दिया. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन किस चीज की बधाई लेने निकले हैं. 1932 के खतियान आधारित नियोजन नीति अभी बनी नहीं और वे जोहार यात्रा पर निकल पड़े. इनकी यात्रा है या अंतिम यात्रा है, क्योंकि हेमंत सोरेन की सरकार बहुत जल्द जाने वाली है. सत्येंद्र तिवारी ने कहा कि कुछ लोग मरने से पहले ही अपना श्राद्ध कर लेते हैं. झारखंड सरकार भी वैसे ही लोगों की तरह अपना श्राद्ध करने की शुरुआत कर रही है.
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By Mithilesh Jha
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