नहीं मिल रहा झारखंड को उसका हक, हम भीख नहीं मांगेंगे, छीन कर लेंगे अधिकार : हेमंत सोरेन

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड की बदहाली के लिए केंद्र लरकार पर हमला बोला
रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शनिवार को देवघर में आयोजित एक कार्यक्रम में केंद्र सरकार पर जमकर बरसे. कहा : झारखंड की बदहाली की जिम्मेवार भाजपा की सरकार है. झारखंड के खनिज से दूसरे राज्यों को फायदा पहुंचाया जा रहा है. सारा खनिज बाहर जा रहा है. लेकिन झारखंड के हक का पैसा केंद्र सरकार नहीं दे रही है. इसलिए ऐसा न हो कि यहां की जनता सब कुछ अपने हाथ में ले ले और देश अंधकार में चला जाये.
केंद्र हमारी सहनशीलता और सीधेपन का नाजायज फायदा नहीं उठाये. हम भीख नहीं मांगेंगे, बल्कि छीन कर अपना अधिकार लेंगे. झारखंड के लोग जानते हैं, अधिकार कैसे लिया जाता है. यहां की जनता ने लड़कर अलग राज्य लिया है, अब छिन कर अधिकार भी लेना जानती है.
श्री सोरेन ने कहा कि जब राज्य में भाजपा की सरकार थी, इन लोगों ने डीवीसी को एक पैसा नहीं दिया. अब जब हमारी सरकार बनी, तो झारखंड के हिस्से का पैसा काट लिया. जीएसटी का पैसे देने तक की औकात नहीं है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उक्त बातें देवघर में नगर निगम भवन के उद्घाटन के मौके पर कही. इस दौरान मुख्यमंत्री ने कोरोना संक्रमण काल में अपनी सरकार की उपलब्धियों की चर्चा की.
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में कोरोना के लिए भाजपा जिम्मेवार है. केंद्र की भाजपा सरकार ने कोरोना को हवाई जहाज से यहां तक ढोया है. सात समुंदर पार से उड़कर यह बीमारी आयी है.
जब विश्व में कोरोना का संक्रमण बढ़ रहा था, तो केंद्र की भाजपा सरकार ट्रंप के स्वागत में लगी थी. इसके बाद जो हुआ जनता सब भुगत रही है. देश की अर्थव्यवस्था को इन लोगों ने चौपट कर रखा है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण काल में सबसे अधिक प्रभावित गरीब और मध्यम वर्गीय परिवार हुए हैं. देश के कोने कोने में हमारे यहां के मजदूर काम करते हैं, सभी को वापस लाया गया. अब हमारी सरकार उन सभी के लिए कई स्तर से रोजगार के अवसर पैदा कर रही है.
7.50 लाख लोगों को रोजगार देने का काम कोरोना संक्रमण काल में हुआ है. ये सभी बाहर के मजदूर हैं , जिन्हें काम मिला है. शहर के मजदूरों को भी रोजगार की कमी नहीं होगी. आवेदन दें, रोजगार सरकार मुहैया करायेगी. कोई भी भूखा नहीं रहेगा.
हमारी राज्य की महिलाएं दूसरे राज्यों में बंधक बनाकर रखी गयी थी, सभी को सरकार ने मुक्त करवाया. अब राज्य सरकार ने उनके लिए झारखंड में ही रोजगार का प्लान तैयार कर रही है. अब यहां की महिलाएं रोजगार के बाहर नहीं जायेगी.
उन्होंने अंत में देवघर की जनता से कहा : कोरोना को हल्के में नहीं लें. यह ऐसी बीमारी है जिसका न इलाज है न पहचान है. एक ही इलाज है सोशल डिस्टैंसिंग, मास्क, सैनिटाइजर और हैंड वाशिंग. ये संक्रमण अमीर-गरीब देखकर नहीं आती है. इसलिए सावधानी और सतर्कता बरतें, गाइडलाइन का पालन करें और कोरोना से जंग और झारखंड के विकास में साथ दें.
उन्होंने कहा : केंद्र सरकार की यह अलग तरह की लड़ाई की तैयारी है. कैसे झारखंड की सरकार को कमजोर किया जाये, इस रणनीति पर काम हो रहा है. अब हमारे सामने कोरोना ही नहीं, केंद्र सरकार भी बहुत बड़ी चुनौती है. वे नहीं चाहते कि झारखंड का विकास हो. इसके लिए हमें अलग से लड़ाई लड़नी है. इसकी भी हम तैयारी कर रहे हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा : कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए मजबूरी में बाबा मंदिर को बंद रखना पड़ा है. धीरे-धीरे खोल रहे हैं. हम कोरोना महामारी से लड़ते हुए राज्य को संवार रहे हैं. केंद्र से हमें कोई सहयोग नहीं मिल रहा है. कोरोना से लड़ने के लिए केंद्र सरकार वेंटिलेटर तक उपलब्ध नहीं करवा पा रही है.
posted by : sameer oraon
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By Prabhat Khabar News Desk
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