झारखंड माध्यमिक आचार्य नियुक्ति विवाद अब खंडपीठ के हवाले, JSSC की दलीलों पर एकल पीठ का अंतरिम राहत से इनकार

Published by :Sameer Oraon
Published at :27 Apr 2026 6:56 PM (IST)
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Jharkhand High Court

झारखंड हाईकोर्ट

Jharkhand High Court: झारखंड हाईकोर्ट ने माध्यमिक आचार्य नियुक्ति मामले में अभ्यर्थियों को अंतरिम राहत देने से इंकार कर दिया है. जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने अर्चना कुमारी एवं अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए मामले को पहले से लंबित तालेश्वर महतो की जनहित याचिका के साथ खंडपीठ में भेजने का निर्देश दिया. जेएसएससी ने कोर्ट को बताया कि एक ही प्रकृति के मामले की दो अलग-अलग बेंचों में सुनवाई उचित नहीं है. जानिए, 8 मई को होने वाली पुनर्परीक्षा और आंसर शीट विवाद पर क्या रहा कोर्ट का रुख.

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Jharkhand High Court, रांची, (सतीश सिंह की रिपोर्ट): झारखंड हाईकोर्ट में सोमवार को माध्यमिक आचार्य नियुक्ति से जुड़े विवाद पर महत्वपूर्ण सुनवाई हुई. जस्टिस दीपक रोशन की एकल पीठ ने अर्चना कुमारी एवं अन्य द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान अभ्यर्थियों को किसी भी प्रकार की अंतरिम राहत देने से साफ इंकार कर दिया. अदालत ने मामले की गंभीरता और इससे जुड़े तकनीकी पहलुओं को देखते हुए इसे खंडपीठ (Division Bench) में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया है, जहां इसे इसी मुद्दे से संबंधित ‘तालेश्वर महतो’ की जनहित याचिका के साथ सुना जाएगा.

एक ही प्रकृति के मामले पर JSSC की दलील

सुनवाई के दौरान झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरावाल ने पुरजोर तरीके से अपना पक्ष रखा. उन्होंने अदालत को सूचित किया कि याचिकाकर्ताओं ने जो मुद्दे उठाए हैं, वे पहले से ही तालेश्वर महतो बनाम झारखंड राज्य मामले में विचाराधीन हैं. उन्होंने तर्क दिया कि जब खंडपीठ पहले से इस मामले को देख रही है, तो अलग-अलग अदालतों में एक जैसी सुनवाई असामनता पैदा कर सकती है.

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8 मई की पुनर्परीक्षा और मॉडल आंसर पर विवाद

याचिकाकर्ताओं ने अपनी अर्जी में जेएसएससी को मॉडल आंसर उपलब्ध कराने का निर्देश देने की मांग की थी ताकि वे उन पर वैज्ञानिक आपत्ति दर्ज करा सकें. साथ ही, एक संशोधन याचिका के जरिए 23 अप्रैल 2026 को जारी जेएसएससी के उस नोटिस को भी चुनौती दी गई थी, जिसमें 2819 अभ्यर्थियों को आगामी 8 मई 2026 को पेपर-2 की पुनर्परीक्षा में बैठने का निर्देश दिया गया है. हालांकि, कोर्ट ने फिलहाल इस नोटिस या परीक्षा पर रोक लगाने से मना कर दिया है.

आंसर शीट दिखाने की भी है मांग

उल्लेखनीय है कि इस विवाद में 50 से अधिक अभ्यर्थियों ने हस्तक्षेप याचिका दायर की है. उनकी मुख्य मांग जेएसएससी से ओरिजिनल आंसर शीट दिखाने और मॉडल आंसर के खिलाफ आपत्ति दर्ज करने की सुविधा प्रदान करना है. अब इस पूरे मामले का भविष्य खंडपीठ की सुनवाई पर टिका है.

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Sameer Oraon

लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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