चुनाव के बीच पुलिस ऑब्जर्वर पर कलकत्ता हाईकोर्ट सख्त, आयोग से कहा- TMC की शिकायत पर कार्रवाई करें

Published by :Mithilesh Jha
Published at :27 Apr 2026 9:18 PM (IST)
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Calcutta High Court Election Order West Bengal Election 2026

Calcutta High Court Election Order: कलकत्ता हाई कोर्ट ने निर्वाचन आयोग से दक्षिण 24 परगना के पुलिस पर्यवेक्षक के खिलाफ टीएमसी की शिकायत पर कार्रवाई करने को कहा है. भाजपा उम्मीदवार से गुप्त मुलाकात के आरोपों के बीच कोर्ट का बड़ा आदेश.

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Calcutta High Court Election Order: बंगाल चुनाव 2026 के दूसरे चरण की वोटिंग से ठीक पहले कलकत्ता हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है. अदालत ने निर्वाचन आयोग (ECI) से तृणमूल कांग्रेस (TMC) की उस शिकायत पर गंभीरता से गौर करने को कहा है, जिसमें दक्षिण 24 परगना जिले के एक पुलिस पर्यवेक्षक (Police Observer) पर नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है.

टीएमसी का दावा- पुलिस ऑफिसर ने की ‘सीक्रेट’ मुलाकात

पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी टीएमसी का दावा है कि उक्त अधिकारी ने भाजपा उम्मीदवार से ‘सीक्रेट’ मुलाकात की थी. जस्टिस कृष्ण राव ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आयोग से इस मामले में उचित कार्रवाई करने और याचिकाकर्ता को सूचित करने का निर्देश दिया.

क्या है पूरा मामला? क्या हैं टीएमसी के आरोप?

तृणमूल कांग्रेस ने अदालत में याचिका दायर कर एक पुलिस पर्यवेक्षक की निष्पक्षता पर सवाल उठाये हैं. मगराहट पूर्व, मगराहट पश्चिम, डायमंड हार्बर और फालता विधानसभा क्षेत्रों से संबंधित पुलिस पर्यवेक्षक को तत्काल पद से हटाने की मांग की है. उसका आरोप है कि अधिकारी ने मगराहट पश्चिम से भाजपा उम्मीदवार के साथ निजी और अनौपचारिक बैठक की, जो चुनाव आचार संहिता के खिलाफ है.

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आयोग की आंख और कान हैं अधिकारी : ECI

आयोग की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता डीएस नायडू ने कोर्ट में इन आरोपों को सिरे से खारिज किया. आयोग ने कहा कि पर्यवेक्षक ने डायमंड हार्बर के एक सरकारी टूरिस्ट लॉज के कॉन्फ्रेंस रूम में उम्मीदवार से मुलाकात की थी. यह मुलाकात आधिकारिक थी और इसमें कुछ भी गोपनीय नहीं था.

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Calcutta High Court Election Order: आयोग के वकील ने कोर्ट में दी ये दलील

कोर्ट में चुनाव आयोग के वकील ने दलील दी कि ऑब्जर्वर मैनुअल के अनुसार, पुलिस पर्यवेक्षक आयोग की ‘आंख और कान’ के रूप में काम करता है. उसे जनता और उम्मीदवारों से मिलकर सीधे आयोग को रिपोर्ट देनी होती है. आयोग ने स्पष्ट किया कि भाजपा उम्मीदवार से मुलाकात अन्य लोगों की उपस्थिति में आधिकारिक हैसियत से की गयी थी, न कि व्यक्तिगत रूप से.

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अदालत का फैसला और आगे की राह

जस्टिस कृष्ण राव ने मामले की गंभीरता को देखते हुए निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया है कि वह टीएमसी की शिकायत का निपटारा करे. दक्षिण 24 परगना के इन 4 क्षेत्रों (मगराहट पूर्व, मगराहट पश्चिम, डायमंड हार्बर और फाल्टा) में दूसरे चरण में 29 अप्रैल को मतदान होना है.

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मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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