झारखंड पेयजल घोटाला मामले में ACB ने शुरू की जांच, DGP जल्द कर सकते हैं समीक्षा बैठक

Published by : Sameer Oraon Updated At : 19 Apr 2025 10:20 AM

विज्ञापन

Jharkhand Drinking Water Scam, सांकेतिक तस्वीर

Jharkhand Drinking Water Scam: झारखंड पेयजल घोटाला मामले में एसीबी ने जांच शुरू कर दी है. प्रभात खबर ने इससे संबंधित 6 कड़ियां प्रकाशित कर मामले का खुलासा किया था. सोमवार या मंगलवार को डीजीपी अनुराग गुप्ता इसे लेकर समीक्षा बैठक कर सकते हैं.

विज्ञापन

रांची : झारखंड के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग में 20 करोड़ रुपये से अधिक के गबन से जुड़े मामले की जांच भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने शुरू कर दी है. जांच की जिम्मेदारी डीएसपी रैंक के एक अधिकारी को सौंपी गयी है. सोमवार या मंगलवार को डीजीपी सह एसीबी के चीफ अनुराग गुप्ता इस मामले की समीक्षा कर सकते हैं. समीक्षा के बाद जांच और साक्ष्य संकलन की दिशा में कार्रवाई की जायेगी. एसीबी ने सरकार के निर्देश पर सदर थाने में दर्ज केस को टेकओवर करने के बाद यह जांच शुरू की है.

पेयजल घोटाला मामले में सरकारी कर्मियों की संलिप्तता भी आयी है सामने

पेयजल घोटाला मामले में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और सरकारी धन की हेराफेरी उजागर होने के साथ ही सरकारी कर्मियों की संलिप्तता सामने आयी है. इसे देखते हुए रांची के डीआइजी सह एसएसपी चंदन कुमार सिन्हा ने एसीबी जांच की अनुशंसा की थी. एसीबी ने जांच के लिए विभाग से कई दस्तावेज भी हासिल कर लिये हैं. उल्लेखनीय है कि पूर्व में रोकड़पाल संतोष के खिलाफ सदर थाना में केस दर्ज किया गया था. पुलिस उसे गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज चुकी है.

Also Read: रिम्स निदेशक के पद से हटने के बाद डॉ राजकुमार ने स्वास्थ्य मंत्री पर ये क्या कह दिया, सियासत हुई गर्म

अपने अकाउंट में रख ली थी संतोष ने अपने भुगतान की राशि

जांच में खुलासा हुआ कि विभाग द्वारा कंपनी को किये जाने वाले भुगतान की राशि संतोष ने अपने अकाउंट में रख ली थी. विभागीय स्पष्टीकरण के दौरान संतोष ने बताया कि इस धनराशि से कार्यपालक अभियंता सहित वरिष्ठ अधिकारियों को महंगे उपहार दिये गये थे. इनमें जेवरात, लैपटॉप और मैकबुक शामिल थे. वित्त विभाग की जांच में खुलासा हुआ कि एलएंडटी के नाम पर पांच फर्जी एकाउंट खोले गये थे. साथ ही पैसे के भुगतान के नाम पर मृतक कर्मी के नाम पर पेआईडी खोला गया था.

पेयजल घोटाला मामले में चार ट्रेजरी अफसर को किया जा चुका है निलंबित

लगभग 59 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता के लिए दूसरा फंड कोषागार में ट्रांसफर किया गया था. वित्त विभाग की जांच के दौरान इस पूरे प्रकरण में ट्रेजरी की भी भूमिका सामने आयी है. अब तक इस मामले में चार ट्रेजरी अफसर को निलंबित किया जा चुका है.

Also Read: JEE Main Jharkhand Topper 2025: जेईई मेन का रिजल्ट जारी, जमशेदपुर के आर्यन टॉपर्स लिस्ट में

विज्ञापन
Sameer Oraon

लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola