Jharkhand Coronavirus Update : झारखंड में अब इन लक्षणों के अधार पर होगी संक्रमितों की पहचान, पढ़ें किसे मिलेगा होम आइसोलेशन और किसे वेंटीलेटर्स बेड

झारखंड में कुल पॉजिटिव रोगियों की संख्या 155115 तक बढ़ी है और 1376 मृत्यु हुई है. रांची और जमशेदपुर में कोविड-19 के नये लक्षण की पहचान हुई है. जो कभी-कभी आरटीपीसीआर टेस्ट में नहीं पहचाने जाते हैं. साथ ही साथ राज्य में अत्यधिक सैंपल कलेक्शन के कारण कोविड-19 जांच के रिजल्ट लंबित है. अत: लक्षण को आधार मानकर कोविड-19 संक्रमितों की पहचान की जा सकती है.
Coronavirus Today Update In Jharkhand, 2nd Coronavirus Symptom रांची : झारखंड में अब लक्षण के आधार पर कोविड संक्रमितों की पहचान कर उनका इलाज होगा. स्वास्थ्य सचिव केके सोन ने इस बाबत एक पत्र सभी सभी उपायुक्तों, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य, अधीक्षख, सिविल सर्जन, सभी निजी अस्पतालों के निदेशक, प्रशासक, अधीक्षक तथा सभी अस्पतालों के नोडल अफसर को भेजा है. सचिव ने लिखा है कि हाल के दिनों में कोविड-19 की दूसरी लहर में राज्य में कोविड-19 संक्रमितों की संख्या बढ़ी है.
झारखंड में कुल पॉजिटिव रोगियों की संख्या 155115 तक बढ़ी है और 1376 मृत्यु हुई है. रांची और जमशेदपुर में कोविड-19 के नये लक्षण की पहचान हुई है. जो कभी-कभी आरटीपीसीआर टेस्ट में नहीं पहचाने जाते हैं. साथ ही साथ राज्य में अत्यधिक सैंपल कलेक्शन के कारण कोविड-19 जांच के रिजल्ट लंबित है. अत: लक्षण को आधार मानकर कोविड-19 संक्रमितों की पहचान की जा सकती है.
सचिव ने लिखा है कि विभिन्न स्रोतों से ऐसे अनेक रोगियों के संबंध में जानकारी प्राप्त हो रही है कि जिनकी लैब टेस्ट में कोविड टेस्ट की पुष्टि नहीं हुई, परंतु उपचार करने चिकित्सकों को लक्षणों के आधार पर अथवा एक्स रे, सीटी स्कैन, रक्त जांच आदि अन्य जांचों के आधार पर रोगी कोविड रोग से ही ग्रसित लग रहे हैं यानी इनका प्रीजम्पटिव डायग्नोसिस कोविड-19 है.
वर्तमान में कोविड-19 के लैब रिपोर्ट नहीं प्राप्त होने, निगेटिव रिपोर्ट आने के कारण इस प्रकार के रोगियों को कोविड चिकित्सालयों में उपचार में कठिनाई की सूचना प्राप्त हो रही है. सचिव ने निर्देश दिया है कि प्रीजम्पटिव कोविड-19 डायग्नोसिस वाले रोगियों के उपचार की सुविधा पहले से स्थापित कोविड उपचार केंद्रों पर ही अविलंब उपलब्ध करायी जायेगी.
कोविड-19 पॉजिटिव मरीज के साथ संपर्क
बुखार आना
नाक बहना, कफ, अपर रेसपिरेटरी इंफेक्शन
सिरदर्द, सांस फूलना, आंख आना, दस्त आना
ऑक्सीजन लेबल में 90 प्रतिशत से ज्यादा कमी
रेज्ड डी-डिमर, आइएल6 और सीआरपी
एसिम्पटोमैटिक या माइल्ड सिम्पटमस. बुखार या ऑक्सीजन लेबल 94 प्रतशित से कम होने पर होम आइसोलेशन देना है. कोमिर्बिड होने पर सामान्य बेड पर भर्ती करना है.
सिम्पटोमैटिक मरीज, निमोनिया, अॉक्सीजन लेबल 90 से 94 प्रतिशत हो उन्हें अॉक्सीजन बेड में भर्ती करना है
सिम्पोटमैटिक मरीज गंभीर निमोनिया, आरआर 30 प्रति मिनट से कम, अॉक्सीजन लेबल 90 प्रतिशत कम हो, सांस फूल रहा हो व अन्य कोई गंभीर बीमारी है.
Posted By : Sameer Oraon
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By Prabhat Khabar News Desk
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