झारखंड शिक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, कस्तूरबा विद्यालयों में टेंडर प्रक्रिया की मांगी टाइमलाइन

Published by : Sameer Oraon Updated At : 10 Apr 2026 9:06 PM

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झारखंड शिक्षा परियोजना के निदेशक की तस्वीर, Pic Credit- Facebook

JEPC Jharkhand: झारखंड के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में सामानों की खरीद अब जांच के घेरे में है. नियमों के उल्लंघन की शिकायतों के बाद राज्य शिक्षा परियोजना ने सभी जिलों के DEO और DSE से पिछले दो सालों की टेंडर रिपोर्ट मांगी है. टेंडर क्यों रद्द हुए? पुराने सप्लायर्स से सामान क्यों लिया गया? इन सभी सवालों के जवाब अब जिलाधिकारियों को देने होंगे.

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JEPC Jharkhand, रांची (सुनील झा की रिपोर्ट): झारखंड के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय और बालिका आवासीय विद्यालयों में खाद्य सामग्री व अन्य आवश्यक सामानों की खरीद प्रक्रिया को लेकर राज्य शिक्षा परियोजना ने सख्त रुख अपनाया है. परियोजना के निदेशक ने इस संबंध में सभी जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) और जिला शिक्षा अधीक्षक (DSE) को पत्र जारी कर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है. विभाग का यह कदम उन शिकायतों के बाद आया है, जिनमें खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी और नियमों के उल्लंघन की बात कही गई थी.

दो वित्तीय वर्षों की टेंडर प्रक्रिया का मांगा पूरा ब्योरा

शिक्षा परियोजना ने सभी जिलों को वित्तीय वर्ष 2025-26 और 2026-27 में आयोजित की गई टेंडर प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी देने का निर्देश दिया है. रिपोर्ट में यह स्पष्ट करना होगा कि टेंडर कब जारी किए गए और क्या उन्हें किसी स्तर पर रद्द किया गया था? यदि टेंडर रद्द हुए, तो नियमानुसार दोबारा टेंडर (री-टेंडर) की प्रक्रिया अपनाई गई या नहीं, इसकी पूरी फाइल विभाग ने मांगी है.

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री-टेंडर की विफलता और पुराने सप्लायर्स पर सवाल

परियोजना निदेशक द्वारा जारी निर्देश में सबसे महत्वपूर्ण बिंदु ‘री-टेंडर’ की विफलता से जुड़ा है. जिलों को यह बताना होगा कि यदि री-टेंडर सफल नहीं हुआ, तो उसके पीछे ठोस कारण क्या थे? साथ ही, ऐसी स्थिति में क्या पुराने आपूर्तिकर्ता (Suppliers) से ही सामग्री की आपूर्ति जारी रखी गई? यदि हां, तो क्या इसके लिए सक्षम प्राधिकार (Competent Authority) से आवश्यक अनुमति ली गई थी? इस विवरण के माध्यम से विभाग यह जांचना चाहता है कि कहीं जानबूझकर तो पुराने सप्लायर्स को फायदा नहीं पहुंचाया जा रहा है.

पारदर्शिता के लिए टाइमलाइन अनिवार्य

अब सभी जिलों को टेंडर जारी करने की सटीक तारीख, टेक्निकल बीड (Technical Bid) और फाइनेंशियल बीड (Financial Bid) खोलने की तिथि के साथ-साथ वर्क ऑर्डर जारी करने की पूरी टाइमलाइन देनी होगी. इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि प्रक्रिया में कहीं अनावश्यक देरी या जल्दबाजी तो नहीं की गई.

शिकायतों के बाद विभागीय सख्ती

यह पूरी कवायद उन शिकायतों के आधार पर शुरू हुई है, जिनमें कहा गया था कि कई जिलों में कस्तूरबा विद्यालयों के लिए सामानों की खरीद में निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है. झारखंड शिक्षा परियोजना ने इसे गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट किया है कि यदि रिपोर्ट में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों और आपूर्तिकर्ताओं के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.

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समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.

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