झारखंड इंटर आर्ट्स रिजल्ट 2023: इस साल 1.46 फीसदी कम बच्चे हुए पास, जानें पिछले 5 साल का कैसा रहा रिजल्ट

जैक ने मार्च-अप्रैल में इंटर (आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस) की परीक्षाएं आयोजित की थीं. आर्ट्स की परीक्षा में 94,476 लड़के और 1,31,470 लड़कियां शामिल हुईं थीं. 89,875 लड़के परीक्षा में सफल घोषित किये गये, जबकि लड़कियों की संख्या 1,26,981 रही.
झारखंड बोर्ड में इंटर आर्ट्स का रिजल्ट इस बार पिछले साल की तुलना में करीब डेढ़ फीसदी (1.46 फीसदी) कम रहा. वर्ष 2023 में इंटर आर्ट्स में कुल 95.97 फीसदी विद्यार्थी पास हुए हैं. वर्ष 2022 में यह आंकड़ा इससे करीब डेढ़ फीसदी अधिक यानी 97.43 फीसदी रहा था. अगर पांच साल के परीक्षा परिणामों पर गौर करेंगे, तो झारखंड एकेडमिक काउंसिल की ओर से आयोजित इंटर आर्ट्स में वर्ष 2019 में 79.97 फीसदी स्टूडेंट्स पास घोषित किये गये थे.
2022 में पास हुए सबसे ज्यादा 97.43 फीसदी स्टूडेंट्स
वर्ष 2020 में 82.53 फीसदी विद्यार्थी पास हुए. वर्ष 2021 में 90.71 प्रतिशत स्टूडेंट्स को इंटर आर्ट्स की परीक्षा में सफलता मिली, जबकि वर्ष 2022 में 97.43 फीसदी बच्चे सफल हुए थे. बता दें कि वर्ष 2019 में 1,84,384 बच्चे परीक्षा में बैठे थे और इनमें से 1,47,468 पास हुए थे. वर्ष 2020 में 1,27,532 स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी और 1,05,256 सफल हुए थे. इसी तरह वर्ष 2021 में 2,09,234 बच्चे परीक्षा में बैठे और 1,89,801 ने परीक्षा में सफलता हासिल की.
5 साल में सेकेंड बेस्ट रहा इस साल का रिजल्ट
वर्ष 2022 में कुल 1,84,425 स्टूडेंट्स ने झारखंड में आर्ट्स का इम्तहान दिया था. इनमें से 1,79,683 सफल हुए थे. इस तरह वर्ष 2022 का रिजल्ट पिछले 5 सालों की तुलना में सबसे बढ़िया रहा था. अब वर्ष 2023 का रिजल्ट सेकेंड बेस्ट हो गया है. इस बार की परीक्षा में बेटियों ने शानदार परफॉर्म किया है. इस साल 95.12 फीसदी लड़के पास हुए हैं, जबकि इंटर आर्ट्स में पास करने वाली लड़कियों का आंकड़ा उनसे करीब डेढ़ फीसदी ज्यादा 96.58 फीसदी है.
1,26,981 लड़कियां इस साल हुईं हैं पास
जैक ने मार्च-अप्रैल में इंटर (आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस) की परीक्षाएं आयोजित की थीं. आर्ट्स की परीक्षा में 94,476 लड़के और 1,31,470 लड़कियां शामिल हुईं थीं. 89,875 लड़के परीक्षा में सफल घोषित किये गये, जबकि लड़कियों की संख्या 1,26,981 रही. बता दें कि इस बार जैक बोर्ड में कुल 2,30,788 स्टूडेंट्स ने पंजीकरण करवाया था. इनमें से 2,25,946 बच्चे परीक्षा में बैठे. 2,16,856 स्टूडेट्स अलग-अलग श्रेणी यानी डिवीजन में पास हुए हैं.
1 से 6 रैंक तक सिर्फ एक स्टूडेंट
इंटर आर्ट्स के टॉप-10 में 22 स्टूडेंट्स हैं. इनमें 16 लड़कियां हैं. टॉप-10 में शामिल 22 छात्र-छात्राओं में सामान्य श्रेणी यानी जेनरल कैटेगरी के 14 स्टूडेट्स हैं. बैकवर्ड क्लास और मोस्ट बैकवर्ड क्लास के क्रमश: 5 और 3 स्टूडेंट्स ने टॉप-10 में जगह बनायी है. मेरिट लिस्ट में 1 से 6 तक सिर्फ एक-एक विद्यार्थी हैं. 7वीं रैंक में 4 बच्चों को जगह मिली है.सबसे ज्यादा 6 स्टूडेंट्स को 8वीं रैंक मिली है. 9वीं और 10वीं रैंक में 3-3 स्टूडेंट्स को जगह मिली है. रांची के उर्सुलाइन इंटर कॉलेज और संत अन्ना कॉलेज के अलावा झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय राहे के स्टूडेंट्स ने भी टॉप-10 में जगह सुनिश्चित की है.
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By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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