आदिवासी संगठनों ने निकाला न्याय आक्रोश मार्च, कहा- हेमंत सोरेन को जल्द रिहा करो

Published by : Sameer Oraon Updated At : 14 Mar 2024 9:25 AM

विज्ञापन

‘न्याय आक्रोश मार्च’ के तहत विभिन्न आदिवासी संगठनों ने शहर के अलग-अलग हिस्सों में अपने-अपने तरीके से विरोध-प्रदर्शन किया. इसमें शामिल लोग पारंपरिक वेशभूषा में नगाड़ा और मांदर जैसे वाद्ययंत्रों लेकर पहुंचे थे

विज्ञापन

रांची : राजधानी में बुधवार को विभिन्न आदिवासी संगठनों ने पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी और आदिवासी जमीन की लूट के विरोध में ‘न्याय आक्रोश मार्च’ निकाला. इसमें शामिल लोगों ने आरोप लगाया कि स्वतंत्र एजेंसी इडी का दुरुपयोग करते हुए साजिश के तहत हेमंत सोरेन को जेल भेजा गया है. वहीं, प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने कहा कि वे ‘जनी शिकार’ की तर्ज पर सड़कों पर निकलेंगी और जेल का फाटक तोड़ कर हेमंत सोरेन को रिहा करायेंगी. यह भी कहा कि झारखंड की खनिज संपदा को राज्य से बाहर नहीं जाने दिया जायेगा.

‘न्याय आक्रोश मार्च’ के तहत विभिन्न आदिवासी संगठनों ने शहर के अलग-अलग हिस्सों में अपने-अपने तरीके से विरोध-प्रदर्शन किया. इसमें शामिल लोग पारंपरिक वेशभूषा में नगाड़ा और मांदर जैसे वाद्ययंत्रों लेकर पहुंचे थे. कई लोग तीर-धनुष जैसे पारंपरिक हथियार भी लिये हुए थे. सरना झंडा लेकर चल रहे लोग ‘जेल का फाटक टूटेगा, हेमंत सोरेन छूटेगा…’, ‘हेमंत सोरेन जिंदाबाद…’ जैसे नारे लगा रहे थे. केंद्रीय सरना समिति के अजय तिर्की के नेतृत्व में एक समूह बिरसा समाधि स्थल से लालपुर, अलबर्ट एक्का चौक होते हुए मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका पहुंचा. वहीं, अलबिन लकड़ा के नेतृत्व में मोरहाबादी के सिदो-कान्हू पार्क से बाइक रैली निकाली गयी. कुंदरसी मुंडा के नेतृत्व में एक अन्य गुट ने मोरहाबादी मैदान से रैली निकाली, जो विभिन्न मार्गों से होते हुए वापस मोरहाबादी मैदान में पहुंचकर समाप्त हुई. एचइसी विस्थापित परिवार भी न्याय मार्च में शामिल हुआ.

तानाशाही कर रही केंद्र सरकार

केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष अजय तिर्की ने कहा कि जिस तरह से मात्र आठ एकड़ भुइंहरी जमीन की खरीद-बिक्री के झूठे मामले में हेमंत सोरेन को जेल भेजा गया है, उसे बर्दाश्त नहीं करेंगे. केंद्र सरकार तानाशाही पर चल रही है. उन्हें हेमंत सोरेन जैसा आदिवासी मुख्यमंत्री बर्दाश्त नहीं है. राहुल उरांव ने कहा कि जहां भी विपक्षी दलों की सरकार होती है, केंद्र सरकार इडी लगाकर उसे गिराने की कोशिश करती है.

विज्ञापन
Sameer Oraon

लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola