रांची का सदर अस्पताल बनेगा टेली एसएनसीयू और ई-संजीवनी हब
Published by : KumarVishwat Sen Updated At : 10 Jun 2026 4:49 PM
सदर अस्पताल में इलाज कराते मरीज. फोटो: प्रभात खबर
Ranchi News: रांची का सदर अस्पताल टेली एसएनसीयू और ई-संजीवनी हब के रूप में विकसित किया जाएगा. स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया है. इससे नवजात शिशुओं की निगरानी और दूरदराज के मरीजों को ऑनलाइन विशेषज्ञ परामर्श की सुविधा मिलेगी. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.
रांची से विपिन सिंह की रिपोर्ट
Ranchi News: स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग झारखंड के हेल्थ सेक्टर में डिजिटाइजेशन पर जोर दे रहा है. इसके तहत रांची के सदर अस्पताल को स्टेट लेवल का डिजिटल हब सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा. विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने रांची सदर अस्पताल को टेली एसएनसीयू हब और ई-संजीवनी हब सेंटर के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है. स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी निर्देश के अनुसार वर्तमान में रांची सदर अस्पताल में संचालित टेली रेडियोलॉजी हब तथा टेली आईसीयू हब की सफलता को देखते हुए अब नवजात शिशुओं की गहन चिकित्सा सेवाओं (एसएनसीयू) और ऑनलाइन परामर्श सेवाओं को भी डिजिटल नेटवर्क से जोड़ने की योजना बनाई गई है.
अपर मुख्य सचिव ने सिविल सर्जन को दिया निर्देश
अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने रांची के सिविल सर्जन को निर्देश दिया है कि टेली एसएनसीयू हब और ई-संजीवनी हब की स्थापना से संबंधित विस्तृत प्रस्ताव एक सप्ताह के भीतर विभाग को उपलब्ध कराया जाए, ताकि परियोजना को शीघ्र धरातल पर उतारा जा सके. राज्य सरकार का लक्ष्य है कि झारखंड के नागरिकों को उनके जिले और प्रखंड स्तर पर ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हों.
इमरजेंसी में मिलेगा तत्काल चिकित्सकीय परामर्श
टेली एसएनसीयू हब के माध्यम से राज्य के विभिन्न जिला अस्पतालों एवं स्वास्थ्य संस्थानों में स्थापित एसएनसीयू इकाइयों को रांची से जोड़ा जाएगा. इससे दूरस्थ जिलों में भर्ती गंभीर नवजात शिशुओं की स्थिति की निगरानी विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा ऑनलाइन की जा सकेगी. आवश्यकता पड़ने पर तत्काल चिकित्सकीय परामर्श और उपचार संबंधी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे शिशु मृत्यु दर में कमी लाने में मदद मिलेगी.
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वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए डॉक्टर देंगे परामर्श
साथ ही ई-संजीवनी हब के विकसित होने से राज्य के ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले मरीजों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श प्राप्त करने की सुविधा मिलेगी. इससे मरीजों को बड़े शहरों की यात्रा करने की आवश्यकता कम होगी और समय व धन दोनों की बचत होगी.
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कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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