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सुबह 11-12 बजे सीएम हेमंत सोरेन पहुंच सकते हैं ED कार्यालय, बढ़ायी गयी सुरक्षा

Updated at : 17 Nov 2022 6:38 AM (IST)
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सुबह 11-12 बजे सीएम हेमंत सोरेन पहुंच सकते हैं ED कार्यालय, बढ़ायी गयी सुरक्षा

अवैध खनन मामले में इडी की ओर से जारी समन के आलोक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन 17 नवंबर को पूछताछ के लिए जांच अधिकारी के समक्ष हाजिर होंगे. गुरुवार सुबह 11 बजे सीएम के इडी कार्यालय पहुंचने की संभावना है

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अवैध खनन मामले में इडी की ओर से जारी समन के आलोक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन 17 नवंबर को पूछताछ के लिए जांच अधिकारी के समक्ष हाजिर होंगे. गुरुवार सुबह 11 बजे सीएम के इडी कार्यालय पहुंचने की संभावना है. मुख्यमंत्री को पहली बार एक नवंबर को समन भेज कर तीन नवंबर को पूछताछ के लिए इडी कार्यालय में हाजिर होने का निर्देश दिया गया था. हालांकि उन्होंने हाजिर होने के बदले तीन सप्ताह का समय मांगा. इडी ने इस पर विचार करने के बाद नौ नवंबर को दूसरी बार समन भेज कर 17 नवंबर को हाजिर होने का निर्देश दिया.

इसके बाद मुख्यमंत्री ने 16 नवंबर को ही हाजिर होने का अनुरोध किया. हालांकि इडी ने उनकी मांग को नामंजूर करते हुए उन्हें 17 नवंबर को ही हाजिर होने का निर्देश दिया. उल्लेखनीय है कि साहिबगंज में हुए अवैध खनन मामले में सीएम के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है. ट्रायल कोर्ट में उसकी जमानत याचिका विचाराधीन है. बच्चू यादव व प्रेमप्रकाश को भी जेल भेजा जा चुका है. पंकज मिश्रा पर अवैध खनन व अवैध तरीके से गंगा नदी में स्टीमर चलवा कर नाजायज तरीके से पैसा कमाने और उसे जायज करार देने के लिए लाउंड्रिंग करने का आरोप है.

इडी व राजनीतिक दलों के कार्यालयों की बढ़ी सुरक्षा फोर्स की तैनाती

बिरसा मुंडा एयरपोर्ट िस्थत इडी ऑफिस में सीएम की उपस्थिति के दौरान इडी कार्यालय के समीप प्रदर्शन की संभावना को देखते हुए 1000 अतिरिक्त सुरक्षा बल की तैनाती की गयी है. उसके अलावा विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के प्रधान कार्यालयों में अतिरिक्त सुरक्षा बल को तैनात किया गया है. सुरक्षा बलों में जैप-10, जैप-2, तीन कंपनी रैपिड एक्शन पुलिस तथा जिला बल को लगाया गया है. सुरक्षा बलों को इडी ऑफिस के अलावा भाजपा व आजसू प्रदेश कार्यालय, राजभवन के समीप, मोरहाबादी मैदान में लगाया गया है.

इडी खंगाल चुका है 32 के ठिकाने

इडी ने अवैध खनन मामले में अब तक कुल आठ बार छापा मारा. कुल 32 लोगों के ठिकाने पर हुई छापामारी में 5.34 करोड़ रुपये जब्त किये गये. इसके अलावा 37 बैंक खातों में जमा 11.88 करोड़ रुपये मिले. जबकि अवैध ढंग से चलनेवाले स्टीमर, मां दुर्गा स्टोन, अंबा स्टोन जब्त किया गया. छापामारी के दौरान प्रेम प्रकाश के ठिकानों से दो एके-47 राइफल, 60 गोलियां सहित कुछ दस्तावेज जब्त किये गये.

पीपी के ठिकाने से मिला था मोबाइल :

प्रेम प्रकाश के ठिकाने से कई मोबाइल फोन जब्त किये गये. जब्त किये गये दो फोन में इस्तेमाल किया जानेवाला ‘सिम’ पुनित भार्गव के नाम पर था. पंकज के ठिकानों पर सीएम के बैंक खाते का चेकबुक मिला था. सीए जयशंकर जयपुरियार के ठिकानों से भी मुख्यमंत्री व उनके पारिवारिक सदस्यों और प्रेस सलाहकार से जुड़े दस्तावेज मिले थे.

इडी इस मामले में प्रेस सलाहकार अभिषेक श्रीवास्तव उर्फ पिंटू से पूछताछ कर चुकी है. इसके बाद इडी ने मुख्यमंत्री से पूछताछ के लिए समन भेजा. साहिबगंज जिले में बरहरवा टोल के टेंडर विवाद के सहारे इडी अवैध खनन के मामले तक पहुंची. शंभुनंदन ने बरहरवा थाने में 22 जून 2020 को प्राथमिकी (85/2020) दर्ज करायी थी. इसमें 11 लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया था.

अभियुक्तों की सूची में तपन सिंह, दिलीप शाह, इस्तेखार आलम, पंकज मिश्रा, आलमगीर आलम, तेजस भगत, कुंदन गुप्ता, धनंजय घोष, राजीव रंजन शर्मा, नित्या उर्फ संजय रमानी, टिंकू उर्फ रज्जाक अंसारी व अन्य अज्ञात का नाम शामिल था. प्राथमिकी में यह आरोप लगाया गया था कि अभियुक्तों ने उसे बरहरवा टोल के टेंडर में हिस्सा लेने के लिए टेंडर पेपर खरीदने के बाद धमकी दी. साथ ही टेंडर नहीं डालने को कहा है. शंभुनंदन की शिकायत पर दर्ज प्राथमिकी में आइपीसी की धारा 147,149, 341,342,379,504 और 120बी लगाया गया था.

आइपीसी की धारा 120-बी शिड्यूल ऑफेंस में शामिल है. इसलिए इडी ने इस प्राथमिकी को इसीआइआर के रूप में आठ मार्च 2022 को दर्ज कर मामले की जांच की. जांच में पाया कि बरहरवा पंचायत के अधीन छह टोल है. संबंधित क्षेत्र में वैध या अवैध खनन के सहारे निकाले गये पत्थर,स्टोन चिप्स को मेन रोड तक पहुंचाने के लिए पंचायत के टोल से होकर गुजरना पड़ता है.

पंकज मिश्रा राजनीतिक रसूख का करता था इस्तेमाल :

पंकज मिश्रा के पास एक वैध खदान है. वह अवैध खनन में भी लिप्त था. अवैध खनन को जारी रखने के लिए वह मुख्यमंत्री का विधायक प्रतिनिधि होने के राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल करता था. इसलिए वह और उससे संबंधित लोग यह चाहते थे कि पंचायत के टोल पर उनका कब्जा रहे ताकि अवैध खनन से निकाले गये पत्थर और स्टोन चिप्स को बगैर किसी परेशानी के मेन रोड होते हुए बाहर ले जाया जा सके. प्रारंभिक जांच में मिले इस तथ्य के आधार पर इडी ने अवैध खनन के सहारे मनी लाउंड्रिंग की जांच शुरू की. अब तक की जांच में इडी ने साहिबगंज में अवैध खनन के सहारे 1000 करोड़ रुपये से अधिक के मनी लाउंड्रिंग का अनुमान किया है.

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