Ranchi News : महिला व बच्चों के खिलाफ हुए अपराध में सबसे अधिक लंबित केस हजारीबाग में

Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 07 Mar 2025 12:36 AM

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महिला और बच्चों के खिलाफ अपराध रोकने के लिए हुई समीक्षा, डीजीपी ने दिये निर्देश

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रांची. राज्य में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध की रोकथाम के लिए गुरुवार की शाम डीजीपी अनुराग गुप्ता ने समीक्षा बैठक की. बैठक वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से सभी रेंज डीआइजी और जाेनल आइजी के साथ हुई. इस दौरान दर्ज केस, केस में पुलिस की कार्रवाई, सुपरविजन के लिए लंबित मामले सहित अन्य बिंदुओं पर समीक्षा की गयी. समीक्षा के दौरान पाया गया कि हजारीबाग जिला में दर्ज 40 केस तीन माह से अधिक पुराने हैं, लेकिन इसमें सुपरविजन नहीं हुआ है. मामले में हजारीबाग रेंज डीआइजी को इस बिंदु पर आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया गया. अन्य जिलों में पुलिस की कार्रवाई को संतोषजनक पाया गया. समीक्षा के बाद डीजीपी ने महिला और बच्चों के खिलाफ आपराधिक घटनाओं की रोकथाम के लिए कई निर्देश भी दिये हैं. बैठक के दौरान पुलिस मुख्यालय में एडीजी अभियान डॉ संजय आनंद राव लाठकर, एडीजी प्रशिक्षण एवं आधुनिकीकरण सुमन गुप्ता, रांची जोनल आइजी अखिलेश झा, सीआइडी आइजी असीम विक्रांत मिंज, सीआइडी डीआइजी संध्या रानी मेहता, डीआइजी रेल प्रियदर्शी आलोक सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे. डीजीपी ने समीक्षा के बाद दिये कई निर्देश – सभी एसपी अपने-अपने जिले में महिला कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, कोचिंग संस्था, स्कूल, मॉल सहित अन्य सार्वजनिक स्थल पर हेल्प डेस्क खोलने की दिशा में कार्रवाई करेंगे. – सभी एसपी हेल्पलाइन नंबर और पुलिस कंट्रोल रूम का नंबर सार्वजनिक स्थल, ऑटो रिक्शा, कॉलेज के बाहर सहित अन्य स्थानों पर लिखवाकर इसके बारे में प्रचार- प्रसार करेंगे, ताकि किसी बात की सूचना पुलिस को मिल सके. – सभी जिलों में महिला थाना प्रभारी और महिला पुलिस पदाधिकारी समय- समय पर संस्थान में जाकर महिलाओं से बातचीत कर उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी एकत्र कर कार्रवाई करेंगे. -सभी एसपी महिला अपराध के मामले में पीड़ित पक्ष को मुआवजा दिलाने से संबंधित मामले की समीक्षा कर इसका त्वरित गति से निष्पादन करेंगे. लंबित केस में गिरफ्तारी, कुर्की की कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है. -महिलाओं और बच्चों से जुड़े केस का वैज्ञानिक और तकनीकी पद्धति से अनुसंधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है, ताकि अपराधियों को केस के ट्रायल के दौरान कड़ी से कड़ी सजा मिल सके. – सभी जोनल आइजी और रेंज डीआइजी महिला और बच्चों से जुड़े आपराधिक घटनाओं को लेकर दर्ज केस की समीक्षा माह में एक बार करेंगे और आवश्यक कार्रवाई का निर्देश देंगे.

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