ePaper

Hafizul Ansari: सरकारी नौकरी छोड़ राजनीति में आये हफीजुल हसन अंसारी चौथी बार बने मंत्री

Updated at : 05 Dec 2024 2:01 PM (IST)
विज्ञापन
who is hafizul hasan jharkhand cabinet expansion 2024

राज्यपाल संतोष गंगवार ने पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाने के बाद मंत्री हफीजुल हसन को गुलदस्ता भेंट कर दी शुभकामनाएं.

Hafizul Ansari: मधुपुर के विधायक हफीजुल अंसारी को हेमंत सोरेन कैबिनेट में फिर से मंत्री बनाया गया है. वह सरकारी नौकरी छोड़कर राजनीति में आए थे.

विज्ञापन

Hafizul Ansari| मधुपुर, बलराम : हेमंत सोरेन की कैबिनेट में अल्पसंख्यक समुदाय से 2 मंत्री बनाए गए हैं. डॉ इरफान अंसारी कांग्रेस कोटे से मंत्री बने हैं, तो हफीजुल हुसैन झामुमो कोटे से मंत्री बने हैं. हफीजुल हुसैन इसके पहले भी हेमंत सोरेन की कैबिनेट में मंत्री रह चुके हैं. गुरुवार को उन्होंने फिर से मंत्री पद की शपथ ली.

Hafizul Ansari मधुपुर विधानसभा सीट से 2 बार जीते

झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के कद्दावर दिवंगत नेता हाजी हुसैन अंसारी के सुपुत्र हफीजुल हसन अंसारी मधुपुर विधानसभा क्षेत्र से लगातार दूसरी बार झामुमो के टिकट पर विधायक चुने गये है. पिता हाजी हुसैन अंसारी की कोरोना से मौत के बाद सरकारी नौकरी छोड़कर सक्रिय राजनीति में आ गए.

झारखंड राज्य खनिज निगम में सर्वेयर रहे हैं हफीजुल हसन अंसारी

मधुपुर के श्यामा प्रसाद मुखर्जी उच्च विद्यालय से हफीजुल हसन अंसारी ने मैट्रिक तक की पढ़ाई की. इसके बाद उच्च शिक्षा के लिए वह पटना चले गये. बीआईटी सिंदरी से बीटेक की डिग्री प्राप्त करने के बाद कुछ महने तक झारखंड राज्य खनिज निगम में सर्वेयर के रूप में नौकरी की.

हफीजुल के पिता हाजी हुसैन अंसारी 4 बार रहे मधुपुर के विधायक

हालांकि, जेएमएम के कद्दावर नेता हाजी हुसैन अंसारी के पुत्र हफीजुल हसन अंसारी वर्ष 1995 से साये की तरह अपने पिता के साथ रहे. राजनीति में भी उनकी भागीदारी रही. उनके पिता 1995 से 2020 के बीच 4 बार विधायक निर्वाचित हुए थे. मधुपुर विधानसभा चुनाव में अपने पिता और झामुमो के प्रचार प्रसार की जिम्मेदारी संभालते थे.

कोरोना संक्रमण से हो गई थी हफीजुल के पिता की मौत

हाजी हुसैन अंसारी झारखंड सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री थे. वर्ष 2020 में कोरोना के संक्रमण से उनकी मौत हो गई थी. उस समय हाजी हुसैन अंसारी मधुपुर से विधायक थे. हेमंत सोरेन की कैबिनेट में मंत्री भी थे. उनके निधन के बाद हेमंत सोरेन मंत्रिमंडल में एक पद खाली हो गया.

2021 के उपचुनाव में पहली बार हफीजुल बने मधुपुर के विधायक

मुख्यमंत्री ने हाजी हुसैन अंसारी के बेटे हफीजुल अंसारी को उनकी जगह मंत्री बनाया. कुछ महीने बाद वर्ष 2021 में मधुपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव हुए और हफीजुल हसन अंसारी विधायक बने. उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रत्याशी शिकस्त दी.

हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी के बाद चंपाई सोरेन कैबिनेट में भी मंत्री रहे

कथित जमीन घोटाला मामले में हेमंत सोरेन को जब ईडी ने गिरफ्तार किया, तो महागठबंधन सरकार की कमान चंपाई सोरेन को सौंपी गई. चंपाई सोरेन की कैबिनेट में भी हफीजुल हसन अंसारी मंत्री बनाए गए. जेल से बाहर आने के बाद हेमंत सोरेन फिर से मुख्यमंत्री बने, तो तीसरी बार हफीजुल हसन अंसारी को मंत्री बनाया.

चार भाईयों में सबसे बड़े हैं हफीजुल हसन अंसारी

हफीजुल हसन अंसारी 4 भाई हैं. भाईयों में वह सबसे बड़े हैं. दूसरे भाई का नाम तनवीरुल हसन है. वह मधुपुर में मोटरसाइकिल का शोरूम चलाते हैं. तीसरे भाई शब्बीर अंसारी इंजीनियर हैं. सबसे छोटे भाई एकरामुल हसन झारखंड विधानसभा में काम करते हैं.

Also Read

कैबिनेट विस्तार से पहले क्या बोले हेमंत सोरेन मंत्रिमंडल के संभावित मंत्री, देखें

Hemant Soren Cabinet Expansion: झामुमो-कांग्रेस और आरजेडी के ये 11 विधायक लेंगे मंत्री पद की शपथ, देखें पूरी लिस्ट

कांग्रेस कोटे से इन 4 विधायकों को हेमंत सोरेन कैबिनेट में मिलेगी जगह, RJD से कौन लेगा मंत्री पद की शपथ?

विज्ञापन
Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola