रिम्स डायरेक्टर डॉ. राजकुमार का चैप्टर क्लोज, डॉ. दीपेंद्र कुमार सिन्हा बने नए कार्यकारी निदेशक

Updated:
विज्ञापन

पूर्व डायरेक्टर डॉ राजकुमार और रिम्स की बिल्डिंग

RIMS Director: रांची रिम्स के निदेशक डॉ. राजकुमार का इस्तीफा मंजूर हो गया है. सर्जरी विभाग के डॉ. दीपेंद्र कुमार सिन्हा नए कार्यवाहक निदेशक बने हैं. सीआईडी की 8 घंटे की पूछताछ के बाद डॉ राजकुमार ने इस्तीफा दिया है.

विज्ञापन

रांची से विपिन सिंह की रिपोर्ट

रांची : झारखंड के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान, राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (RIMS) के निदेशक प्रो. डॉ. राजकुमार का इस्तीफा इस्तीफा मंजूर कर लिया गया है. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने गुरुवार दोपहर 3 बजे इसकी आधिकारिक पुष्टि करते हुए अधिसूचना (Notification) जारी कर दी है. साथ ही सरकार ने इस्तीफा मंजूर करने के अगले ही पल रिम्स के नए निदेशक के नाम का भी ऐलान कर दिया है. रिम्स सर्जरी विभाग के प्राध्यापक डॉ. दीपेंद्र कुमार सिन्हा को रिम्स का नया कार्यकारी निदेशक (Acting Director) नियुक्त किया गया है.

नए निदेशक डॉ. दीपेंद्र सिन्हा संभालेंगे कमान

विभाग के अपर सचिव शशि प्रकाश सिंह द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, डॉ. राजकुमार का त्याग-पत्र तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया गया है. इस प्रस्ताव को विभागीय मंत्री-सह-अध्यक्ष (शासी परिषद्) डॉ. इरफान अंसारी ने अपनी मंजूरी दे दी है. संस्थान का कामकाज प्रभावित न हो, इसलिए कार्यकारी व्यवस्था के तहत सर्जरी विभाग के सीनियर प्रोफेसर डॉ. दीपेंद्र कुमार सिन्हा को अगले आदेश तक तत्काल प्रभाव से निदेशक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है.

Also Read: पूर्व सैनिकों को झारखंड सरकार का गिफ्ट: जेलों में कक्षपाल के लिए सीधी भर्ती, हर साल बढ़ेगी 8% सैलरी

इस्तीफे में लिखा- ‘काम करने का पर्याप्त माहौल नहीं मिला’

जानकारी के मुताबिक, डॉ. राजकुमार ने गुरुवार सुबह 10 बजे ही अपना इस्तीफा स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी को भिजवा दिया था और विभाग को मेल भी कर दिया था. पत्र में उन्होंने पद छोड़ने की वजह ‘निजी’ बताई है और अपने गिरते स्वास्थ्य (Health Issues) का हवाला दिया है. डॉ. राजकुमार ने पत्र में इस बात का जिक्र किया कि उन्होंने अपने कार्यकाल में रिम्स की बेहतरी के लिए कई प्रयास किए, लेकिन उन्हें संस्थान में ‘काम करने का पर्याप्त माहौल नहीं मिला’.

CID की पूछताछ के बाद बेहद असहज थे पूर्व निदेशक

राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा है कि इस इस्तीफे की पटकथा एक दिन पहले ही लिखी जा चुकी थी. दरअसल, रिम्स में फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर हुए नामांकन (Fake Certificate Admission Scam) के मामले में सीआईडी (CID) की टीम ने एक दिन पहले ही रिम्स में धावा बोला था. सीआईडी ने रिम्स के एडमिशन ब्लॉक, महत्वपूर्ण फाइलों, टेंडर प्रक्रियाओं और डिजिटल रिकॉर्ड को अपने कब्जे में ले लिया था. इस दौरान जांच एजेंसी ने डायरेक्टर डॉ. राजकुमार, डीन और चिकित्सा अधीक्षक से करीब 7 से 8 घंटे तक तीखे सवाल पूछे थे और जिम्मेदारी तय करने की बात कही थी. इस लंबी पूछताछ के बाद से ही डॉ. राजकुमार बेहद असहज महसूस कर रहे थे, जिसके बाद आज उन्होंने पद से कड़ा किनारा कर लिया.

Also Read: Bokaro: शांतिपूर्ण माहौल में मुहर्रम मनाने का निर्देश, पुलिस ने किया फ्लैग मार्च

विज्ञापन
समीर उरांव

लेखक के बारे में

By समीर उरांव

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola