Political News : जनगणना में सरना धर्म कोड का कॉलम भी रखे सरकार : कांग्रेस

Published by :PRADEEP JAISWAL
Published at :15 May 2025 6:23 PM (IST)
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Political News : जनगणना में सरना धर्म कोड का कॉलम भी रखे सरकार : कांग्रेस

प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के राजू ने कहा कि काफी समय से सरना धर्म कोड की मांग आदिवासी समुदाय द्वारा की जा रही है. आगामी जनगणना में केंद्र सरकार सरना धर्म कोड का कॉलम अवश्य रखे.

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रांची (प्रमुख संवाददाता). प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के राजू ने कहा कि काफी समय से सरना धर्म कोड की मांग आदिवासी समुदाय द्वारा की जा रही है. आगामी जनगणना में केंद्र सरकार सरना धर्म कोड का कॉलम अवश्य रखे. जब तक सरना कोड नहीं मिलता, तब तक हम इसके लिए संघर्ष करेंगे. श्री राजू गुरुवार को कांग्रेस भवन में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे.

मौके पर प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि 11 नवंबर 2020 को विशेष सत्र बुलाकर महागठबंधन की सरकार ने सरना धर्म कोड का प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजा था, लेकिन केंद्र सरकार द्वारा इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया है. अभी जो जनगणना होने वाली है, उसमें से एक कॉलम को कम कर दिया गया है. पूर्व में जनगणना में सात कॉलम होते थे. वर्तमान जनगणना में अतिरिक्त कॉलम जोड़ने की मांग को लेकर 26 मई को राजभवन के समक्ष प्रदर्शन किया जायेगा. सरना कोड जल जंगल जमीन से जुड़े समुदाय की पहचान और अस्तित्व की मांग है. सभी धर्म का अपना कोड है इस तरह आदिवासियों का भी सरना कोड होना चाहिए.

आदिवासी समाज के लिए धर्म कोड हो : कांग्रेस विधायक दल नेता प्रदीप यादव ने कहा कि कांग्रेस के दबाव में केंद्र सरकार ने जातिगत जनगणना का निर्णय लिया है. 2011 की जनगणना में झारखंड, ओडिशा एवं अन्य राज्यों के 50 लाख लोगों ने सरना धर्म कोड लिखा था. नाम कोई हो उससे एतराज नहीं आदिवासी समाज के लिए धर्म कोड होना चाहिए.

सरना धर्म कोड की लड़ाई जारी रहेगी : राजेश कच्छप

कांग्रेस विधायक दल के उप नेता राजेश कच्छप ने कहा कि सड़क से सदन तक सरना कोड की लड़ाई लड़ी. हर राज्य में आदिवासी समुदाय अपनी पहचान के मुद्दे के लिए लगातार मांग उठा रहा है. राहुल गांधी ने वादा किया था कि केंद्र में सरकार बनने पर सरना कोड देंगे, लेकिन हम सत्ता से बाहर हैं. सरना धर्म कोड की लड़ाई जारी रहेगी.

केंद्र सरकार आदिवासियों को पहचान दे : डॉ रामेश्वर

पूर्व वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने कहा कि हमने चुनाव में किये वादे के अनुसार सरना धर्म कोड प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजा है. पूरे देश में आदिवासी समुदाय की संख्या लगभग 10 से 12 करोड़ है. इतनी बड़ी आबादी अपने अस्तित्व के पहचान के लिए जूझ रही है. सरना धर्म कोड आवंटित कर केंद्र सरकार इन्हें पहचान प्रदान करे.

सातवें कॉलम में सरना को जगह मिले : प्रदीप बलमुचु

पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ प्रदीप कुमार बलमुचु ने कहा कि सरना कोड के मुद्दे को पार्टी ने अहम मुद्दा बनाया है. केंद्र की नजर में सिर्फ छह धर्म है. सातवें कॉलम में सरना धर्म कोड या अन्य धर्म का उल्लेख करने की जगह होनी चाहिए. मौके पर राकेश सिन्हा, सतीश पॉल मुंजीनी, सोनाल शांति, जोसाइ मार्डी, जगदीश साहू, रियाज अंसारी मौजूद थे.

सरना कोड प्रकृति पूजकों की पहचान का सवाल : बंधु

कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की ने कहा कि सरना कोड प्रकृति पूजकों की पहचान का सवाल है. सरना कोड झारखंड के आदिवासियों की मांग है. 2019 के चुनाव में अमित शाह ने कहा था कि सरकार बनने पर हम सरना कोड देंगे, लेकिन सरकार बनने के बाद अपना वादा पूरा नहीं किया. सरना धर्म कोड के लिए हम आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे.

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