ईडी रेड मामले में बंगाल के राज्यपाल का नो कॉमेंट, ममता बनर्जी पर बोले- विनाश काले विपरीत बुद्धि

Author Ashish Jha
Updated:
विज्ञापन

Kolkata news: कोलकाता में ईडी की छापेमारी को लेकर सियासी पारा काफी चढ़ गया है. रेड के बीच सीएम ममता बनर्जी के IPAC के दफ्तर से दस्तावेज साथ लेकर निकलने पर बवाल मचा है. पूरे मामले को लेकर TMC और बीजेपी आमने सामने हैं. इस पर अब राज्यपाल सीवी आनंद बोस की भी प्रतिक्रिया सामने आई.

विज्ञापन

Kolkata news:कोलकाता. ईडी की छापेमारी में बाधा देने के प्रसंग पर राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने अप्रत्यक्ष रूप से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर कटाक्ष किया है. उन्होंने कहा कि विनाश काले विपरीत बुद्धि. राज्यपाल मध्यमग्राम विवेक मेला के तीसरे वर्ष के कार्यक्रम का उद्घाटन करने गये थे. कोयला तस्करी मामले की जांच के बीच गुरुवार, 8 जनवरी को ईडी की टीम ने कई जगहों पर छापेमारी की. इसी सिलसिले में कोलकाता स्थित IPAC के घर और ऑफिस पर भी रेड पड़ी. इसकी खबर मिलते ही पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी छापेमारी के बीच ही वहां पहुंच गई. इस दौरान ममता अपने साथ फाइलें लेकर वहां से निकल गईं. इसको लेकर पश्चिम बंगाल में सियासी बवाल मचा है. TMC और बीजेपी आमने-सामने हैं. इस बीच अब पूरे मामले पर पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस की भी प्रतिक्रिया आई है.

विज्ञापन

विनाश काले विपरीत बुद्धि

कार्यक्रम में जब राज्यपाल से सॉल्टलेक स्थित आइ-पैक के ऑफिस में और उसके सह-संस्थापक व निदेशक प्रतीक जैन के कोलकाता स्थित आवास पर छापेमारी के दौरान मुख्यमंत्री के दखल देने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कुछ भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. फिर उन्होंने कहा कि चूंकि मामला कोर्ट में है, इसलिए वह कुछ नहीं कहेंगे. इसके अलावा, इडी के सर्च ऑपरेशन में मुख्यमंत्री के दखल के खिलाफ हाइकोर्ट में मामला दायर किये जाने के बारे में राज्यपाल ने कहा : मैं हाइकोर्ट नहीं हूं. न ही मैं कोई हायर कोर्ट हूं. इसलिए मैं इस मामले पर भी कोई कमेंट नहीं करूंगा. एक राज्यपाल के तौर पर इस घटना के बारे में यही कहूंगा कि विनाश काले विपरीत बुद्धि. कलकत्ता हाइकोर्ट इस मामले को देख रहा है और जो भी कहना होगा, कोर्ट ही कहेगा. उन्होंने आगे कहा, यह पूरी घटना, जिस तरह से मीडिया के जरिए सामने आई है, उसे देखकर मुझे कहना पड़ रहा है – विनाश काले विपरीत बुद्धि.

संवैधानिक विशेषज्ञों से ले रहे सलाह

गवर्नर ने कहा- इसमें कानूनी मुद्दे और संवैधानिक मुद्दे शामिल हैं. इसी आधार पर हमें पीस रूम में कई शिकायतें मिली हैं. आज कलकत्ता हाई कोर्ट के कई वकील विरोध प्रदर्शन के लिए यहां आए, उन्होंने भी अपने विचार रखे हैं. कानूनी राय भी मेरे संज्ञान में लाई गई है. उन्होंने कहा कि पहला किसी लोक सेवक को उसके सार्वजनिक कामों को ठीक से करने से रोकना बीएनएस के तहत एक अपराध है, जिसके लिए जेल और जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है. दूसरा, किसी लोक सेवक को अपना कर्तव्य करने से डराना या धमकाना एक गंभीर अपराध है, जिसके लिए 2 साल की जेल और जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है. तीसरा मुद्दा संवैधानिक और गंभीर है. उन्होंने कहा कि जैसा कि वे दावा करते हैं, इस काम को करके उन्होंने मुख्यमंत्री बने रहने के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन किया है. मैं इस बारे में संवैधानिक विशेषज्ञों से सलाह ले रहा हूं कि क्या करना चाहिए, लेकिन क्योंकि मामला विचाराधीन है इसलिए मैं इस पर कोई फैसला नहीं देना चाहता.

Also Read: Bengal News: लक्ष्मी भंडार योजना पर भाजपा नेता की विवादित टिप्पणी, भड़की टीएमसी

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola