Naxal News: 10 लाख के इनामी अमरजीत यादव समेत झारखंड-बिहार के 5 शीर्ष नक्सलियों ने रांची में किया सरेंडर

हेमंत सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति, नई दिशा से प्रभावित होकर आज 5 नक्सलियों ने सरेंडर कर दिया. सरेंडर करने वालों में 10 और 5 लाख के इनामी नक्सली भी शामिल हैं. झारखंड पुलिस ने आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों का मुख्य धारा में स्वागत किया.
रांची, राजलक्ष्मी. झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति, नई दिशा, झारखंड में सफल होते दिख रही है. हेमंत सरकार की इस नीति से प्रभावित होकर आज पांच कुख्यात इनामी नक्सलियों ने सरेंडर किया. इन नक्सलियों में दो इनामी नक्सली भी शामिल हैं.
सरेंडर करने वाले नक्सलियों में 10 लाख के इनामी, जोनल कमांडर अमरजीत यादव उर्फ टिंगू, 5 लाख के इनामी, सब-जोनल कमांडर सहदेव यादव उर्फ लटन, सब-जोनल कमांडर नीरू यादव उर्फ सलीम, सब-जोनल कमांडर संतोष भुईया उर्फ सुकन और दस्ता सदस्य अशोक बैगा उर्फ अशोक परहिया शामिल हैं.
बता दें कि ये सभी एक लंबे समय से लाल आतंक से ग्रसित थे. चतरा, गया, पलामू, हजारीबाग क्षेत्र का कोलेस्वरी सब जोन माओवादियों का गढ़ माना जाता था, लेकिन अब यहां नक्सल प्रभाव कम होता दिख रहा है. झारखंड पुलिस, सीआरपीएफ के सहयोग से यह संभव हो पाया है. रांची के आईजी एवी वोहरा ने बताया कि इस वर्ष 4 महीने में 4 बार नक्सली और पुलिस आमने सामने हुए थे. अभी कुछ दिनों पहले ही इंदल गंजू ने सरेंडर किया. ऐसे में फिर से 5 माओवादियों ने सरेंडर किया है.
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10 लाख के इनामी नक्सली अमरजीत यादव के ऊपर बिहार-झारखंड में 81 मामले दर्ज, सहदेव यादव के खिलाफ 55 मामले दर्ज हैं. आईजी एवी वोहरा ने बताया कि माओवादियों के परिजनों से लगातार संपर्क साधने का प्रयास किया जा रहा था. उन्हीं के माध्यम से हमने अपनी बात रखी. तब जाकर हमने यह सफलता प्राप्त की है.
इस सरेंडर के साथ ही पुलिस ने कई आधुनिक हथियार भी बरामद किए हैं. पुलिस को दो एके 56 राइफल, एक एसएलआर, एक इंसास रायफल, दो 04 मार्क (.303) रायफल, एक .03 एमएम यूएस रायफल, एक एयरगन, 2 देसी बंदूक, 1 पिस्टल, 1855 जिंदा गोली, 16 वायरलेस सेट मिले. इसके अलावा आईडी बनाने का पाउडर, पोटाश, 23 किलो मानसिल और अन्य सामान बरामद हुए.
10 लाख के इनामी नक्सली अमरजीत यादव ने बताया कि 20 साल पहले इस संगठन से जुड़ना हुआ. मामला जमीन विवाद का था, लेकिन अब बहुत बड़े- बड़े नेता पैसे बाजी में लगे हैं. कोई भी हमें जमीनी स्तर और समर्थन नहीं देता था. वहीं, संगठन की स्थिति काफी खराब हो गई है, इसलिए आत्मसमर्पण किया. वहीं, आत्मसमर्पण कर रहे सभी माओवादियों ने आत्मसर्पण की वजह जमीन विवाद को ही बताया. सबने अन्य माओवादियों से अपील की है कि सभी आत्मसमर्पण कर दें.
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