ePaper

कोयला मंत्री का बड़ा ऐलान- दुर्घटना में मौत पर कोलकर्मियों के आश्रितों को अतिरिक्त 1 करोड़ रुपए मिलेंगे

Updated at : 13 Sep 2025 11:20 AM (IST)
विज्ञापन
Coal Minister ‍B‍ig Aannouncement G Kishan Reddy Meets Hemant Soren JMM

कोयला मंत्री जी किशन रेड्डी ने हेमंत सोरेन से मुलाकात के बाद कोयलाकर्मियों पर की बड़ी घोषणा.

Coal Minister ‍B‍ig Aannouncement: कोयला मंत्रालय ने कोयला आयात कम करके 60 हजार करोड़ रुपए बचाये हैं. हम देशी कोयले का उत्पादन बढ़ाने में लगे हैं. इस कारण बिना विवाद के निजी कंपनियों को कई कोल ब्लॉक दिये गये हैं. इससे उत्पादन भी बढ़ा है. पावर और स्टील सेक्टर में 20-25 दिनों का कोयले का स्टॉक रह रहा है.

विज्ञापन

Coal Minister ‍B‍ig Aannouncement: कोयला खनन में लगे ठेका और स्थायी कर्मियों की दुर्घटना में मौत होने पर आश्रितों को अतिरिक्त एक करोड़ रुपए दिये जायेंगे. अभी ठेका कर्मियों को अधिकतम 40 लाख तथा स्थायी कर्मियों को एक करोड़ रुपए का बीमा मिल रहा है. इसकी शुरुआत 17 सितंबर से होगी. यह घोषणा कोयला एवं खान मंत्री जी किशन रेड्डी ने शुक्रवार को राजधानी में दी.

दुर्घटना रोकने का पूरा प्रयास कर रही है सरकार – रेड्डी

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार दुर्घटना रोकने का पूरा प्रयास कर रही है. इसके बावजूद एक-दो दुर्घटनाएं हो जा रही हैं. 17 सितंबर को विश्वकर्मा दिवस है. प्रधानमंत्री मोदी जी का जन्मदिन भी है. पीएम की इच्छा के अनुसार ही इसी दिन से सभी कोयला कर्मियों के लिए एक यूनिफॉर्म स्कीम लागू कर दी जायेगी. इससे ठेकाकर्मी भी कवर होंगे. इसी दिन से एक्सग्रेसिया 15 लाख रुपए से बढ़ाकर 25 लाख रुपए कर दिया जायेगा. यह वैसे कर्मियों के आश्रितों को मिलता है, जिनका निधन कार्य के दौरान हो जाता है.

  • पीएम मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से होगी लागू होगी घोषणा
  • सभी कोयला कर्मियों के लिए यूनिफॉर्म स्कीम लागू होगी
  • एक्सग्रेसिया 15 लाख से बढ़ाकर 25 लाख रुपए किया जायेगा

Coal Minister ‍B‍ig Aannouncement: 60 हजार करोड़ का कोयला आयात घटाया

मंत्री श्री रेड्डी ने कहा कि मंत्रालय कोयला उत्पादन के मामले में देश को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास कर रहा है. कोयला मंत्रालय ने कोयला आयात कम करके 60 हजार करोड़ रुपए बचाये हैं. हम देशी कोयले का उत्पादन बढ़ाने में लगे हैं. इस कारण बिना विवाद के निजी कंपनियों को कई कोल ब्लॉक दिये गये हैं. इससे उत्पादन भी बढ़ा है. पावर और स्टील सेक्टर में 20-25 दिनों का कोयले का स्टॉक रह रहा है. उत्पादन भी लगातार बढ़ रहा है.

झारखंड की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद बकाया भुगतान पर होगी बात

झारखंड के बकाया भुगतान की मांग पर मंत्री ने कहा कि इस मामले में राज्य सरकार और कोयला कंपनियों ने मिलकर कमेटी बनायी है. उसकी रिपोर्ट अभी नहीं आयी है. रिपोर्ट आने पर भुगतान के मामले में बात होगी. मंत्री ने कहा कि सभी राज्य कोयला कंपनियों को सहयोग कर रहे हैं. केंद्र सरकार सबके साथ समानता का दृष्टिकोण रखती है.

  • कोयला मंत्री के सामने हेमंत सोरेन ने उठाया बकाये और विस्थापितों का मुद्दा
  • खनन कार्य पूर्ण होने पर जमीन रैयत को वापस करने की रखी मांग
  • सीएम ने डीएमएफटी फंड के इस्तेमाल में 25 किमी के दायरे में छूट देने की बात रखी

हेमंत सोरेन ने इन मुद्दों पर मंत्री से की बात

सीएम हेमंत सोरेन से केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी किशन रेड्डी ने मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में मुलाकात की. मौके पर राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ ही कोल मंत्रालय एवं कोल इंडिया की अनुषंगी इकाइयों के अधिकारी भी मौजूद थे. बैठक में कोयला और खनन क्षेत्र की बेहतरी पर चर्चा हुई. सीएम ने कोल माइंस के मुद्दे पर राज्य सरकार का पक्ष रखा. वहीं, केंद्रीय कोयला मंत्री ने कोल खनन परियोजनाओं को लेकर आ रही समस्याओं से सीएम को अवगत कराया.

वार्ता के दौरान ये अधिकारी भी थे मौजूद

मौके पर सीएम ने बकाये और डीएमएफटी मुद्दे पर चर्चा की. सीएम ने कहा कि कोल परियोजनाओं से जो लोग विस्थापित हो रहे हैं, उनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति कैसे दुरुस्त हो, इसका ध्यान रखना होगा. यह काम सिर्फ सीएसआर और डीएमएफटी फंड से नहीं हो सकता है. डीएमएफटी में भी केंद्र सरकार ने परियोजना प्रभावित क्षेत्र के 15 किमी के दायरे में 25 प्रतिशत और 25 किमी तक ही शत-प्रतिशत राशि खर्च करने का प्रावधान किया है.

1.36 लाख करोड़ रुपए बढ़कर हो गये 140 लाख करोड़

उन्होंने कहा कि कई विस्थापित काफी दूर बसने चले जाते हैं. इससे उनको योजना का लाभ नहीं मिल पाता. इसमें संशोधन होना चाहिए. बैठक में कोल कंपनियों द्वारा अधिग्रहित भूमि के मुआवजा समेत कोल कंपनियों के बकाये की बात रखी गयी. कहा गया कि 1.36 लाख करोड़ रुपए का बकाया था, जो आज बढ़कर अब 1.40 लाख करोड़ रुपए हो गया है. इस पर कोल कंपनियों का कहना था कि कितनी भूमि पर कितना बकाया है, यह स्पष्ट नहीं है.

कोयला मंत्री बोले- कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद होगी भुगतान पर चर्चा

इस पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस मामले में राज्य सरकार और कोयला कंपनियों ने मिलकर कमेटी बनायी हुई है. उसकी रिपोर्ट आने पर भुगतान के मामले में बात होगी. सीएम ने कहा कि पहले खनन क्षेत्रों के अस्पतालों में अच्छी व्यवस्था होती थी, पर अब इसमें गिरावट आयी है. अस्पतालों व शैक्षणिक संस्थानों की गुणवत्ता में सुधार की जरूरत है. केंद्र और राज्य सरकार के आपसी सहयोग से ही कोल माइंस से जुड़ी समस्याओं का समाधान संभव है. मौके पर अधिकारियों के बीच हुई बैठक में भी कई अहम विषयों पर सकारात्मक चर्चा हुई.

इसे भी पढ़ें

खनन के बाद वापस की जाए रैयतों की जमीन, केंद्रीय कोयला राज्यमंत्री सतीश चंद्र दुबे से बोले सीएम हेमंत सोरेन

सीएम हेमंत सोरेन ने केंद्रीय कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी को लिखा पत्र, बोले-झारखंड की संस्कृति का हो सम्मान

Hemant Soren: बकाया 1.36 लाख करोड़ के लिए एक्शन में हेमंत सोरेन सरकार, JMM ने भी दी चेतावनी

नीति आयोग से बोले सीएम हेमंत सोरेन, कोयले पर बढ़ायी जाए रॉयल्टी व ग्रीन कार्डधारियों को एफसीआई से मिले राशन

विज्ञापन
Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola