Chaiti Chhath: नहाय खाय के साथ चैती छठ शुरू, कल खरना


Chaiti Chhath: नहाय खाय के साथ चैती छठ का शुभारंभ हो गया है. छठव्रतियों ने नदी-तालाब में स्नान करने के बाद कद्दू भात खाया. कल खरना पूजा के साथ 36 घंटे का निर्जला उपवास शुरू हो जायेगा. 4 अप्रैल को उदयाचलगामी सूर्य को अर्घ्य के साथ चैती छठ का समापन हो जायेगा.
Chaiti Chhath| चैती छठ का चार दिवसीय अनुष्ठान चैत्र शुक्ल चतुर्थी तिथि मंगलवार को नहाय-खाय के साथ आरंभ हो गया. छठ व्रतियों ने स्नान कर घरों में गंगाजल लाकर पूजन करने के बाद अरवा चावल, सेंधा नमक, चने की दाल, लौकी की सब्जी, आंवला की चटनी आदि ग्रहण कर 4 दिवसीय अनुष्ठान का संकल्प लिया.
चैती छठ महापर्व की तिथि
- 01 अप्रैल मंगलवार को नहाय-खाय
- 02 अप्रैल बुधवार को खरना
- 03 अप्रैल गुरुवार को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य
- 04 अप्रैल शुक्रवार को उदयाचलगामी सूर्य को अर्घ्य के साथ चैती छठ महापर्व का समापन
खरना के साथ शुरू होगा 36 घंटे का निर्जला उपवास
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, मंगलवार को आयुष्मान योग में नहाय-खाय के साथ छठ महापर्व का शुभारंभ हुआ. बुधवार को व्रती पूरे दिन निराहार रहकर शाम में खरना पूजा करेंगे. गुड़ से बनी खीर का प्रसाद ग्रहण करेंगे और इसके साथ ही 36 घंटे का निर्जला उपवास शुरू हो जायेगा.
झारखंड की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
4 अप्रैल को संपन्न होगा 4 दिवसीय छठ महापर्व
गुरुवार (3 अप्रैल) को व्रती डूबते सूर्य को अर्घ्य देंगी. शुक्रवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ पारण करके 4 दिवसीय महापर्व का निस्तार किया जायेगा. मान्यता के अनुसार, खरना का प्रसाद ग्रहण करने से काया निरोग रहती है. बौद्धिक क्षमता में वृद्धि होती है.
इसे भी पढ़ें
1 अप्रैल को 44.50 रुपए सस्ता हो गया एलपीजी सिलेंडर, आपके शहर में आज क्या है कीमत, यहां चेक करें
झारखंड में दो ट्रेनों की टक्कर में 2 ड्राइवर जिंदा जले, 5 गंभीर रूप से घायल, देखें Video
आदिवासियों का महापर्व सरहुल शुरू, पाहन ने मछली और केकड़ा पकड़े, शोभायात्रा आज
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए