शहीद कैप्टन करमजीत: इकलौते बेटे के सिर पर सजना था सेहरा, तिरंगे में लिपटा देख बोलीं मां-बोले सो निहाल

एयरपोर्ट पर श्रद्धांजलि देने के बाद शहीद कैप्टन करमजीत सिंह बक्शी के परिजनों से मुलाकात करते राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार
जम्मू के अखनूर में शहीद हुए कैप्टन करमजीत सिंह बक्शी का पार्थिव शरीर रांची लाया गया. झारखंड के राज्यपाल और वित्त मंत्री के अलावा पुलिस और प्रशासन के तमाम अधिकारियों ने श्रद्धांजलि दी. आज हजारीबाग के खिरगांव स्थित मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार किया जाएगा.
रांची/हजारीबाग-जिस इकलौते बेटे के सिर पर सेहरा देखने की तमन्ना थी, उसका पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटा हुआ सामने पड़ा था, पर मां ने आंसू बहाकर अपने बेटे की शहादत को जाया नहीं किया. बेटे को देश पर न्योछावर करनेवाली नीलू बख्शी जैसी मां हो, तो भारत देश का कोई बाल भी बांका नहीं कर सकता. बुधवार शाम बिरसा मुंडा एयपोर्ट परिसर में बनाये गये श्रद्धांजलि स्थल पर जैसे ही नीलू बक्शी अपने बेटे शहीद कैप्टन करमजीत सिंह बक्शी के पार्थिव शरीर के समीप पहुंचीं, उन्होंने भरी हुई आवाज में नारा लगाया, ‘बोले सो निहाल… सत श्री अकाल…’, इसके बाद ‘शहीद करमजीत सिंह अमर रहें…’ और ‘भारत माता की जय…’ के उदघोष से एयरपोर्ट परिसर गूंज उठा. वहीं मां के साथ खड़े पिता सरदार अजिंदर सिंह बक्शी भी अपने बेटे के पार्थिव शरीर को नम आंखों से निहार रहे थे. गुरुवार को हजारीबाग के मुक्तिधाम खिरगांव में पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार किया जायेगा.
सीमा की सुरक्षा करते शहीद हुए कैप्टन करमजीत सिंह बक्शी
हजारीबाग जुलू पार्क निवासी और आर्मी सिख रेजिमेंट के कैप्टन करमजीत सिंह बक्शी देश की सीमा की सुरक्षा करते हुए शहीद हो गये थे. वे जम्मू-कश्मीर के अखनूर में तैनात थे और केरी बाटुल में पेट्रोलिंग के दौरान आतंकवादियों द्वारा लगाये गये आइइडी ब्लास्ट में चपेट में आ गये थे. इस घटना में एक अन्य सैन्यकर्मी भी शहीद हो गया, जबकि एक गंभीर रूप से घायल हुआ है. करमजीत के परिवारवालों को उनकी शहादत की खबर 11 फरवरी की देर शाम जम्मू हेडक्वार्टर से मिली, जिसके बाद हजारीबाग में शोक की लहर दौड़ गयी.
शाम 6 बजे सेना के विशेष विमान से आया पार्थिव शरीर
शहीद कैप्टन करमजीत सिंह बक्शी का पार्थिव शरीर बुधवार शाम 6:00 बजे सेना के विशेष विमान से रांची लाया गया. सेना की सिख रेजिमेंट के पदाधिकारी और जवान साथ थे. यहां बिरसा मुंडा एयरपोर्ट परिसर में ही श्रद्धांजलि स्थल पर शहीद का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया, जहां राज्यपाल संतोष गंगवार ने श्रद्धांजलि अर्पित की. राज्यपाल ने कहा : हमें अपने वीर शहीद पर गर्व है. हम शहीद परिवार के साथ हैं. जब भी उन्हें किसी प्रकार की जरूरत होगी, हम उनकी मदद के लिए तैयार हैं. राज्यपाल शहीद के माता-पिता और परिजनों से भी मिले.
शहादत नहीं जाएगी व्यर्थ-वित्त मंत्री
शहीद को श्रद्धांजलि देने पहुंचे वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि शहीद करमजीत सिंह बक्शी की कुर्बानी व्यर्थ नहीं जायेगी. सरकार शहीद के परिवार के साथ है. वित्त मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री ने भी अपनी ओर से शहीद को श्रद्धांजलि दी है. श्रद्धांजलि सभा में गृह विभाग की प्रधान सचिव वंदना डाडेल, उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री, एसएसपी सहित अन्य अधिकारी और सिख रेजिमेंट के अधिकारी व जवान उपस्थित थे. समारोह के बाद पार्थिव शरीर को रामगढ़ कैंट और उसके बाद हजारीबाग ले जाया गया.
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लेखक के बारे में
By Guru Swarup Mishra
मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.
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