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ATS investigation Jharkhand: जांच में बड़ा खुलासा, झारखंड मॉड्यूल के आतंकी रच रहे थे बड़े नेता की हत्या की साजिश

Updated at : 15 May 2025 11:38 AM (IST)
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Jharkhand ATS

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ATS investigation Jharkhand: झारखंड के धनबाद से गिरफ्तार प्रतिबंधित संगठन के आतंकियों के मोबाइल फोन से डिजिटल डाटा रिकवर किया गया. इसमें एटीएस के सामने एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. रिकवर डाटा से एक दक्षिणपंथी नेता के हत्या की साजिश से जुड़े साक्ष्य मिले हैं.

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ATS investigation Jharkhand: धनबाद से गिरफ्तार प्रतिबंधित आतंकी संगठन हिज्ब उत तहरीर के झारखंड मॉड्यूल के आतंकियों ने दक्षिणपंथ से जुड़े एक बड़े नेता की हत्या की साजिश रची थी. इसे अंजाम देने के लिए उन्होंने मुंगेर से हथियार खरीदे थे. जानकारी के अनुसार, एटीएस के अधिकारियों को उक्त जानकारी केस की जांच करते वक्त मिली. जांच के दौरान एटीएस को आरोपियों के मोबाइल फोन से रिकवर डिजिटल डाटा से इससे जुड़े सबूत मिले हैं.

मोबाइल फोन से रिकवर किया गया डाटा

बता दें कि मोबाइल फोन से साक्ष्य मिले है कि मुंगेर के हथियार सप्लायर से उक्त नेता की हत्या के लिए हथियार और गोली खरीदे गये थे. हथियार खरीदने के लिए एक फोटो भी ह्वाट्सऐप के जरिये भेजा गया था. इसके बाद हथियार की डिलीवरी हुई थी. फिलहाल, एटीएस के अधिकारी हत्या को अंजाम देने के लिए बनायी गयी योजना से जुड़े अन्य साक्ष्य की तलाश कर रहे हैं.

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एटीएस ने की थी छापेमारी और गिरफ्तारी

मामले के संबंध में एटीएस को पूर्व में सूचना मिली थी कि हिज्ब उत तहरीर के आतंकी राज्य के कुछ युवकों को अपने नेटवर्क से जोड़कर सोशल मीडिया और अन्य माध्यम से गुमराह कर रहे हैं. इसके अलावा अवैध आर्म्स का व्यापार तथा राष्ट्र विरोधी गतिविधियों का संचालन कर रहे हैं. इस सूचना पर एटीएस ने 26 अप्रैल को धनबाद जिला के विभिन्न स्थानों में छापेमारी की थी. इस दौरान एटीएस ने प्रतिबंधित संगठन से जुड़े गुलफाम हसन, अयान जावेद, मो शहजाद आलम एवं शबनम परवीन को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी के दौरान इनके पास से हथियार, गोली, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और भारी मात्रा में प्रतिबंधित संगठन से जुड़े दस्तावेज/पुस्तकें बरामद किये गये थे.

एटीएस ने 30 अप्रैल को चारों आतंकियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी. इसके बाद एक अन्य संदिग्ध आतंकी अम्मार याशर को गिरफ्तार किया गया था, जो भूली ओपी क्षेत्र के शमशेर नगर का रहनेवाला था. वह पूर्व में इंडियन मुजाहिद्दीन आतंकी संगठन से जुड़ा था. इसे 2014 में जोधपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी के बाद यह 10 सालों तक जेल में रहने के बाद मई 2024 में जमानत पर छूटा था.

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Rupali Das

लेखक के बारे में

By Rupali Das

नमस्कार! मैं रुपाली दास, एक समर्पित पत्रकार हूं. एक साल से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. वर्तमान में प्रभात खबर में कार्यरत हूं. यहां झारखंड राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण सामाजिक, राजनीतिक और जन सरोकार के मुद्दों पर आधारित खबरें लिखती हूं. इससे पहले दूरदर्शन, हिंदुस्तान, द फॉलोअप सहित अन्य प्रतिष्ठित समाचार माध्यमों के साथ भी काम करने का अनुभव है.

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