अलका तिवारी ने झारखंड की पहली महिला राज्य निर्वाचन आयुक्त का पदभार संभाला, पति डीके तिवारी के बाद बनीं 8वीं SEC

राज्य निर्वाचन आयुक्त कार्यालय में कार्यभार संभालतीं पहली महिला एसईसी अलका तिवारी.
Alka Tiwari Assumes Office of SEC Jharkhand: झारखंड कैडर की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अलका तिवारी ने 8वें राज्य निर्वाचन आयुक्त के रूप में कार्यभार संभाल लिया है. विजयदशमी के दिन 2 अक्टूबर को उन्होंने कार्यभार संभाला. इस पद पर नियुक्त की जाने वाली वह पहली महिला अधिकारी हैं. इससे पहले उनके पति डॉ डीके तिवारी इस पद पर थे. डॉ तिवारी भी झारखंड के मुख्य सचिव रह चुके हैं.
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Alka Tiwari Assumes Office of SEC Jharkhand: झारखंड की रिटायर्ड मुख्य सचिव अलका तिवारी ने राज्य के 8वें राज्य निर्वाचन आयुक्त (State Election Commissioner) के रूप पदभार संभाल लिया है. उन्होंने विजयदशमी के दिन 2 अक्टूबर 2025 को राजधानी रांची के रातू रोड स्थित राज्य निर्वाचन आयुक्त (SEC) कार्यालय में पदभार ग्रहण किया. इसके पहले उनके पति और झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव डीके तिवारी राज्य निर्वाचन आयुक्त थे. डीके तिवारी ने 12 फरवरी 2021 को पदभार संभाला था और 13 अगस्त 2024 तक इस पद पर रहे. इसके बाद से यह पद रिक्त था.
30 सितंबर को मुख्य सचिव के पद से हुईं रिटायर
अलका तिवारी 30 सितंबर को झारखंड के मुख्य सचिव के पद से रिटायर हुईं थीं. उनके विदाई समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत तमाम वरीय पदाधिकारी मौजूद थे. मुख्यमंत्री ने उसी दिन घोषणा कर दी थी कि अलका तिवारी के अनुभव का ला आने वाले दिनों में राज्य निर्वाचन आयुक्त के रूप में लिया जायेगा.
1 अक्टूबर को राज्य निर्वाचन आयुक्त के पद पर हुई नियुक्ति
मुख्यमंत्री की इस घोषणा के अगले ही दिन यानी 1 अक्टूबर 2025 को अलका तिवारी को झारखंड को राज्य निर्वाचन आयुक्त नियुक्त किये जाने की अधिसूचना जारी कर दी गयी. अलका तिवारी 1988 बैच की झारखंड कैडर की भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) की अधिकारी हैं. उन्होंने झारखंड में विभिन्न पदों पर योगदान दिया है. उनके पति डीके तिवारी भी झारखंड के मुख्य सचिव और राज्य निर्वाचन आयुक्त रह चुके हैं.
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2 अक्टूबर को अलका तिवारी ने संभाला SEC का पद
अलका तिवारी से पहले झारखंड को 7 राज्य निर्वाचन आयुक्त मिले. सबसे पहले बी लाल वर्ष 2001 में इस पद पर नियुक्त किये गये थे. वह वर्ष 2004 तक इस पद पर रहे. इसके बाद क्रमश: जी कृष्णन, एमके मंडल, एसडी शर्मा, शिव बसंत, एनएन पांडेय और डॉ डीके तिवारी राज्य निर्वाचन आयुक्त बनाये गये.
पहली महिला आईएएस हैं, जो झारखंड में राज्य निर्वाचन आयुक्त बनीं हैं
अब अलका तिवारी को 4 साल तक इस पद पर काम करने का मौका मिलेगा, क्योंकि उनका कार्यकाल 4 साल तय किया गया है. हालांकि, अगर इससे पहले उनकी उम्र 65 साल हो जाती है, तो उन्हें उसी वक्त यह पद छोड़ देना पड़ेगा. अलका तिवारी पहली महिला आईएएस अधिकारी हैं, जिन्हें झारखंड का राज्य निर्वाचन आयुक्त बनाया गया है.
झारखंड के अब तक के राज्य निर्वाचन आयुक्त
| झारखंड के अब तक के राज्य निर्वाचन आयुक्तों के नाम | राज्य निर्वाचन आयुक्त के पदभार संभालने की तारीख | रिटायर होने या पदभार छोड़ने की तारीख |
|---|---|---|
| बी लाल | 14.05.2001 | 15.05.2004 |
| जी कृष्णन | 01.10.2004 | 12.12.2006 |
| एमके मंडल | 15.05.2007 | 15.05.2010 |
| एसडी शर्मा | 16.05.2010 | 14.07.2013 |
| शिव बसंत | 11.02.2014 | 07.07.2016 |
| एनएन पांडेय | 16.06.2017 | 15.06.2020 |
| डॉ डीके तिवारी | 12.02.2021 | 11.02.2024 |
| अलका तिवारी | 02.10.2025 |
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By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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