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जेपीएससी नियुक्ति घोटाला : सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआइ को जांच का निर्देश दिया

Updated at : 28 Jan 2017 7:24 AM (IST)
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जेपीएससी नियुक्ति घोटाला : सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआइ को जांच का निर्देश दिया

रांची : सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआइ को जेपीएससी नियुक्ति घोटाले की जांच करने का निर्देश दिया है. न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा व न्यायमूर्ति डीवाइ चंद्रचूड़ की खंडपीठ में सरकार की ओर से दायर पुनर्विचार याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई हुई. राज्य सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल रंजीत कुमार व अधिवक्ता अजीत सिन्हा ने कहा कि […]

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रांची : सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआइ को जेपीएससी नियुक्ति घोटाले की जांच करने का निर्देश दिया है. न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा व न्यायमूर्ति डीवाइ चंद्रचूड़ की खंडपीठ में सरकार की ओर से दायर पुनर्विचार याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई हुई. राज्य सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल रंजीत कुमार व अधिवक्ता अजीत सिन्हा ने कहा कि जुलाई 2014 में सुप्रीम कोर्ट की ओर से दिये गये निर्देश में तकनीकी खामियां हैं. इसलिए अदालत अपने फैसले पर पुनर्विचार करे और नियुक्ति घोटाले की सीबीआइ जांच की अनुमति प्रदान करे. खंडपीठ ने याचिका पर सुनवाई के बाद निर्देश दिया कि सीबीआइ जांच जारी रखे. खंडपीठ ने हाइकोर्ट की ओर से जांच की मॉनिटरिंग किये जाने को प्रतिबंधित कर दिया.
प्रभावित हुई थी मामलों की जांच : जेपीएससी नियुक्ति घोटाले से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान हाइकोर्ट ने नियुक्त अफसरों को काम नहीं करने और वेतन नहीं देने पर रोक लगा दी थी. इसके बाद प्रभावित अफसरों ने 2014 में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. याचिका पर सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने 11 जुलाई 2014 को इन अधिकारियों को काम पर वापस लेने व वेतन देने का निर्देश सरकार को दिया था.
कहा था कि अदालत इस मामले में सीबीआइ जांच के पक्ष में नहीं है. सुप्रीम कोर्ट के इस निर्देश से जेपीएससी नियुक्ति घोटाले में दर्ज 12 मामलों में तीन महत्वपूर्ण मामलों की जांच प्रभावित हो गयी थी. इनमें प्रथम जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा (64 पद), द्वितीय जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा (172 पद) और लेक्चरर नियुक्ति परीक्षा (750 पद) शामिल हैं. इन परीक्षाओं में भी गड़बड़ी के मामले सामने आये हैं.
न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा व न्यायमूर्ति डीवाइ चंद्रचूड़ की खंडपीठ ने की सुनवाई
प्रभावित पक्ष की ओर से कपिल सिब्बल व अन्य वरीय अधिवक्ताओं ने दी दलील
सरकार और सीबीआइ ने दायर की थी याचिका : सुप्रीम कोर्ट के 2014 के आदेश पर पुनर्विचार के लिए राज्य सरकार ने याचिका दायर की गयी. सीबीआइ ने भी हस्तक्षेप याचिका दायर कर अदालत से जानना चाहा था कि वह इस मामले की जांच करे या नहीं.
इन मामलों की जांच अभी बाकी है
प्रथम जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा (64 पद), द्वितीय जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा (172 पद) और लेक्चरर नियुक्ति परीक्षा (750 पद).
हाइकोर्ट पहुंचा था मामला
राष्ट्रपति शासन के दौरान जेपीएससी नियुक्ति घोटाले की जांच निगरानी से कराने का फैसला किया गया था. इसके बाद इस मामले में हाइकोर्ट में याचिका दाखिल करजेपीएससी घोटाले की सीबीआइ से जांच कराने की मांग की गयी थी. हाइकोर्ट के आदेश के बाद सीबीआइ ने मामले की जांच शुरू की थी.
सीबीआइ में कुल 12 मामले दर्ज
हाइकोर्ट के निर्देश पर सीबीआइ ने जेपीएससी नियुक्ति घोटाले में कुल 12 मामले दर्ज किये थे. इनमें से नौ की जांच सीबीआइ ने पूरी कर ली थी. लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के कारण तीन मामलों की जांच प्रभावित हो गयी थी.
क्या-क्या गड़बड़ी
प्रथम व द्वितीय जेपीएससी में आयोग के अधिकारियों और राजनीतिज्ञों के परिजनों व रिश्तेदारों को गलत तरीके से नियुक्त िकया गया
इन लोगों को जबरन ज्यादा अंक देकर नियुक्ति योग्य करार दिया गया
साक्षात्कार में शामिल विशेषज्ञों से सादे प्रपत्र पर हस्ताक्षर करा कर परीक्षार्थियों को मनमाने तरीके से अंक दिये गये थे
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