चुटिया दुष्कर्म मामला : आरोपी को पुलिस ने भेजा जेल
Updated at : 23 Dec 2014 5:38 AM (IST)
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रांची : चुटिया पुलिस ने दुष्कर्म के बाद युवती की हत्या के मामले में रंजीत कुमार वर्णवाल उर्फ बाबू को सोमवार को जेल भेज दिया. रामलखन सिंह यादव के छात्र बाबू ने अपने बयान में पुलिस को बताया कि चार पांच माह पहले युवती से मिस्ड कॉल के जरिये पहचान हुई थी, जिसके बाद दोनों […]
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रांची : चुटिया पुलिस ने दुष्कर्म के बाद युवती की हत्या के मामले में रंजीत कुमार वर्णवाल उर्फ बाबू को सोमवार को जेल भेज दिया. रामलखन सिंह यादव के छात्र बाबू ने अपने बयान में पुलिस को बताया कि चार पांच माह पहले युवती से मिस्ड कॉल के जरिये पहचान हुई थी, जिसके बाद दोनों एक दूसरे से प्यार करने लगे थे.
रंजीत ने पुलिस को बताया कि हमलोग हमेशा विभिन्न स्थानों पर घूमने जाने लगे. वह घर से बहाना बना कर निकलती थी. सिदो-कान्हू, नक्षत्र वन व ओरमांझी जैविक उद्यान समेत कई स्थानों पर हमलोग घूमने जाते थे. रंजीत ने कहा: युवती को उसने एक सेलफोन भी गिफ्ट किया था. उसी से हमारी बात होती थी. युवती ने अपने फोन में बाबू के नाम से उसका नंबर सेव किया था. रंजीत ने बताया कि जब उसके घरवालों को पता चला, तब से उस पर नजर रखी जाने लगी थी. उसके बाद बात कम होने लगी, लेकिन वह चोरी छिपे कॉल करती थी और हमलोग बातें किया करते थे.
16 अक्तूबर को दोनों पटना गये थे
रंजीत ने बताया कि हमलोग शादी करना चाहते थे. 16 अक्तूबर 2014 को हटिया-पटना ट्रेन से घूमने के लिए पटना चले गये थे. 17 अक्तूबर को पटना में रहे और हमलोग 18 अक्तूबर को रांची आ गये. इसकी जानकारी उसके परिजनों को हुई थी. उसके बाद उसके परिजनों ने उस पर नजर रखना शुरू कर दिया. रंजीत के अनुसार उसके बाद वह जब भी फोन करता था, तो उसके परिजन ही उठाते थे. बाद में उसने घर वालों से नजर बचा कर फोन किया. रंजीत ने बताया कि कुछ दिन बाद हम अपने घर चकाई (जमुई) चला गया था. वह 16 दिसंबर को रांची लौटा. वह चुटिया में किराये के मकान में रहता था.
मुङो फांसी या उम्र कैद करा दें
रंजीत ने पुलिस को बताया कि घटना के दिन वे लोग शाम 5.45 बजे मिले थे. वहां दोनों ने कुछ देर तक बात की और दोनों अपने-अपने घर चले गये थे. उसने बताया कि युवती घटनास्थल तक कैसे गयी, इसकी जानकारी उसे नहीं है. उसने कहा कि इस घटना में उसका कोई हाथ नहीं है. उसने पुलिस से गुहार लगायी कि मुङो फांसी दे दें या उम्र कैद करवा दें, लेकिन जल्दी घर भेज दें.
तीन सिम कार्ड तोड़ कर फेंक दिया था
उसने बताया कि घटना के बाद वह अपने घर जमुई बिना टिकट लिए ट्रेन से भाग गया था. उसके पास एक कंपनी के दो सिम थे. पहला सिम उसने बोकारो में तोड़ कर फेंका था. बाद में दूसरा व तीसरा सिम भी तोड़ कर फेंक दिया था.
चार भाइयों में छोटा है रंजीत
रंजीत चार भाइयों में सबसे छोटा है. वह छोटा-मोटा काम कर करता है. उसके पिता छोटा-मोटा व्यवसाय करते हैं, जिससे उनका घर चलता है.
सिम कार्ड तोड़ कर फेंकना व घटना के बाद भाग जाना, बाबू को घटना का मुख्य आरोपी के ओर इशारा कर रहा है. इसके बावजूद पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. कुछ और साक्ष्य मिलने के बाद एक दो दिन में इस मामले का खुलासा हो जायेगा.
प्रभात कुमार, एसएसपी रांची
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By Prabhat Khabar Digital Desk
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